- Hindi News
- स्पेशल खबरें
- खाना पहुंचाते- पहुंचाते कवि बने वांग जिबिंग, चीन के प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार से हुए सम्मानित
खाना पहुंचाते- पहुंचाते कवि बने वांग जिबिंग, चीन के प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार से हुए सम्मानित
स्पेशल खबरें
14 साल की उम्र में छूटी पढ़ाई, मजदूरी से लेकर फूड डिलीवरी तक किए कई काम; ग्राहक की नाराजगी ने कविता लिखने को किया प्रेरित, अब तक लिख चुके हैं 6 हजार से ज्यादा रचनाएं
चीन में घर-घर खाना पहुंचाने वाले एक डिलीवरी राइडर की कविताओं ने उन्हें साहित्य की दुनिया में बड़ी पहचान दिलाई है। 56 वर्षीय वांग जिबिंग को उनके कविता संग्रह के लिए प्रतिष्ठित लू शुन साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी रचनाओं में डिलीवरी कर्मचारियों की भागदौड़, समय का दबाव और आम कामगारों की जिंदगी प्रमुखता से दिखाई देती है।
‘डिलीवरी पोएट’ के नाम से पहचान बना चुके वांग को 15 जुलाई को यह सम्मान मिलने की जानकारी सामने आई। उनका कविता संग्रह ‘लो फ्लाइट’ फूड डिलीवरी से जुड़े लोगों की जिंदगी को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इसकी कई कविताओं के विचार उन्हें काम करते हुए ही आए।
वांग के लिए कविता लिखने का कोई तय समय या जगह नहीं रही। ऑर्डर मिलने का इंतजार हो या एक डिलीवरी से दूसरी डिलीवरी के बीच मिले कुछ मिनट, वे उसी समय अपने मन में आए शब्दों को दर्ज कर लेते थे। कई बार उनके पास डायरी तक नहीं होती थी, इसलिए छोटे कागज या हाथ पर ही पंक्तियां लिख लेते थे।
14 साल की उम्र में पढ़ाई छूटी, जिंदगी ने जल्दी सिखाया संघर्ष
वांग जिबिंग का जन्म चीन के जियांगसू प्रांत में हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, इसलिए महज 14 साल की उम्र में उनकी औपचारिक पढ़ाई रुक गई। कम उम्र में ही उन्हें परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए काम की दुनिया में उतरना पड़ा।
जीवन चलाने के लिए उन्होंने अलग-अलग तरह के काम किए। कभी निर्माण स्थल पर मजदूरी की, कभी कबाड़ से जुड़ा काम किया तो कभी सड़क किनारे सामान बेचा। काम बदलते रहे, लेकिन किताबों और शब्दों से उनका रिश्ता लगातार बना रहा।
आर्थिक परिस्थितियों के कारण स्कूल छूट गया था, लेकिन पढ़ने की आदत नहीं गई। खाली समय में साहित्य पढ़ना और अपने अनुभवों को शब्द देना धीरे-धीरे उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया। यही अभ्यास आगे चलकर उनकी अलग साहित्यिक पहचान की नींव बना।
फूड डिलीवरी की नौकरी ने दिया कविताओं को नया विषय
करीब 2019 में वांग ने फूड डिलीवरी राइडर के रूप में काम करना शुरू किया। यह काम उनके लिए केवल कमाई का जरिया नहीं रहा। शहर की सड़कों, ग्राहकों के व्यवहार और हर ऑर्डर को समय पर पहुंचाने की दौड़ ने उन्हें आम कामगार की जिंदगी को बेहद करीब से देखने का मौका दिया।
डिलीवरी राइडर की नौकरी में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ट्रैफिक, खराब मौसम, गलत पता और ग्राहक तक समय पर पहुंचने का दबाव रोजमर्रा की चुनौती है। वांग ने इन्हीं अनुभवों को कविता की भाषा में बदलना शुरू किया।
उनकी कविताओं में बड़े और काल्पनिक विषयों की जगह सड़क पर भागते आम लोगों की दुनिया दिखाई देती है। वे उस कामगार की आवाज को शब्द देते हैं, जो दिनभर दिखाई तो देता है लेकिन उसकी परेशानियां अक्सर लोगों की नजरों से छिपी रहती हैं।
