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21 साल की एलेक्जेंड्रा ईला ने विंबलडन में रचा इतिहास, डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक को हराकर पहुंचीं प्री-क्वार्टर फाइनल
स्पोर्ट्स डेस्क
तीन साल पहले स्वियातेक से मिला था ‘100% देने’ का संदेश, अब उसी खिलाड़ी को हराकर फिलीपींस की पहली ग्रैंड स्लैम प्री-क्वार्टर फाइनलिस्ट बनीं एलेक्जेंड्रा ईला
विंबलडन 2026 में शनिवार को महिला एकल वर्ग में ऐसा बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जिसने टेनिस जगत को चौंका दिया। फिलीपींस की 21 वर्षीय युवा खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला ने सेंटर कोर्ट पर मौजूदा चैंपियन और दुनिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक को सीधे सेटों में 7-6 (9), 6-2 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ईला किसी भी ग्रैंड स्लैम के महिला एकल प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली फिलीपींस की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।
मैच खत्म होते ही एलेक्जेंड्रा ईला भावुक हो गईं। जीत का अंतिम अंक हासिल करते ही उनके हाथ से रैकेट छूट गया और वह कोर्ट पर घुटनों के बल बैठ गईं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू साफ दिखाई दे रहे थे। यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई है।
इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि तीन वर्ष पहले यही इगा स्वियातेक एलेक्जेंड्रा ईला को प्रेरित कर रही थीं। फ्रेंच ओपन जीतने के बाद स्वियातेक राफेल नडाल अकादमी पहुंची थीं, जहां ईला अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थीं। ग्रेजुएशन समारोह में स्वियातेक ने ईला को डिप्लोमा सौंपा था और अपने संबोधन में कहा था, "जो भी करना, उसमें अपना 100 प्रतिशत देना।"
तीन साल बाद वही छात्रा अपने आदर्श को विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर हराकर नई कहानी लिख चुकी है। यह पल खेल जगत के सबसे प्रेरणादायक क्षणों में से एक माना जा रहा है।
मैच जीतने के बाद एलेक्जेंड्रा ईला ने कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे फिलीपींस की है। उन्होंने कहा कि बचपन से उनके देश के लोगों ने उनका समर्थन किया और वही उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। ईला ने अपनी जीत अपने परिवार और उन सभी छोटी लड़कियों को समर्पित की, जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में वह स्कूल के बाद रफल्ड मोजे और चमकने वाले जूते पहनकर अभ्यास के लिए जाती थीं। आज का दिन उसी संघर्ष का परिणाम है।
फिलीपींस में टेनिस के लिए पर्याप्त ग्रास कोर्ट उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में एलेक्जेंड्रा ईला ने बास्केटबॉल कोर्ट पर अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि कोर्ट के पीछे लगे बास्केटबॉल हूप्स की वजह से वह ज्यादा पीछे नहीं जा सकती थीं, क्योंकि टकराने का डर रहता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की और आज दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता हासिल कर ली। उनकी यह यात्रा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
दो घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले में ईला ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास भरा खेल दिखाया। पहला सेट बेहद रोमांचक रहा और टाईब्रेक तक पहुंचा। इस दौरान उन्होंने दो सेट प्वाइंट बचाए और 7-6 (9) से बढ़त बना ली। दूसरे सेट में ईला ने आक्रामक रणनीति अपनाई और स्वियातेक को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। दमदार सर्विस, सटीक ग्राउंड स्ट्रोक और बेहतरीन कोर्ट कवरेज की बदौलत उन्होंने दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह पहला मौका नहीं है जब एलेक्जेंड्रा ईला ने इगा स्वियातेक को हराया हो। इससे पहले भी वह पिछले वर्ष मियामी ओपन में स्वियातेक को मात दे चुकी हैं। लगातार दूसरी जीत ने साबित कर दिया कि ईला अब केवल उभरती हुई खिलाड़ी नहीं, बल्कि बड़ी प्रतियोगिताओं में शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने वाली मजबूत दावेदार बन चुकी हैं।
हार के बाद इगा स्वियातेक ने ईला के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मौकों पर एलेक्जेंड्रा ने उनसे बेहतर खेल दिखाया और जीत की पूरी हकदार रहीं। पिछले वर्ष विंबलडन का खिताब जीतने वाली स्वियातेक इस बार अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकीं। इसके साथ ही 2016 में सेरेना विलियम्स के बाद लगातार दो बार महिला एकल विंबलडन जीतने वाली खिलाड़ी का इंतजार भी जारी रहेगा। इस ऐतिहासिक जीत के बाद एलेक्जेंड्रा ईला अब प्री-क्वार्टर फाइनल में 13वीं वरीयता प्राप्त जैस्मिन पाओलिनी का सामना करेंगी। शानदार फॉर्म में चल रही ईला से अब फिलीपींस के खेल प्रेमियों को नई उम्मीदें हैं। यदि वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो विंबलडन में और भी बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।
