छत्तीसगढ़ में बड़ा घोटाला, 1.5 करोड़ की 92 टन गैस हुई चोरी, सुरक्षा करने वाला ही निकला मास्टरमाइंड

रायपुर (छ.ग.)

By Rohit.P
On

छत्तीसगढ़ में 1.5 करोड़ रुपये की 92 टन LPG गैस घोटाले का खुलासा। जिला खाद्य अधिकारी समेत तीन गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज और साजिश की जांच जारी।

छत्तीसगढ़ में एलपीजी गैस में हुए बड़े घोटाले ने प्रशासनिक विभाग में खलबली मचा दी है। यह मामला करीब 1.5 करोड़ रुपये की 92 टन एलपीजी गैस के कथित अवैध निपटान से जुड़ा है, जिसमें जिला खाद्य अधिकारी (DFO) अजय यादव मुख्य आरोपी हैं। पुलिस ने इस मामले में अजय यादव के साथ गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर और रायपुर के निवासी मनीष चौधरी को भी गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, यह सारा खेल कुछ दिनों से काफी योजनाबद्ध तरीके से चल रहा था, और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्य सिस्टम की निगरानी पर सवाल उठाते हैं।

पुलिस सूत्रों और शुरुआती जांच के हिसाब से यह मामला दिसंबर 2025 में जब्त किए गए छह एलपीजी टैंकरों से जुड़ा है, जिन्हें आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करते वक्त रोका गया था। बताया गया है कि 23 मार्च को अजय यादव और उनके साथियों ने इस गैस को बाजार में बेचने की योजना बनाई। गर्मी के बहाने सुरक्षा कारणों से इन टैंकरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की अनुमति कोर्ट से ली गई और 30 मार्च को इन्हें ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सौंप दिया गया। लेकिन यहीं से सारा मामला बदल गया। आरोप लग रहा है कि मात्र एक हफ्ते के भीतर इन टैंकरों से लगभग 92 मीट्रिक टन गैस संदिग्ध तरीके से निकालकर उसे अवैध रूप से बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम में दस्तावेजों में हेराफेरी और रिकॉर्ड में गड़बड़ियों की बात भी सामने आई है, जिससे जांच टीम को शक और गहरा हुआ।

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने मामले को दबाने के लिए फर्जी वजन रिकॉर्ड और जाली पंचनामा तैयार किए थे। ये देखना चौंकाने वाला है कि कई दस्तावेज कथित तौर पर उस समय के पहले ही तैयार कर लिए गए थे, जब टैंकरों का वास्तविक वजन नहीं हुआ था। शुरुआत में इसे गैस लीकेज का मामला दिखाने की कोशिश भी की गई, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। कॉल डिटेल्स, डिजिटल रिकॉर्ड और वैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर पुलिस ने करीब 40 सदस्यीय टीम बनाकर इस पूरे नेटवर्क की जांच की, जिसके बाद इस रैकेटका खुलासा हुआ। आरोप है कि इस डील में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव की करीब 50 लाख रुपये की अवैध कमाई होने वाली थी। फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में और लोग शामिल थे और क्या इससे पहले भी ऐसी गतिविधियां हुई थीं।

इस मामले के उजागर होने के बाद प्रशासनिक सिस्टम में गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में एलपीजी गैस की हेराफेरी कैसे हुई और निगरानी व्यवस्था में कहां कमी रह गई। जांच अभी चल रही है और अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
13 May 2026 By Rohit.P

छत्तीसगढ़ में बड़ा घोटाला, 1.5 करोड़ की 92 टन गैस हुई चोरी, सुरक्षा करने वाला ही निकला मास्टरमाइंड

रायपुर (छ.ग.)

छत्तीसगढ़ में एलपीजी गैस में हुए बड़े घोटाले ने प्रशासनिक विभाग में खलबली मचा दी है। यह मामला करीब 1.5 करोड़ रुपये की 92 टन एलपीजी गैस के कथित अवैध निपटान से जुड़ा है, जिसमें जिला खाद्य अधिकारी (DFO) अजय यादव मुख्य आरोपी हैं। पुलिस ने इस मामले में अजय यादव के साथ गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर और रायपुर के निवासी मनीष चौधरी को भी गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, यह सारा खेल कुछ दिनों से काफी योजनाबद्ध तरीके से चल रहा था, और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्य सिस्टम की निगरानी पर सवाल उठाते हैं।