एक नाराज ग्राहक से हुई घटना ने बदल दी कहानी
वांग की साहित्यिक यात्रा में एक घटना महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। 2019 में वे जियांगसू के कुनशान शहर में खाना पहुंचाने का काम कर रहे थे। एक ऑर्डर में ग्राहक की ओर से दर्ज पता सही नहीं था, जिसके कारण उन्हें सही घर खोजने में काफी परेशानी हुई।
बताया गया कि पता तलाशते हुए उन्हें कई रिहायशी इमारतों के बीच घूमना पड़ा। इतना ही नहीं, उन्हें 18 मंजिल तक जाना पड़ा। इस पूरी कोशिश में स्वाभाविक रूप से डिलीवरी में देरी हो गई।
जब वे आखिरकार ग्राहक तक खाना लेकर पहुंचे तो उनकी परेशानी समझने के बजाय देर होने पर उन्हें फटकार सुननी पड़ी। यह घटना उनके मन में गहराई तक उतर गई। घर लौटते समय उन्होंने अपनी नाराजगी, थकान और बेबसी को कविता में बदलना शुरू किया।
‘मैन इन ए हरी’ ने सोशल मीडिया पर दिलाई पहचान
इसी अनुभव से उनकी चर्चित कविता ‘मैन इन ए हरी’ का जन्म हुआ। कविता में उस इंसान की जिंदगी को आवाज दी गई जो हर समय जल्दी में है, क्योंकि उसकी रोजी-रोटी समय की पाबंदी से जुड़ी हुई है।
2022 में यह कविता सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर चर्चा में आई। लोगों ने पहली बार एक डिलीवरी राइडर की नजर से उस जिंदगी को महसूस किया, जिसे वे आमतौर पर सिर्फ मोबाइल ऐप पर दिखने वाले ऑर्डर स्टेटस के रूप में देखते थे।
कविता की लोकप्रियता ने वांग को व्यापक पहचान दिलाई। इसके बाद उनकी रचनाओं को साहित्यिक मंचों और पत्रिकाओं में भी जगह मिलने लगी। एक फूड डिलीवरी कर्मचारी के अनुभव धीरे-धीरे चीन के साहित्यिक विमर्श का हिस्सा बनने लगे।
2023 में आया पहला कविता संग्रह
सोशल मीडिया पर पहचान मिलने के बाद 2023 में उनका पहला कविता संग्रह ‘मैन इन ए हरी: पोएम्स ऑफ ए फूड डिलीवरी राइडर’ प्रकाशित हुआ। इस संग्रह में श्रम, समय, शहर और आम लोगों के संघर्ष से जुड़े अनुभवों को प्रमुखता दी गई।
उनकी कविताओं का केंद्र कोई असाधारण नायक नहीं, बल्कि रोज काम पर निकलने वाला सामान्य व्यक्ति है। डिलीवरी राइडर, मजदूर और छोटे काम करने वाले लोगों के जीवन को उन्होंने संवेदनशील तरीके से अपनी रचनाओं में जगह दी।
वांग की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता उनके निजी अनुभव हैं। उन्होंने उन परिस्थितियों को लिखा जिन्हें वे खुद जी चुके हैं। यही वजह रही कि उनकी कविताओं से बड़ी संख्या में कामकाजी लोग खुद को जोड़ पाए।
करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से की बातचीत
अपने नए कविता संग्रह को तैयार करते समय वांग ने केवल अपने अनुभवों पर निर्भर नहीं किया। उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने वाले करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से बातचीत की।
उन्होंने जानने की कोशिश की कि अलग-अलग शहरों और परिस्थितियों में डिलीवरी कर्मचारी किन समस्याओं से गुजरते हैं। समय पर ऑर्डर पहुंचाने का दबाव, ग्राहकों की अपेक्षाएं, सड़क दुर्घटना का खतरा और कमाई की अनिश्चितता जैसे विषय इन बातचीतों में सामने आए।
