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रीवा में 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, डकैती और NDPS समेत तीन मामलों में था फरार
रीवा (म.प्र.)
मनगवां पुलिस ने 21 वर्षीय जितेंद्र सिंह उर्फ राका को दबोचा, लंबे समय से चल रही थी तलाश; गंभीर मामलों में दर्ज हैं केस
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में गंभीर आपराधिक मामलों में फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को मनगवां पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए युवक की पहचान 21 वर्षीय जितेंद्र सिंह उर्फ राका के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ मनगवां थाने में तीन अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। इनमें डकैती, एनडीपीएस एक्ट और मारपीट से जुड़े मामले शामिल हैं। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
लगातार फरार रहने के कारण पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास किए थे। कई बार संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश की गई, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ रहा था। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देते हुए थाना स्तर पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस अधीक्षक की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का नकद इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, जितेंद्र सिंह उर्फ राका के खिलाफ दर्ज मामलों में अलग-अलग तरह के गंभीर आरोप हैं। एक मामले में पीड़ितों से शराब पीने के लिए पैसे मांगने और विवाद के बाद मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने की कोशिश करती रही, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा।
डकैती के मामले में भी पुलिस को थी तलाश
मनगवां पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम डकैती से जुड़े एक मामले में भी सामने आया था। इस प्रकरण में अपराध दर्ज होने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई थी। गंभीर प्रकृति का मामला होने के कारण पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। इसके बावजूद वह अपना ठिकाना बदलकर पुलिस की पहुंच से दूर रहने की कोशिश करता रहा।
आरोपी के लगातार फरार रहने से पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र की मदद लेने के साथ ही उसके आने-जाने वाले स्थानों पर भी नजर रखी गई। पुलिस टीम को निर्देश दिए गए थे कि आरोपी से जुड़ी किसी भी सूचना की तत्काल पुष्टि कर कार्रवाई की जाए। इसी रणनीति के तहत उसकी तलाश आगे बढ़ाई गई।
NDPS एक्ट के तहत भी दर्ज है प्रकरण
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज है। मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों को लेकर एनडीपीएस कानून में सख्त प्रावधान हैं। ऐसे मामले में आरोपी का लगातार फरार रहना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। इसलिए उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष रूप से प्रयास किए जा रहे थे।
एक से अधिक मामलों में नाम सामने आने और लगातार गिरफ्तारी से बचने के कारण पुलिस ने उसकी तलाश का दायरा बढ़ाया। उसके गांव के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करती रही कि फरारी के दौरान आरोपी किन स्थानों पर रह रहा है और किन लोगों के संपर्क में है। आखिरकार पुलिस को ऐसी सूचना मिली, जिससे आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली।
10 हजार रुपए का इनाम किया गया था घोषित
तीन मामलों में लगातार फरार रहने के कारण आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक स्तर से इनाम की घोषणा के बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई। पुलिस टीम ने आरोपी के बारे में सूचनाएं जुटाने के साथ उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी थी।
इनामी आरोपी को पकड़ने के लिए मनगवां थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई गई। टीम ने अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली जानकारियों की जांच की। पुलिस का उद्देश्य आरोपी की गतिविधियों के बारे में सटीक सूचना हासिल करना था, ताकि वह दोबारा बचकर न निकल सके। काफी प्रयास के बाद टीम को उसकी मौजूदगी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
19 जुलाई को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और 19 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही लंबे समय से चल रही पुलिस की तलाश समाप्त हुई। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस अब आरोपी के खिलाफ दर्ज तीनों मामलों से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को आगे की कार्रवाई के लिए व्यवस्थित कर रही है। प्रत्येक मामले में उसकी कथित भूमिका की जांच संबंधित केस के तथ्यों के आधार पर की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उससे पूछताछ कर घटनाओं से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई रीवा पुलिस अधीक्षक गुरकरन सिंह के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात संदीप मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मनगवां प्रतिभा शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
मनगवां थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस स्टाफ की टीम ने आरोपी की तलाश की। टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। लंबे समय तक फरार रहने के कारण आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस को कई स्तर पर सूचनाओं की पुष्टि करनी पड़ी। इसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
