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पंचांग: रविवार को भद्रा और रवि योग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्र का महत्व
DHARAM DESK
आज रविवार, 12 अक्टूबर 2025 का दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि लेकर आया है। ज्योतिष गणना के अनुसार आज का दिन विशेष योगों से युक्त है — भद्रा और रवि योग दोनों का संयोग बन रहा है। यह तिथि रियल एस्टेट, भवन निर्माण और कला-संस्कृति से जुड़े कार्यों के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है।
आज का पंचांग एक नजर में
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विक्रम संवत: 2081
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माह: कार्तिक
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: षष्ठी
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दिन: रविवार
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योग: वरियान
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नक्षत्र: मृगशीर्ष
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करण: वणिज
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चंद्र राशि: मिथुन
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सूर्य राशि: कन्या
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सूर्योदय: सुबह 06:34 बजे
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सूर्यास्त: शाम 06:17 बजे
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चंद्रोदय: रात 10:14 बजे
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चंद्रास्त: दोपहर 12:06 बजे
आज के योग और नक्षत्र का प्रभाव
आज मृगशीर्ष नक्षत्र और वरियान योग का संयोग शुभ अवसरों को और अधिक प्रभावशाली बना रहा है। मृगशीर्ष नक्षत्र का स्वभाव कोमल और रचनात्मक माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से कला, संगीत, लेखन और रियल एस्टेट जैसे कार्यों के लिए लाभदायक है।
विवाह, दीक्षा ग्रहण, भवन निर्माण, उत्सव आयोजन या किसी नए सांस्कृतिक कार्य की शुरुआत के लिए भी आज का दिन शुभ फल देने वाला रहेगा।
भद्रा और रवि योग का संयोग
आज भद्रा के साथ रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए भी अनुकूल माना गया है। रवि योग व्यक्ति के कार्यों में स्थायित्व और सफलता प्रदान करता है। वहीं भद्रा काल में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए समय देखकर ही कार्य आरंभ करें।
आज का राहुकाल और वर्जित समय
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राहुकाल: शाम 4:49 से 6:17 बजे तक
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यमगंड काल: दोपहर 12:25 से 1:53 बजे तक
इन अवधियों में नए या शुभ कार्य शुरू करने से परहेज करें।
आज क्या करें, क्या न करें
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रियल एस्टेट या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई कार्य प्रारंभ करने के लिए यह दिन लाभदायक रहेगा।
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चिकित्सा संबंधी कार्य, नई दवा का सेवन या नई थेरेपी शुरू करना भी शुभ रहेगा।
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राहुकाल और यमगंड काल में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत न करें।
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मृगशीर्ष नक्षत्र के प्रभाव से मित्रता बढ़ाने, कला या संगीत सीखने और नए परिधान धारण करने के लिए यह दिन बहुत अच्छा है।
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पंचांग: रविवार को भद्रा और रवि योग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्र का महत्व
DHARAM DESK
आज रविवार, 12 अक्टूबर 2025 का दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि लेकर आया है। ज्योतिष गणना के अनुसार आज का दिन विशेष योगों से युक्त है — भद्रा और रवि योग दोनों का संयोग बन रहा है। यह तिथि रियल एस्टेट, भवन निर्माण और कला-संस्कृति से जुड़े कार्यों के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है।
आज का पंचांग एक नजर में
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विक्रम संवत: 2081
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माह: कार्तिक
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: षष्ठी
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दिन: रविवार
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योग: वरियान
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नक्षत्र: मृगशीर्ष
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करण: वणिज
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चंद्र राशि: मिथुन
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सूर्य राशि: कन्या
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सूर्योदय: सुबह 06:34 बजे
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सूर्यास्त: शाम 06:17 बजे
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चंद्रोदय: रात 10:14 बजे
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चंद्रास्त: दोपहर 12:06 बजे
आज के योग और नक्षत्र का प्रभाव
आज मृगशीर्ष नक्षत्र और वरियान योग का संयोग शुभ अवसरों को और अधिक प्रभावशाली बना रहा है। मृगशीर्ष नक्षत्र का स्वभाव कोमल और रचनात्मक माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से कला, संगीत, लेखन और रियल एस्टेट जैसे कार्यों के लिए लाभदायक है।
विवाह, दीक्षा ग्रहण, भवन निर्माण, उत्सव आयोजन या किसी नए सांस्कृतिक कार्य की शुरुआत के लिए भी आज का दिन शुभ फल देने वाला रहेगा।
भद्रा और रवि योग का संयोग
आज भद्रा के साथ रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए भी अनुकूल माना गया है। रवि योग व्यक्ति के कार्यों में स्थायित्व और सफलता प्रदान करता है। वहीं भद्रा काल में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए समय देखकर ही कार्य आरंभ करें।
आज का राहुकाल और वर्जित समय
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राहुकाल: शाम 4:49 से 6:17 बजे तक
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यमगंड काल: दोपहर 12:25 से 1:53 बजे तक
इन अवधियों में नए या शुभ कार्य शुरू करने से परहेज करें।
आज क्या करें, क्या न करें
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रियल एस्टेट या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई कार्य प्रारंभ करने के लिए यह दिन लाभदायक रहेगा।
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चिकित्सा संबंधी कार्य, नई दवा का सेवन या नई थेरेपी शुरू करना भी शुभ रहेगा।
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राहुकाल और यमगंड काल में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत न करें।
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मृगशीर्ष नक्षत्र के प्रभाव से मित्रता बढ़ाने, कला या संगीत सीखने और नए परिधान धारण करने के लिए यह दिन बहुत अच्छा है।