इन अनुभवों को उन्होंने साहित्यिक रूप देकर अपने कविता संग्रह में शामिल किया। इस कारण उनकी किताब केवल व्यक्तिगत जीवन की कहानी न रहकर गिग इकोनॉमी में काम करने वाले एक बड़े वर्ग की आवाज बन गई।
‘नीचे उड़ना भी एक उड़ान है’
वांग की रचनाओं में जीवन के संघर्ष को निराशा की बजाय अलग नजरिए से देखने की कोशिश दिखाई देती है। उनकी चर्चित पंक्तियों का भाव है कि उड़ान का मतलब हमेशा बहुत ऊंचाई तक पहुंचना नहीं होता, जमीन के करीब रहकर आगे बढ़ना भी अपनी तरह की उड़ान है।
यही विचार उनकी जिंदगी से भी जुड़ा दिखाई देता है। कम उम्र में पढ़ाई छोड़ने और वर्षों तक अलग-अलग छोटे काम करने के बावजूद उन्होंने साहित्य से अपना रिश्ता नहीं छोड़ा।
फूड डिलीवरी करते हुए लिखी गई उनकी कविताओं ने धीरे-धीरे उन्हें उस साहित्यिक मंच तक पहुंचाया, जहां उनकी रचनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
6 हजार से ज्यादा कविताएं लिख चुके हैं वांग
वांग जिबिंग अब तक 6 हजार से अधिक कविताएं लिख चुके हैं। उनकी कई रचनाएं चीन की साहित्यिक पत्रिकाओं और विभिन्न प्रकाशनों में प्रकाशित हुई हैं।
उनकी लेखन प्रक्रिया आज भी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है। वे रास्ते में दिखाई देने वाली घटनाओं, लोगों के व्यवहार और कामगारों के अनुभवों को अपनी रचनाओं का विषय बनाते हैं।
वांग का मानना है कि शायद लोग किसी डिलीवरी कर्मचारी का नाम याद न रखें, लेकिन सड़क पर तेजी से गुजरते उस व्यक्ति की छवि जरूर पहचानते हैं, जो समय से लड़ते हुए किसी का ऑर्डर पहुंचाने जा रहा होता है।
डिलीवरी कर्मचारियों को लेकर नजरिया बदलना चाहते हैं
अपनी किताब के जरिए वांग समाज और डिलीवरी कर्मचारियों के बीच समझ बढ़ाना चाहते हैं। उनका मानना है कि ग्राहक अगर डिलीवरी राइडर्स की परिस्थितियों और काम के दबाव को बेहतर तरीके से समझें तो कई तरह के विवादों से बचा जा सकता है।
खराब मौसम, ट्रैफिक जाम, गलत लोकेशन और लगातार मिलने वाले ऑर्डर जैसी परिस्थितियां डिलीवरी में देरी का कारण बन सकती हैं। इसके बावजूद कई बार पूरा दबाव केवल राइडर पर आ जाता है।
उनकी रचनाएं इसी अदृश्य दबाव को सामने लाती हैं। वे चाहते हैं कि लोगों का व्यवहार उन कर्मचारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो, जो रोज शहर की तेज रफ्तार व्यवस्था का हिस्सा बने रहते हैं।
डिलीवरी से हर महीने करीब 6 हजार युआन की कमाई
वांग आज भी फूड डिलीवरी का काम करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस काम से उनकी मासिक कमाई लगभग 6 हजार युआन के आसपास रहती है, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत करीब 85 हजार रुपए के आसपास बैठती है।
साहित्यिक सफलता और पुरस्कार मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी से दूरी बनाने का फैसला नहीं किया है। उनका कहना है कि अब उनकी जिंदगी केवल आर्थिक जरूरत के कारण इस काम पर निर्भर नहीं है, फिर भी वे इसे जारी रखना चाहते हैं।
उनके लिए डिलीवरी का काम वास्तविक जीवन और आम लोगों से जुड़े रहने का माध्यम भी है। यही दुनिया उनके लेखन के लिए नए अनुभव और नए किरदार देती है।
पुरस्कार के बाद भी नौकरी छोड़ने का इरादा नहीं
सम्मान मिलने के बाद वांग ने कहा कि वे फिलहाल फूड डिलीवरी की नौकरी छोड़ने की योजना नहीं बना रहे हैं। वे करीब 60 साल की उम्र तक इस काम को जारी रखना चाहते हैं।
