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UAN Activation: EPFO का बड़ा बदलाव, अब उमंग ऐप से एक्टिवेट होगा UAN, फेस ऑथेंटिकेशन भी जरूरी
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EPFO ने UAN एक्टिवेशन की प्रक्रिया बदल दी है। अब उमंग ऐप पर आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए यह सुविधा मिलेगी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN से जुड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है। अब सदस्य पुराने तरीके से EPFO के मेंबर पोर्टल पर जाकर UAN एक्टिवेट नहीं कर पाएंगे। पोर्टल पर UAN Activation की सुविधा बंद कर दी गई है और सदस्यों को इसके लिए उमंग ऐप का इस्तेमाल करना होगा। नई व्यवस्था में आधार आधारित Face Authentication Technology यानी FAT को भी शामिल किया गया है। EPFO के आधिकारिक मेंबर पोर्टल पर इस बदलाव की सूचना दी गई है और वहां स्पष्ट किया गया है कि UAN एक्टिवेशन अब उमंग ऐप पर ‘UAN Services Through Face Auth’ के जरिए किया जाएगा। संगठन का फोकस सेवाओं को अधिक सुरक्षित, डिजिटल और पहचान सत्यापन से जोड़ने पर है।
नई प्रक्रिया में कर्मचारी को सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में उमंग ऐप और आधार फेस ऑथेंटिकेशन के लिए जरूरी ऐप उपलब्ध रखना होगा। उमंग ऐप खोलने के बाद EPFO की सेवाओं में जाना होगा। यहां ‘UAN Services Through Face Auth’ के अंतर्गत UAN Activation का विकल्प मिलता है। सदस्य को मांगी गई जानकारी दर्ज करने के बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए OTP सत्यापन पूरा करना होगा। इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया होगी। मोबाइल कैमरे के माध्यम से चेहरे की पहचान आधार से उपलब्ध रिकॉर्ड के साथ सत्यापित की जाती है। सफल सत्यापन के बाद पहले से जारी UAN को एक्टिवेट किया जा सकता है। EPFO की आधिकारिक व्यवस्था में नए UAN के आवंटन और एक्टिवेशन से जुड़ी फेस ऑथेंटिकेशन आधारित सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इस बदलाव का असर खास तौर पर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा, जिन्होंने हाल ही में नौकरी शुरू की है या जिनका UAN जारी तो हो चुका है, लेकिन अभी तक एक्टिव नहीं किया गया। UAN कर्मचारी के पूरे नौकरी जीवन में एक स्थायी पहचान संख्या की तरह काम करता है। नौकरी बदलने पर नया PF खाता जुड़ सकता है, लेकिन UAN सामान्य रूप से वही रहता है। इसी नंबर के जरिए कर्मचारी अपने अलग-अलग Member ID को एक जगह मैनेज कर सकता है। UAN एक्टिव होने के बाद सदस्य EPF पासबुक, क्लेम, प्रोफाइल और दूसरी ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच बना सकता है। EPFO का कहना है कि फेस ऑथेंटिकेशन के इस्तेमाल से सदस्य की पहचान सीधे आधार से सत्यापित करने में मदद मिलती है और गलत पहचान या रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका कम की जा सकती है।
अगर किसी सदस्य को यह देखना है कि उसका UAN पहले से एक्टिव है या नहीं, तो उमंग ऐप के EPFO सेक्शन में जाकर संबंधित फेस ऑथेंटिकेशन सेवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। यहां UAN और मांगी गई पहचान संबंधी जानकारी भरने के बाद सत्यापन किया जाता है। यदि नंबर पहले ही सक्रिय है तो सिस्टम इसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखा देता है। इससे उन कर्मचारियों को सुविधा होगी जिन्हें याद नहीं कि उन्होंने पहले UAN एक्टिवेशन पूरा किया था या नहीं। किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में EPFO ने अपने हेल्पडेस्क नंबर 14470 के जरिए सहायता लेने की सुविधा भी बताई है।
UAN की प्रक्रिया में यह बदलाव EPFO की डिजिटल सेवाओं को फेस ऑथेंटिकेशन से जोड़ने की बड़ी योजना का हिस्सा है। संगठन पहले से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सहित कुछ सेवाओं में चेहरे के जरिए पहचान सत्यापन का इस्तेमाल कर रहा है। अब UAN से जुड़ी सेवाओं में भी इसी तकनीक का दायरा बढ़ाया गया है। इसका फायदा यह है कि कई मामलों में कर्मचारी को केवल OTP या दस्तावेज आधारित पहचान पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। हालांकि प्रक्रिया पूरी करने के लिए आधार में दर्ज जानकारी सही होना जरूरी है। नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरणों में अंतर होने पर सदस्य को परेशानी आ सकती है, इसलिए आवेदन से पहले रिकॉर्ड की जांच करना उपयोगी रहेगा।
PF खाताधारकों के लिए ब्याज दर भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा पर 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की सिफारिश की थी। EPFO के आधिकारिक दस्तावेजों में भी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत की दर की सिफारिश दर्ज है। कर्मचारी और नियोक्ता की ओर से जमा होने वाली राशि पर लागू नियमों के अनुसार ब्याज जोड़ा जाता है और यह लंबी अवधि में कर्मचारी की रिटायरमेंट सेविंग का अहम हिस्सा बनता है।