पुलिस सूत्रों और शुरुआती जांच के हिसाब से यह मामला दिसंबर 2025 में जब्त किए गए छह एलपीजी टैंकरों से जुड़ा है, जिन्हें आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करते वक्त रोका गया था। बताया गया है कि 23 मार्च को अजय यादव और उनके साथियों ने इस गैस को बाजार में बेचने की योजना बनाई। गर्मी के बहाने सुरक्षा कारणों से इन टैंकरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की अनुमति कोर्ट से ली गई और 30 मार्च को इन्हें ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सौंप दिया गया। लेकिन यहीं से सारा मामला बदल गया। आरोप लग रहा है कि मात्र एक हफ्ते के भीतर इन टैंकरों से लगभग 92 मीट्रिक टन गैस संदिग्ध तरीके से निकालकर उसे अवैध रूप से बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम में दस्तावेजों में हेराफेरी और रिकॉर्ड में गड़बड़ियों की बात भी सामने आई है, जिससे जांच टीम को शक और गहरा हुआ।

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने मामले को दबाने के लिए फर्जी वजन रिकॉर्ड और जाली पंचनामा तैयार किए थे। ये देखना चौंकाने वाला है कि कई दस्तावेज कथित तौर पर उस समय के पहले ही तैयार कर लिए गए थे, जब टैंकरों का वास्तविक वजन नहीं हुआ था। शुरुआत में इसे गैस लीकेज का मामला दिखाने की कोशिश भी की गई, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। कॉल डिटेल्स, डिजिटल रिकॉर्ड और वैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर पुलिस ने करीब 40 सदस्यीय टीम बनाकर इस पूरे नेटवर्क की जांच की, जिसके बाद इस रैकेटका खुलासा हुआ। आरोप है कि इस डील में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव की करीब 50 लाख रुपये की अवैध कमाई होने वाली थी। फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में और लोग शामिल थे और क्या इससे पहले भी ऐसी गतिविधियां हुई थीं।

इस मामले के उजागर होने के बाद प्रशासनिक सिस्टम में गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में एलपीजी गैस की हेराफेरी कैसे हुई और निगरानी व्यवस्था में कहां कमी रह गई। जांच अभी चल रही है और अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-scam-in-chhattisgarh-92-tonnes-of-gas-worth-rs/article-53265

खबरें और भी हैं

दहेज में बुलेट और 2 लाख नहीं मिले, तो शादी छोड़ बारात लेकर भागा दूल्हा

टाप न्यूज

दहेज में बुलेट और 2 लाख नहीं मिले, तो शादी छोड़ बारात लेकर भागा दूल्हा

टीकमगढ़ में दहेज में 2 लाख और बुलेट की मांग पूरी नहीं होने पर दूल्हा अधूरी रस्में छोड़ बारात लेकर...
राज्य  मध्य प्रदेश 
दहेज में बुलेट और 2 लाख नहीं मिले, तो शादी छोड़ बारात लेकर भागा दूल्हा

गर्मी में रामबाण घरेलू ड्रिंक: किशमिश-सौंफ पानी पीने से मिलते हैं गजब के फायदे, जानें कैसे आजमाएं

गर्मियों में किशमिश और सौंफ का पानी शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने और एनर्जी बढ़ाने में मदद कर सकता...
लाइफ स्टाइल 
गर्मी में रामबाण घरेलू ड्रिंक: किशमिश-सौंफ पानी पीने से मिलते हैं गजब के फायदे, जानें कैसे आजमाएं

NEET पेपर लीक नेटवर्क के तार सीहोर तक जुड़े, यहां की यूनिवर्सिटी से पढ़ चुका है मास्टमाइंड शुभम

NEET 2026 पेपर लीक मामले में सीहोर कनेक्शन सामने आया है. आरोपी शुभम खैरनार का श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से संबंध...
राज्य  मध्य प्रदेश 
NEET पेपर लीक नेटवर्क के तार सीहोर तक जुड़े, यहां की यूनिवर्सिटी से पढ़ चुका है मास्टमाइंड शुभम

पीएम मोदी की अपील का असर, CM मोहन यादव ने घटाईं अपने काफिले की गाड़ियां

पीएम मोदी की अपील के बाद कई राज्यों में वीआईपी काफिले और सरकारी वाहनों में कटौती, ईंधन बचत और ई-वाहनों...
राज्य  मध्य प्रदेश  भोपाल 
पीएम मोदी की अपील का असर, CM मोहन यादव ने घटाईं अपने काफिले की गाड़ियां

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.