उनका कहना है कि यह काम उन्हें सक्रिय रखता है और समाज की वास्तविक जिंदगी से जोड़ता है। साहित्यिक पहचान मिलने के बाद भी वे अपने रोजमर्रा के जीवन में बड़ा बदलाव नहीं चाहते।
पुरस्कार की घोषणा के आसपास मीडिया का ध्यान अचानक बढ़ने से उन पर मानसिक दबाव भी आया। इसके बावजूद उन्होंने साफ किया कि साहित्यिक सफलता उनके काम और जीवन जीने के तरीके को पूरी तरह बदल नहीं देगी।
अंग्रेजी और फ्रेंच में भी पहुंचेगी उनकी कविता
वांग की रचनाओं को अब चीन के बाहर भी पाठकों तक पहुंचाने की तैयारी है। उनकी किताब के अंग्रेजी और फ्रेंच संस्करण प्रकाशित किए जाने की योजना है।
इससे डिलीवरी कर्मचारियों और चीन की गिग इकोनॉमी से जुड़ी उनकी कविताएं अंतरराष्ट्रीय पाठकों तक पहुंच सकेंगी। श्रमिक जीवन पर आधारित साहित्य के रूप में उनकी रचनाओं को नए पाठक मिलने की संभावना है।
उनका साहित्य आधुनिक शहरों की उस व्यवस्था को सामने रखता है, जहां डिजिटल ऐप के पीछे हजारों वास्तविक कर्मचारी लगातार समय और लक्ष्य के दबाव में काम करते हैं।
चीन में सामने आ रहे मजदूर वर्ग के नए लेखक
वांग जिबिंग अकेले ऐसे कामगार नहीं हैं जिन्हें अपने जीवन के अनुभवों को लिखने के कारण पहचान मिली है। हाल के वर्षों में चीन में ब्लू-कॉलर और गिग वर्कर्स के बीच से कई लेखक सामने आए हैं।
इन लेखकों की खासियत यह है कि वे श्रमिक जीवन को बाहर से देखकर नहीं, बल्कि उसे जीते हुए लिख रहे हैं। उनकी कहानियों में नौकरी की असुरक्षा, शहरों में जीवन का दबाव और आर्थिक संघर्ष सीधे अनुभवों के रूप में सामने आते हैं।
इसी क्रम में पूर्व डिलीवरी कर्मचारी हू आनयान की आत्मकथा ‘आई डिलीवर पार्सल्स इन बीजिंग’ ने भी बड़ी लोकप्रियता हासिल की। किताब चीन में बेस्टसेलर बनी और बाद में इसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ।
फान यूसु की कहानी ने भी इंटरनेट पर मचाई थी हलचल
इससे पहले प्रवासी मजदूर फान यूसु ने भी अपने आत्मकथात्मक लेखन से व्यापक पहचान हासिल की थी। 2017 में उनका लेख ‘आई एम फान यूसु’ इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ था।
उनके लेख ने चीन में प्रवासी मजदूरों की जिंदगी और संघर्ष को व्यापक चर्चा का विषय बना दिया। अचानक मिली लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि लगातार मीडिया का ध्यान बढ़ने के कारण उन्हें कुछ समय के लिए अपने घर से दूर रहना पड़ा।
वांग की सफलता को भी चीन में उभर रहे इसी श्रमिक साहित्य की मजबूत होती धारा से जोड़कर देखा जा रहा है।
लू शुन के नाम पर दिया जाता है प्रतिष्ठित पुरस्कार
वांग को मिला साहित्यिक सम्मान चीन के महान लेखक लू शुन के नाम पर स्थापित है। लू शुन को आधुनिक चीनी साहित्य के सबसे प्रभावशाली साहित्यकारों में गिना जाता है।
उन्होंने अपनी कहानियों, निबंधों और व्यंग्यात्मक लेखन के माध्यम से समाज की रूढ़ियों, असमानताओं और परंपरागत व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। आधुनिक चीनी साहित्य के विकास में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
लू शुन साहित्य पुरस्कार का आयोजन चाइना राइटर्स एसोसिएशन द्वारा किया जाता है। यह सम्मान अलग-अलग साहित्यिक श्रेणियों में उत्कृष्ट समकालीन रचनाओं को मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है और चीन के प्रमुख राष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कारों में इसकी गिनती होती है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
