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2.5 लाख रुपये किलो का मियाजाकी आम बना आकर्षण, यूपी मैंगो फेस्टिवल में उमड़ी भीड़
स्पेशल खबरें
जापान की दुर्लभ मियाजाकी किस्म ने खींचा लोगों का ध्यान, कीमत सुनकर सोशल मीडिया पर आई मजेदार प्रतिक्रियाएं; विशेषज्ञ बोले- सही देखभाल से खेती बन सकती है मुनाफे का सौदा।
उत्तर प्रदेश में आयोजित मैंगो फेस्टिवल इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह है जापान की मशहूर और बेहद दुर्लभ मियाजाकी आम (Miyazaki Mango) की प्रदर्शनी, जिसकी कीमत करीब 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है। इस आम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसकी कीमत जानकर हैरान हैं। कई यूजर्स मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि "एक आम खरीदने के लिए तो लोन लेना पड़ेगा।" मैंगो फेस्टिवल में पहुंचे लोगों की नजर सबसे पहले इसी खास आम पर ठहर रही है। लाल और बैंगनी रंग की चमक लिए यह आम अपने आकर्षक रूप, दुर्लभता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत के कारण चर्चा में बना हुआ है। आयोजकों का कहना है कि इस आम को लोगों को नई और दुर्लभ किस्मों से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया है।
मियाजाकी आम मूल रूप से जापान के मियाजाकी प्रांत में उगाया जाता है। इसे दुनिया के सबसे महंगे फलों में गिना जाता है। इसकी खेती बेहद नियंत्रित वातावरण में की जाती है, जहां तापमान, धूप, नमी और पोषण का विशेष ध्यान रखा जाता है। फल पूरी तरह पकने के बाद अपने आप पेड़ से गिरता है। गिरने से पहले उसे विशेष जालीदार बैग में सुरक्षित रखा जाता है ताकि फल को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। यही वजह है कि इसकी गुणवत्ता और स्वाद सामान्य आमों से अलग मानी जाती है।
मियाजाकी आम का स्वाद बेहद मीठा होता है। इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अधिक होती है और यह विटामिन ए, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट तथा अन्य पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। फल का औसत वजन 350 से 500 ग्राम तक हो सकता है। इसकी चमकदार लाल रंगत और मुलायम गूदा इसे अन्य आमों से अलग पहचान दिलाते हैं।
मैंगो फेस्टिवल में प्रदर्शित मियाजाकी आम का वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा जा चुका है। वीडियो में लोग आम को देखकर उसकी तस्वीरें लेते और उसकी कीमत जानने के बाद आश्चर्य व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। किसी ने लिखा, "इतने में तो नई बाइक आ जाएगी।" वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, "आम नहीं, यह तो लग्जरी आइटम है।" कई लोगों ने इसे दुनिया का सबसे महंगा आम बताते हुए इसकी तुलना सोने से भी कर दी।
मियाजाकी आम की खेती भारत में भी संभव है, लेकिन इसके लिए विशेष तकनीक, नियंत्रित वातावरण और उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल की आवश्यकता होती है। देश के कुछ राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर इस किस्म की खेती शुरू की है। हालांकि बड़े स्तर पर इसकी खेती अभी सीमित है। यदि किसान सही तकनीक अपनाएं और बाजार तक अच्छी पहुंच बना सकें, तो यह फसल बेहतर आय का माध्यम बन सकती है।
मियाजाकी आम का पौधा बड़े गमले में भी लगाया जा सकता है। हालांकि केवल पौधा लगाने से सफलता नहीं मिलती। नियमित सिंचाई, पर्याप्त धूप, संतुलित खाद, कीट नियंत्रण और समय-समय पर छंटाई जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है। यदि पौधे की सही तरीके से देखभाल की जाए तो कुछ वर्षों बाद फल प्राप्त हो सकते हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता हासिल करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से खेती करना आवश्यक माना जाता है।
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2.5 लाख रुपये किलो का मियाजाकी आम बना आकर्षण, यूपी मैंगो फेस्टिवल में उमड़ी भीड़
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उत्तर प्रदेश में आयोजित मैंगो फेस्टिवल इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह है जापान की मशहूर और बेहद दुर्लभ मियाजाकी आम (Miyazaki Mango) की प्रदर्शनी, जिसकी कीमत करीब 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है। इस आम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसकी कीमत जानकर हैरान हैं। कई यूजर्स मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि "एक आम खरीदने के लिए तो लोन लेना पड़ेगा।" मैंगो फेस्टिवल में पहुंचे लोगों की नजर सबसे पहले इसी खास आम पर ठहर रही है। लाल और बैंगनी रंग की चमक लिए यह आम अपने आकर्षक रूप, दुर्लभता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत के कारण चर्चा में बना हुआ है। आयोजकों का कहना है कि इस आम को लोगों को नई और दुर्लभ किस्मों से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया है।
मियाजाकी आम मूल रूप से जापान के मियाजाकी प्रांत में उगाया जाता है। इसे दुनिया के सबसे महंगे फलों में गिना जाता है। इसकी खेती बेहद नियंत्रित वातावरण में की जाती है, जहां तापमान, धूप, नमी और पोषण का विशेष ध्यान रखा जाता है। फल पूरी तरह पकने के बाद अपने आप पेड़ से गिरता है। गिरने से पहले उसे विशेष जालीदार बैग में सुरक्षित रखा जाता है ताकि फल को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। यही वजह है कि इसकी गुणवत्ता और स्वाद सामान्य आमों से अलग मानी जाती है।
मियाजाकी आम का स्वाद बेहद मीठा होता है। इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अधिक होती है और यह विटामिन ए, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट तथा अन्य पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। फल का औसत वजन 350 से 500 ग्राम तक हो सकता है। इसकी चमकदार लाल रंगत और मुलायम गूदा इसे अन्य आमों से अलग पहचान दिलाते हैं।
मैंगो फेस्टिवल में प्रदर्शित मियाजाकी आम का वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा जा चुका है। वीडियो में लोग आम को देखकर उसकी तस्वीरें लेते और उसकी कीमत जानने के बाद आश्चर्य व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। किसी ने लिखा, "इतने में तो नई बाइक आ जाएगी।" वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, "आम नहीं, यह तो लग्जरी आइटम है।" कई लोगों ने इसे दुनिया का सबसे महंगा आम बताते हुए इसकी तुलना सोने से भी कर दी।
मियाजाकी आम की खेती भारत में भी संभव है, लेकिन इसके लिए विशेष तकनीक, नियंत्रित वातावरण और उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल की आवश्यकता होती है। देश के कुछ राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर इस किस्म की खेती शुरू की है। हालांकि बड़े स्तर पर इसकी खेती अभी सीमित है। यदि किसान सही तकनीक अपनाएं और बाजार तक अच्छी पहुंच बना सकें, तो यह फसल बेहतर आय का माध्यम बन सकती है।
मियाजाकी आम का पौधा बड़े गमले में भी लगाया जा सकता है। हालांकि केवल पौधा लगाने से सफलता नहीं मिलती। नियमित सिंचाई, पर्याप्त धूप, संतुलित खाद, कीट नियंत्रण और समय-समय पर छंटाई जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है। यदि पौधे की सही तरीके से देखभाल की जाए तो कुछ वर्षों बाद फल प्राप्त हो सकते हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता हासिल करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से खेती करना आवश्यक माना जाता है।