बेलवा पैकान का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी का पूरा नाम जितेंद्र सिंह उर्फ राका है। वह रामपाल सिंह का पुत्र है और उसकी उम्र करीब 21 वर्ष बताई गई है। आरोपी रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र के ग्राम बेलवा पैकान का निवासी है। उसके खिलाफ मनगवां थाने में दर्ज तीन मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी।
कम उम्र में गंभीर मामलों में नाम सामने आने के बाद पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है। यह पता लगाया जा रहा है कि दर्ज तीन मामलों के अलावा उसका नाम किसी अन्य प्रकरण में सामने आया है या नहीं। इसके लिए संबंधित थानों और उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड की जानकारी भी देखी जा सकती है।
फरारी के दौरान ठिकानों की भी हो सकती है जांच
पुलिस के लिए अब एक महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना भी है कि आरोपी इतने समय तक गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा। फरारी के दौरान उसने किन स्थानों पर शरण ली और किन लोगों से उसका संपर्क रहा, इन सवालों की जांच से पुलिस को अन्य जानकारियां मिल सकती हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आरोपी को जानबूझकर छिपाने या पुलिस से बचने में सहायता करने से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो उनकी भूमिका की भी कानून के अनुसार जांच की जा सकती है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने पर है।
तीनों मामलों की अलग-अलग जांच आगे बढ़ेगी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ शराब पीने के लिए पैसे मांगने और मारपीट करने, डकैती तथा एनडीपीएस एक्ट से संबंधित अलग-अलग प्रकरण दर्ज हैं। चूंकि तीनों मामलों की प्रकृति अलग है, इसलिए उनमें उपलब्ध साक्ष्य और आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
पुलिस संबंधित मामलों में शिकायतकर्ताओं और पीड़ितों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्यों को केस रिकॉर्ड का हिस्सा बनाएगी। जहां आवश्यक होगा, वहां तकनीकी या परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लंबित कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
इनामी और फरार आरोपियों पर पुलिस की नजर
रीवा पुलिस जिले में लंबे समय से फरार और इनामी आरोपियों की तलाश के लिए लगातार अभियान चला रही है। ऐसे मामलों में थाना स्तर पर आरोपियों की जानकारी अपडेट करने, उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने और मुखबिर तंत्र के जरिए सूचना जुटाने का काम किया जाता है। मनगवां पुलिस की इस कार्रवाई को भी इसी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।
आरोपी जितेंद्र सिंह उर्फ राका की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसे संबंधित न्यायालय में पेश करने और प्रकरणों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी। पुलिस तीनों मामलों में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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रीवा में 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, डकैती और NDPS समेत तीन मामलों में था फरार
रीवा (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में गंभीर आपराधिक मामलों में फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को मनगवां पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए युवक की पहचान 21 वर्षीय जितेंद्र सिंह उर्फ राका के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ मनगवां थाने में तीन अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। इनमें डकैती, एनडीपीएस एक्ट और मारपीट से जुड़े मामले शामिल हैं। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
लगातार फरार रहने के कारण पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास किए थे। कई बार संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश की गई, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ रहा था। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देते हुए थाना स्तर पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस अधीक्षक की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का नकद इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, जितेंद्र सिंह उर्फ राका के खिलाफ दर्ज मामलों में अलग-अलग तरह के गंभीर आरोप हैं। एक मामले में पीड़ितों से शराब पीने के लिए पैसे मांगने और विवाद के बाद मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने की कोशिश करती रही, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा।
डकैती के मामले में भी पुलिस को थी तलाश
मनगवां पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम डकैती से जुड़े एक मामले में भी सामने आया था। इस प्रकरण में अपराध दर्ज होने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई थी। गंभीर प्रकृति का मामला होने के कारण पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। इसके बावजूद वह अपना ठिकाना बदलकर पुलिस की पहुंच से दूर रहने की कोशिश करता रहा।
आरोपी के लगातार फरार रहने से पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र की मदद लेने के साथ ही उसके आने-जाने वाले स्थानों पर भी नजर रखी गई। पुलिस टीम को निर्देश दिए गए थे कि आरोपी से जुड़ी किसी भी सूचना की तत्काल पुष्टि कर कार्रवाई की जाए। इसी रणनीति के तहत उसकी तलाश आगे बढ़ाई गई।
NDPS एक्ट के तहत भी दर्ज है प्रकरण
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज है। मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों को लेकर एनडीपीएस कानून में सख्त प्रावधान हैं। ऐसे मामले में आरोपी का लगातार फरार रहना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। इसलिए उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष रूप से प्रयास किए जा रहे थे।