खाना पहुंचाते- पहुंचाते कवि बने वांग जिबिंग, चीन के प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार से हुए सम्मानित
स्पेशल खबरें
चीन में घर-घर खाना पहुंचाने वाले एक डिलीवरी राइडर की कविताओं ने उन्हें साहित्य की दुनिया में बड़ी पहचान दिलाई है। 56 वर्षीय वांग जिबिंग को उनके कविता संग्रह के लिए प्रतिष्ठित लू शुन साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी रचनाओं में डिलीवरी कर्मचारियों की भागदौड़, समय का दबाव और आम कामगारों की जिंदगी प्रमुखता से दिखाई देती है।
‘डिलीवरी पोएट’ के नाम से पहचान बना चुके वांग को 15 जुलाई को यह सम्मान मिलने की जानकारी सामने आई। उनका कविता संग्रह ‘लो फ्लाइट’ फूड डिलीवरी से जुड़े लोगों की जिंदगी को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इसकी कई कविताओं के विचार उन्हें काम करते हुए ही आए।
वांग के लिए कविता लिखने का कोई तय समय या जगह नहीं रही। ऑर्डर मिलने का इंतजार हो या एक डिलीवरी से दूसरी डिलीवरी के बीच मिले कुछ मिनट, वे उसी समय अपने मन में आए शब्दों को दर्ज कर लेते थे। कई बार उनके पास डायरी तक नहीं होती थी, इसलिए छोटे कागज या हाथ पर ही पंक्तियां लिख लेते थे।
14 साल की उम्र में पढ़ाई छूटी, जिंदगी ने जल्दी सिखाया संघर्ष
वांग जिबिंग का जन्म चीन के जियांगसू प्रांत में हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, इसलिए महज 14 साल की उम्र में उनकी औपचारिक पढ़ाई रुक गई। कम उम्र में ही उन्हें परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए काम की दुनिया में उतरना पड़ा।
जीवन चलाने के लिए उन्होंने अलग-अलग तरह के काम किए। कभी निर्माण स्थल पर मजदूरी की, कभी कबाड़ से जुड़ा काम किया तो कभी सड़क किनारे सामान बेचा। काम बदलते रहे, लेकिन किताबों और शब्दों से उनका रिश्ता लगातार बना रहा।
आर्थिक परिस्थितियों के कारण स्कूल छूट गया था, लेकिन पढ़ने की आदत नहीं गई। खाली समय में साहित्य पढ़ना और अपने अनुभवों को शब्द देना धीरे-धीरे उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया। यही अभ्यास आगे चलकर उनकी अलग साहित्यिक पहचान की नींव बना।
फूड डिलीवरी की नौकरी ने दिया कविताओं को नया विषय
करीब 2019 में वांग ने फूड डिलीवरी राइडर के रूप में काम करना शुरू किया। यह काम उनके लिए केवल कमाई का जरिया नहीं रहा। शहर की सड़कों, ग्राहकों के व्यवहार और हर ऑर्डर को समय पर पहुंचाने की दौड़ ने उन्हें आम कामगार की जिंदगी को बेहद करीब से देखने का मौका दिया।
डिलीवरी राइडर की नौकरी में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ट्रैफिक, खराब मौसम, गलत पता और ग्राहक तक समय पर पहुंचने का दबाव रोजमर्रा की चुनौती है। वांग ने इन्हीं अनुभवों को कविता की भाषा में बदलना शुरू किया।
उनकी कविताओं में बड़े और काल्पनिक विषयों की जगह सड़क पर भागते आम लोगों की दुनिया दिखाई देती है। वे उस कामगार की आवाज को शब्द देते हैं, जो दिनभर दिखाई तो देता है लेकिन उसकी परेशानियां अक्सर लोगों की नजरों से छिपी रहती हैं।
एक नाराज ग्राहक से हुई घटना ने बदल दी कहानी