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21 साल की एलेक्जेंड्रा ईला ने विंबलडन में रचा इतिहास, डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक को हराकर पहुंचीं प्री-क्वार्टर फाइनल
स्पोर्ट्स डेस्क
विंबलडन 2026 में शनिवार को महिला एकल वर्ग में ऐसा बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जिसने टेनिस जगत को चौंका दिया। फिलीपींस की 21 वर्षीय युवा खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला ने सेंटर कोर्ट पर मौजूदा चैंपियन और दुनिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक को सीधे सेटों में 7-6 (9), 6-2 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ईला किसी भी ग्रैंड स्लैम के महिला एकल प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली फिलीपींस की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।
मैच खत्म होते ही एलेक्जेंड्रा ईला भावुक हो गईं। जीत का अंतिम अंक हासिल करते ही उनके हाथ से रैकेट छूट गया और वह कोर्ट पर घुटनों के बल बैठ गईं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू साफ दिखाई दे रहे थे। यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई है।
इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि तीन वर्ष पहले यही इगा स्वियातेक एलेक्जेंड्रा ईला को प्रेरित कर रही थीं। फ्रेंच ओपन जीतने के बाद स्वियातेक राफेल नडाल अकादमी पहुंची थीं, जहां ईला अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थीं। ग्रेजुएशन समारोह में स्वियातेक ने ईला को डिप्लोमा सौंपा था और अपने संबोधन में कहा था, "जो भी करना, उसमें अपना 100 प्रतिशत देना।"
तीन साल बाद वही छात्रा अपने आदर्श को विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर हराकर नई कहानी लिख चुकी है। यह पल खेल जगत के सबसे प्रेरणादायक क्षणों में से एक माना जा रहा है।
मैच जीतने के बाद एलेक्जेंड्रा ईला ने कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे फिलीपींस की है। उन्होंने कहा कि बचपन से उनके देश के लोगों ने उनका समर्थन किया और वही उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। ईला ने अपनी जीत अपने परिवार और उन सभी छोटी लड़कियों को समर्पित की, जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में वह स्कूल के बाद रफल्ड मोजे और चमकने वाले जूते पहनकर अभ्यास के लिए जाती थीं। आज का दिन उसी संघर्ष का परिणाम है।
फिलीपींस में टेनिस के लिए पर्याप्त ग्रास कोर्ट उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में एलेक्जेंड्रा ईला ने बास्केटबॉल कोर्ट पर अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि कोर्ट के पीछे लगे बास्केटबॉल हूप्स की वजह से वह ज्यादा पीछे नहीं जा सकती थीं, क्योंकि टकराने का डर रहता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की और आज दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता हासिल कर ली। उनकी यह यात्रा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
दो घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले में ईला ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास भरा खेल दिखाया। पहला सेट बेहद रोमांचक रहा और टाईब्रेक तक पहुंचा। इस दौरान उन्होंने दो सेट प्वाइंट बचाए और 7-6 (9) से बढ़त बना ली। दूसरे सेट में ईला ने आक्रामक रणनीति अपनाई और स्वियातेक को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। दमदार सर्विस, सटीक ग्राउंड स्ट्रोक और बेहतरीन कोर्ट कवरेज की बदौलत उन्होंने दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह पहला मौका नहीं है जब एलेक्जेंड्रा ईला ने इगा स्वियातेक को हराया हो। इससे पहले भी वह पिछले वर्ष मियामी ओपन में स्वियातेक को मात दे चुकी हैं। लगातार दूसरी जीत ने साबित कर दिया कि ईला अब केवल उभरती हुई खिलाड़ी नहीं, बल्कि बड़ी प्रतियोगिताओं में शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने वाली मजबूत दावेदार बन चुकी हैं।
हार के बाद इगा स्वियातेक ने ईला के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मौकों पर एलेक्जेंड्रा ने उनसे बेहतर खेल दिखाया और जीत की पूरी हकदार रहीं। पिछले वर्ष विंबलडन का खिताब जीतने वाली स्वियातेक इस बार अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकीं। इसके साथ ही 2016 में सेरेना विलियम्स के बाद लगातार दो बार महिला एकल विंबलडन जीतने वाली खिलाड़ी का इंतजार भी जारी रहेगा। इस ऐतिहासिक जीत के बाद एलेक्जेंड्रा ईला अब प्री-क्वार्टर फाइनल में 13वीं वरीयता प्राप्त जैस्मिन पाओलिनी का सामना करेंगी। शानदार फॉर्म में चल रही ईला से अब फिलीपींस के खेल प्रेमियों को नई उम्मीदें हैं। यदि वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो विंबलडन में और भी बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।