एक से अधिक मामलों में नाम सामने आने और लगातार गिरफ्तारी से बचने के कारण पुलिस ने उसकी तलाश का दायरा बढ़ाया। उसके गांव के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करती रही कि फरारी के दौरान आरोपी किन स्थानों पर रह रहा है और किन लोगों के संपर्क में है। आखिरकार पुलिस को ऐसी सूचना मिली, जिससे आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली।
10 हजार रुपए का इनाम किया गया था घोषित
तीन मामलों में लगातार फरार रहने के कारण आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक स्तर से इनाम की घोषणा के बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई। पुलिस टीम ने आरोपी के बारे में सूचनाएं जुटाने के साथ उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी थी।
इनामी आरोपी को पकड़ने के लिए मनगवां थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई गई। टीम ने अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली जानकारियों की जांच की। पुलिस का उद्देश्य आरोपी की गतिविधियों के बारे में सटीक सूचना हासिल करना था, ताकि वह दोबारा बचकर न निकल सके। काफी प्रयास के बाद टीम को उसकी मौजूदगी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
19 जुलाई को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और 19 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही लंबे समय से चल रही पुलिस की तलाश समाप्त हुई। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस अब आरोपी के खिलाफ दर्ज तीनों मामलों से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को आगे की कार्रवाई के लिए व्यवस्थित कर रही है। प्रत्येक मामले में उसकी कथित भूमिका की जांच संबंधित केस के तथ्यों के आधार पर की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उससे पूछताछ कर घटनाओं से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई रीवा पुलिस अधीक्षक गुरकरन सिंह के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात संदीप मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मनगवां प्रतिभा शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
मनगवां थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस स्टाफ की टीम ने आरोपी की तलाश की। टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। लंबे समय तक फरार रहने के कारण आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस को कई स्तर पर सूचनाओं की पुष्टि करनी पड़ी। इसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
बेलवा पैकान का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी का पूरा नाम जितेंद्र सिंह उर्फ राका है। वह रामपाल सिंह का पुत्र है और उसकी उम्र करीब 21 वर्ष बताई गई है। आरोपी रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र के ग्राम बेलवा पैकान का निवासी है। उसके खिलाफ मनगवां थाने में दर्ज तीन मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी।
कम उम्र में गंभीर मामलों में नाम सामने आने के बाद पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है। यह पता लगाया जा रहा है कि दर्ज तीन मामलों के अलावा उसका नाम किसी अन्य प्रकरण में सामने आया है या नहीं। इसके लिए संबंधित थानों और उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड की जानकारी भी देखी जा सकती है।
फरारी के दौरान ठिकानों की भी हो सकती है जांच
पुलिस के लिए अब एक महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना भी है कि आरोपी इतने समय तक गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा। फरारी के दौरान उसने किन स्थानों पर शरण ली और किन लोगों से उसका संपर्क रहा, इन सवालों की जांच से पुलिस को अन्य जानकारियां मिल सकती हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आरोपी को जानबूझकर छिपाने या पुलिस से बचने में सहायता करने से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो उनकी भूमिका की भी कानून के अनुसार जांच की जा सकती है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने पर है।
तीनों मामलों की अलग-अलग जांच आगे बढ़ेगी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ शराब पीने के लिए पैसे मांगने और मारपीट करने, डकैती तथा एनडीपीएस एक्ट से संबंधित अलग-अलग प्रकरण दर्ज हैं। चूंकि तीनों मामलों की प्रकृति अलग है, इसलिए उनमें उपलब्ध साक्ष्य और आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
पुलिस संबंधित मामलों में शिकायतकर्ताओं और पीड़ितों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्यों को केस रिकॉर्ड का हिस्सा बनाएगी। जहां आवश्यक होगा, वहां तकनीकी या परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लंबित कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
इनामी और फरार आरोपियों पर पुलिस की नजर
रीवा पुलिस जिले में लंबे समय से फरार और इनामी आरोपियों की तलाश के लिए लगातार अभियान चला रही है। ऐसे मामलों में थाना स्तर पर आरोपियों की जानकारी अपडेट करने, उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने और मुखबिर तंत्र के जरिए सूचना जुटाने का काम किया जाता है। मनगवां पुलिस की इस कार्रवाई को भी इसी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।
आरोपी जितेंद्र सिंह उर्फ राका की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसे संबंधित न्यायालय में पेश करने और प्रकरणों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी। पुलिस तीनों मामलों में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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