वांग की साहित्यिक यात्रा में एक घटना महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। 2019 में वे जियांगसू के कुनशान शहर में खाना पहुंचाने का काम कर रहे थे। एक ऑर्डर में ग्राहक की ओर से दर्ज पता सही नहीं था, जिसके कारण उन्हें सही घर खोजने में काफी परेशानी हुई।
बताया गया कि पता तलाशते हुए उन्हें कई रिहायशी इमारतों के बीच घूमना पड़ा। इतना ही नहीं, उन्हें 18 मंजिल तक जाना पड़ा। इस पूरी कोशिश में स्वाभाविक रूप से डिलीवरी में देरी हो गई।
जब वे आखिरकार ग्राहक तक खाना लेकर पहुंचे तो उनकी परेशानी समझने के बजाय देर होने पर उन्हें फटकार सुननी पड़ी। यह घटना उनके मन में गहराई तक उतर गई। घर लौटते समय उन्होंने अपनी नाराजगी, थकान और बेबसी को कविता में बदलना शुरू किया।
‘मैन इन ए हरी’ ने सोशल मीडिया पर दिलाई पहचान
इसी अनुभव से उनकी चर्चित कविता ‘मैन इन ए हरी’ का जन्म हुआ। कविता में उस इंसान की जिंदगी को आवाज दी गई जो हर समय जल्दी में है, क्योंकि उसकी रोजी-रोटी समय की पाबंदी से जुड़ी हुई है।
2022 में यह कविता सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर चर्चा में आई। लोगों ने पहली बार एक डिलीवरी राइडर की नजर से उस जिंदगी को महसूस किया, जिसे वे आमतौर पर सिर्फ मोबाइल ऐप पर दिखने वाले ऑर्डर स्टेटस के रूप में देखते थे।
कविता की लोकप्रियता ने वांग को व्यापक पहचान दिलाई। इसके बाद उनकी रचनाओं को साहित्यिक मंचों और पत्रिकाओं में भी जगह मिलने लगी। एक फूड डिलीवरी कर्मचारी के अनुभव धीरे-धीरे चीन के साहित्यिक विमर्श का हिस्सा बनने लगे।
2023 में आया पहला कविता संग्रह
सोशल मीडिया पर पहचान मिलने के बाद 2023 में उनका पहला कविता संग्रह ‘मैन इन ए हरी: पोएम्स ऑफ ए फूड डिलीवरी राइडर’ प्रकाशित हुआ। इस संग्रह में श्रम, समय, शहर और आम लोगों के संघर्ष से जुड़े अनुभवों को प्रमुखता दी गई।
उनकी कविताओं का केंद्र कोई असाधारण नायक नहीं, बल्कि रोज काम पर निकलने वाला सामान्य व्यक्ति है। डिलीवरी राइडर, मजदूर और छोटे काम करने वाले लोगों के जीवन को उन्होंने संवेदनशील तरीके से अपनी रचनाओं में जगह दी।
वांग की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता उनके निजी अनुभव हैं। उन्होंने उन परिस्थितियों को लिखा जिन्हें वे खुद जी चुके हैं। यही वजह रही कि उनकी कविताओं से बड़ी संख्या में कामकाजी लोग खुद को जोड़ पाए।
करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से की बातचीत
अपने नए कविता संग्रह को तैयार करते समय वांग ने केवल अपने अनुभवों पर निर्भर नहीं किया। उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने वाले करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से बातचीत की।
उन्होंने जानने की कोशिश की कि अलग-अलग शहरों और परिस्थितियों में डिलीवरी कर्मचारी किन समस्याओं से गुजरते हैं। समय पर ऑर्डर पहुंचाने का दबाव, ग्राहकों की अपेक्षाएं, सड़क दुर्घटना का खतरा और कमाई की अनिश्चितता जैसे विषय इन बातचीतों में सामने आए।
इन अनुभवों को उन्होंने साहित्यिक रूप देकर अपने कविता संग्रह में शामिल किया। इस कारण उनकी किताब केवल व्यक्तिगत जीवन की कहानी न रहकर गिग इकोनॉमी में काम करने वाले एक बड़े वर्ग की आवाज बन गई।
‘नीचे उड़ना भी एक उड़ान है’
