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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, रीवा पुलिस की त्वरित कार्रवाई
रीवा,(म.प्र.)
सिरमौर थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज कर आरोपी को दबोचा, पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के एक गंभीर मामले में सिरमौर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस तेज कार्रवाई को पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोगों ने सराहा है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी सिरमौर प्रतिभा शर्मा के पर्यवेक्षण में की गई। थाना प्रभारी दीपक तिवारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और कम समय में उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
4 जुलाई 2026 को पीड़िता सिरमौर थाना पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया था और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में जब आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया, तब पीड़िता ने पुलिस की शरण ली। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी को अपराध दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनीस कोल उर्फ डॉक्टर (20 वर्ष) निवासी ग्राम जुड़मानिया, थाना लौर, जिला मऊगंज के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से विस्तृत पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
रीवा पुलिस का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में तत्काल कार्रवाई करना उनकी प्राथमिकता है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने बिना देरी किए मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। समयबद्ध कार्रवाई के चलते आरोपी को फरार होने का मौका नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में साक्ष्य जुटाने, पीड़िता के बयान दर्ज करने और आरोपी की गिरफ्तारी जैसी सभी प्रक्रियाएं कानून के अनुसार पूरी की जाती हैं, ताकि न्यायिक प्रक्रिया मजबूत बनी रहे।
पुलिस प्रशासन लगातार महिलाओं और युवतियों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी महिला के साथ धोखाधड़ी, दुष्कर्म, उत्पीड़न या किसी अन्य प्रकार का अपराध होता है, तो उसे बिना डर पुलिस के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की अफवाह फैलाने के बजाय कानून का सहयोग करें और यदि किसी अपराध की जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
यदि कोई व्यक्ति शादी का झूठा वादा कर किसी महिला का विश्वास जीतकर शारीरिक संबंध बनाता है और बाद में परिस्थितियों के अनुसार यह साबित होता है कि शुरुआत से ही उसका इरादा शादी करने का नहीं था, तो मामला भारतीय कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर जांच करती है तथा न्यायालय अंतिम निर्णय देता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी मामले की जांच जारी रहेगी। जांच के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य कानूनी दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे, ताकि न्यायालय में मजबूत अभियोजन प्रस्तुत किया जा सके। यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी दीपक तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्रवाई में आरक्षक कैलाश सोलंकी तथा आरक्षक वीपेंद्र कुशवाहा सहित अन्य पुलिसकर्मियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की है। रीवा पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि संवेदनशील मामलों में त्वरित और प्रभावी पुलिस कार्रवाई पीड़ितों का विश्वास मजबूत करती है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, रीवा पुलिस की त्वरित कार्रवाई
रीवा,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के एक गंभीर मामले में सिरमौर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस तेज कार्रवाई को पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोगों ने सराहा है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी सिरमौर प्रतिभा शर्मा के पर्यवेक्षण में की गई। थाना प्रभारी दीपक तिवारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और कम समय में उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
4 जुलाई 2026 को पीड़िता सिरमौर थाना पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया था और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में जब आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया, तब पीड़िता ने पुलिस की शरण ली। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी को अपराध दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनीस कोल उर्फ डॉक्टर (20 वर्ष) निवासी ग्राम जुड़मानिया, थाना लौर, जिला मऊगंज के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से विस्तृत पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
रीवा पुलिस का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में तत्काल कार्रवाई करना उनकी प्राथमिकता है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने बिना देरी किए मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। समयबद्ध कार्रवाई के चलते आरोपी को फरार होने का मौका नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में साक्ष्य जुटाने, पीड़िता के बयान दर्ज करने और आरोपी की गिरफ्तारी जैसी सभी प्रक्रियाएं कानून के अनुसार पूरी की जाती हैं, ताकि न्यायिक प्रक्रिया मजबूत बनी रहे।
पुलिस प्रशासन लगातार महिलाओं और युवतियों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी महिला के साथ धोखाधड़ी, दुष्कर्म, उत्पीड़न या किसी अन्य प्रकार का अपराध होता है, तो उसे बिना डर पुलिस के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की अफवाह फैलाने के बजाय कानून का सहयोग करें और यदि किसी अपराध की जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
यदि कोई व्यक्ति शादी का झूठा वादा कर किसी महिला का विश्वास जीतकर शारीरिक संबंध बनाता है और बाद में परिस्थितियों के अनुसार यह साबित होता है कि शुरुआत से ही उसका इरादा शादी करने का नहीं था, तो मामला भारतीय कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर जांच करती है तथा न्यायालय अंतिम निर्णय देता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी मामले की जांच जारी रहेगी। जांच के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य कानूनी दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे, ताकि न्यायालय में मजबूत अभियोजन प्रस्तुत किया जा सके। यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी दीपक तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्रवाई में आरक्षक कैलाश सोलंकी तथा आरक्षक वीपेंद्र कुशवाहा सहित अन्य पुलिसकर्मियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की है। रीवा पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि संवेदनशील मामलों में त्वरित और प्रभावी पुलिस कार्रवाई पीड़ितों का विश्वास मजबूत करती है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