वांग की रचनाओं में जीवन के संघर्ष को निराशा की बजाय अलग नजरिए से देखने की कोशिश दिखाई देती है। उनकी चर्चित पंक्तियों का भाव है कि उड़ान का मतलब हमेशा बहुत ऊंचाई तक पहुंचना नहीं होता, जमीन के करीब रहकर आगे बढ़ना भी अपनी तरह की उड़ान है।
यही विचार उनकी जिंदगी से भी जुड़ा दिखाई देता है। कम उम्र में पढ़ाई छोड़ने और वर्षों तक अलग-अलग छोटे काम करने के बावजूद उन्होंने साहित्य से अपना रिश्ता नहीं छोड़ा।
फूड डिलीवरी करते हुए लिखी गई उनकी कविताओं ने धीरे-धीरे उन्हें उस साहित्यिक मंच तक पहुंचाया, जहां उनकी रचनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
6 हजार से ज्यादा कविताएं लिख चुके हैं वांग
वांग जिबिंग अब तक 6 हजार से अधिक कविताएं लिख चुके हैं। उनकी कई रचनाएं चीन की साहित्यिक पत्रिकाओं और विभिन्न प्रकाशनों में प्रकाशित हुई हैं।
उनकी लेखन प्रक्रिया आज भी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है। वे रास्ते में दिखाई देने वाली घटनाओं, लोगों के व्यवहार और कामगारों के अनुभवों को अपनी रचनाओं का विषय बनाते हैं।
वांग का मानना है कि शायद लोग किसी डिलीवरी कर्मचारी का नाम याद न रखें, लेकिन सड़क पर तेजी से गुजरते उस व्यक्ति की छवि जरूर पहचानते हैं, जो समय से लड़ते हुए किसी का ऑर्डर पहुंचाने जा रहा होता है।
डिलीवरी कर्मचारियों को लेकर नजरिया बदलना चाहते हैं
अपनी किताब के जरिए वांग समाज और डिलीवरी कर्मचारियों के बीच समझ बढ़ाना चाहते हैं। उनका मानना है कि ग्राहक अगर डिलीवरी राइडर्स की परिस्थितियों और काम के दबाव को बेहतर तरीके से समझें तो कई तरह के विवादों से बचा जा सकता है।
खराब मौसम, ट्रैफिक जाम, गलत लोकेशन और लगातार मिलने वाले ऑर्डर जैसी परिस्थितियां डिलीवरी में देरी का कारण बन सकती हैं। इसके बावजूद कई बार पूरा दबाव केवल राइडर पर आ जाता है।
उनकी रचनाएं इसी अदृश्य दबाव को सामने लाती हैं। वे चाहते हैं कि लोगों का व्यवहार उन कर्मचारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो, जो रोज शहर की तेज रफ्तार व्यवस्था का हिस्सा बने रहते हैं।
डिलीवरी से हर महीने करीब 6 हजार युआन की कमाई
वांग आज भी फूड डिलीवरी का काम करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस काम से उनकी मासिक कमाई लगभग 6 हजार युआन के आसपास रहती है, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत करीब 85 हजार रुपए के आसपास बैठती है।
साहित्यिक सफलता और पुरस्कार मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी से दूरी बनाने का फैसला नहीं किया है। उनका कहना है कि अब उनकी जिंदगी केवल आर्थिक जरूरत के कारण इस काम पर निर्भर नहीं है, फिर भी वे इसे जारी रखना चाहते हैं।
उनके लिए डिलीवरी का काम वास्तविक जीवन और आम लोगों से जुड़े रहने का माध्यम भी है। यही दुनिया उनके लेखन के लिए नए अनुभव और नए किरदार देती है।
पुरस्कार के बाद भी नौकरी छोड़ने का इरादा नहीं
सम्मान मिलने के बाद वांग ने कहा कि वे फिलहाल फूड डिलीवरी की नौकरी छोड़ने की योजना नहीं बना रहे हैं। वे करीब 60 साल की उम्र तक इस काम को जारी रखना चाहते हैं।
उनका कहना है कि यह काम उन्हें सक्रिय रखता है और समाज की वास्तविक जिंदगी से जोड़ता है। साहित्यिक पहचान मिलने के बाद भी वे अपने रोजमर्रा के जीवन में बड़ा बदलाव नहीं चाहते।
पुरस्कार की घोषणा के आसपास मीडिया का ध्यान अचानक बढ़ने से उन पर मानसिक दबाव भी आया। इसके बावजूद उन्होंने साफ किया कि साहित्यिक सफलता उनके काम और जीवन जीने के तरीके को पूरी तरह बदल नहीं देगी।
अंग्रेजी और फ्रेंच में भी पहुंचेगी उनकी कविता
वांग की रचनाओं को अब चीन के बाहर भी पाठकों तक पहुंचाने की तैयारी है। उनकी किताब के अंग्रेजी और फ्रेंच संस्करण प्रकाशित किए जाने की योजना है।
इससे डिलीवरी कर्मचारियों और चीन की गिग इकोनॉमी से जुड़ी उनकी कविताएं अंतरराष्ट्रीय पाठकों तक पहुंच सकेंगी। श्रमिक जीवन पर आधारित साहित्य के रूप में उनकी रचनाओं को नए पाठक मिलने की संभावना है।
उनका साहित्य आधुनिक शहरों की उस व्यवस्था को सामने रखता है, जहां डिजिटल ऐप के पीछे हजारों वास्तविक कर्मचारी लगातार समय और लक्ष्य के दबाव में काम करते हैं।
चीन में सामने आ रहे मजदूर वर्ग के नए लेखक
वांग जिबिंग अकेले ऐसे कामगार नहीं हैं जिन्हें अपने जीवन के अनुभवों को लिखने के कारण पहचान मिली है। हाल के वर्षों में चीन में ब्लू-कॉलर और गिग वर्कर्स के बीच से कई लेखक सामने आए हैं।
इन लेखकों की खासियत यह है कि वे श्रमिक जीवन को बाहर से देखकर नहीं, बल्कि उसे जीते हुए लिख रहे हैं। उनकी कहानियों में नौकरी की असुरक्षा, शहरों में जीवन का दबाव और आर्थिक संघर्ष सीधे अनुभवों के रूप में सामने आते हैं।
इसी क्रम में पूर्व डिलीवरी कर्मचारी हू आनयान की आत्मकथा ‘आई डिलीवर पार्सल्स इन बीजिंग’ ने भी बड़ी लोकप्रियता हासिल की। किताब चीन में बेस्टसेलर बनी और बाद में इसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ।
फान यूसु की कहानी ने भी इंटरनेट पर मचाई थी हलचल
इससे पहले प्रवासी मजदूर फान यूसु ने भी अपने आत्मकथात्मक लेखन से व्यापक पहचान हासिल की थी। 2017 में उनका लेख ‘आई एम फान यूसु’ इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ था।
उनके लेख ने चीन में प्रवासी मजदूरों की जिंदगी और संघर्ष को व्यापक चर्चा का विषय बना दिया। अचानक मिली लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि लगातार मीडिया का ध्यान बढ़ने के कारण उन्हें कुछ समय के लिए अपने घर से दूर रहना पड़ा।
वांग की सफलता को भी चीन में उभर रहे इसी श्रमिक साहित्य की मजबूत होती धारा से जोड़कर देखा जा रहा है।
लू शुन के नाम पर दिया जाता है प्रतिष्ठित पुरस्कार
वांग को मिला साहित्यिक सम्मान चीन के महान लेखक लू शुन के नाम पर स्थापित है। लू शुन को आधुनिक चीनी साहित्य के सबसे प्रभावशाली साहित्यकारों में गिना जाता है।
उन्होंने अपनी कहानियों, निबंधों और व्यंग्यात्मक लेखन के माध्यम से समाज की रूढ़ियों, असमानताओं और परंपरागत व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। आधुनिक चीनी साहित्य के विकास में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
लू शुन साहित्य पुरस्कार का आयोजन चाइना राइटर्स एसोसिएशन द्वारा किया जाता है। यह सम्मान अलग-अलग साहित्यिक श्रेणियों में उत्कृष्ट समकालीन रचनाओं को मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है और चीन के प्रमुख राष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कारों में इसकी गिनती होती है।
खबरें और भी हैं
Thank you for voting! Results will be shown after the poll ends.
Thank you for voting! Results will be shown after the poll ends.