EPF से पैसे निकालने की व्यवस्था में भी पिछले समय में बदलाव किए गए हैं। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर परिस्थिति में केवल 75 प्रतिशत निकासी और अनिवार्य रूप से 25 प्रतिशत बैलेंस रखने वाला एक सामान्य पुराना नियम मान लेना सही नहीं होगा। EPFO ने निकासी नियमों को सरल करने की दिशा में बदलाव किए हैं और अलग-अलग जरूरतों तथा पात्रता के अनुसार निकासी की सीमा तय होती है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार आंशिक निकासी आवास, शिक्षा, विवाह और चिकित्सा जैसी निर्धारित जरूरतों के लिए उपलब्ध है, जबकि हाल के सुधारों में कई पुराने प्रावधानों को सरल ढांचे में लाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। इसलिए PF निकालने से पहले सदस्य को अपनी पात्रता और उस समय लागू नियम EPFO की आधिकारिक सेवा पर जांच लेने चाहिए।
EPFO Member Portal पर UAN एक्टिवेशन की पुरानी सुविधा बंद होने की आधिकारिक सूचना देखी जा सकती है, जबकि UMANG पर EPFO Services के जरिए उपलब्ध UAN और फेस ऑथेंटिकेशन सेवाओं की जानकारी मिलती है।
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UAN Activation: EPFO का बड़ा बदलाव, अब उमंग ऐप से एक्टिवेट होगा UAN, फेस ऑथेंटिकेशन भी जरूरी
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN से जुड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है। अब सदस्य पुराने तरीके से EPFO के मेंबर पोर्टल पर जाकर UAN एक्टिवेट नहीं कर पाएंगे। पोर्टल पर UAN Activation की सुविधा बंद कर दी गई है और सदस्यों को इसके लिए उमंग ऐप का इस्तेमाल करना होगा। नई व्यवस्था में आधार आधारित Face Authentication Technology यानी FAT को भी शामिल किया गया है। EPFO के आधिकारिक मेंबर पोर्टल पर इस बदलाव की सूचना दी गई है और वहां स्पष्ट किया गया है कि UAN एक्टिवेशन अब उमंग ऐप पर ‘UAN Services Through Face Auth’ के जरिए किया जाएगा। संगठन का फोकस सेवाओं को अधिक सुरक्षित, डिजिटल और पहचान सत्यापन से जोड़ने पर है।
नई प्रक्रिया में कर्मचारी को सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में उमंग ऐप और आधार फेस ऑथेंटिकेशन के लिए जरूरी ऐप उपलब्ध रखना होगा। उमंग ऐप खोलने के बाद EPFO की सेवाओं में जाना होगा। यहां ‘UAN Services Through Face Auth’ के अंतर्गत UAN Activation का विकल्प मिलता है। सदस्य को मांगी गई जानकारी दर्ज करने के बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए OTP सत्यापन पूरा करना होगा। इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया होगी। मोबाइल कैमरे के माध्यम से चेहरे की पहचान आधार से उपलब्ध रिकॉर्ड के साथ सत्यापित की जाती है। सफल सत्यापन के बाद पहले से जारी UAN को एक्टिवेट किया जा सकता है। EPFO की आधिकारिक व्यवस्था में नए UAN के आवंटन और एक्टिवेशन से जुड़ी फेस ऑथेंटिकेशन आधारित सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इस बदलाव का असर खास तौर पर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा, जिन्होंने हाल ही में नौकरी शुरू की है या जिनका UAN जारी तो हो चुका है, लेकिन अभी तक एक्टिव नहीं किया गया। UAN कर्मचारी के पूरे नौकरी जीवन में एक स्थायी पहचान संख्या की तरह काम करता है। नौकरी बदलने पर नया PF खाता जुड़ सकता है, लेकिन UAN सामान्य रूप से वही रहता है। इसी नंबर के जरिए कर्मचारी अपने अलग-अलग Member ID को एक जगह मैनेज कर सकता है। UAN एक्टिव होने के बाद सदस्य EPF पासबुक, क्लेम, प्रोफाइल और दूसरी ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच बना सकता है। EPFO का कहना है कि फेस ऑथेंटिकेशन के इस्तेमाल से सदस्य की पहचान सीधे आधार से सत्यापित करने में मदद मिलती है और गलत पहचान या रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका कम की जा सकती है।
अगर किसी सदस्य को यह देखना है कि उसका UAN पहले से एक्टिव है या नहीं, तो उमंग ऐप के EPFO सेक्शन में जाकर संबंधित फेस ऑथेंटिकेशन सेवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। यहां UAN और मांगी गई पहचान संबंधी जानकारी भरने के बाद सत्यापन किया जाता है। यदि नंबर पहले ही सक्रिय है तो सिस्टम इसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखा देता है। इससे उन कर्मचारियों को सुविधा होगी जिन्हें याद नहीं कि उन्होंने पहले UAN एक्टिवेशन पूरा किया था या नहीं। किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में EPFO ने अपने हेल्पडेस्क नंबर 14470 के जरिए सहायता लेने की सुविधा भी बताई है।
UAN की प्रक्रिया में यह बदलाव EPFO की डिजिटल सेवाओं को फेस ऑथेंटिकेशन से जोड़ने की बड़ी योजना का हिस्सा है। संगठन पहले से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सहित कुछ सेवाओं में चेहरे के जरिए पहचान सत्यापन का इस्तेमाल कर रहा है। अब UAN से जुड़ी सेवाओं में भी इसी तकनीक का दायरा बढ़ाया गया है। इसका फायदा यह है कि कई मामलों में कर्मचारी को केवल OTP या दस्तावेज आधारित पहचान पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। हालांकि प्रक्रिया पूरी करने के लिए आधार में दर्ज जानकारी सही होना जरूरी है। नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरणों में अंतर होने पर सदस्य को परेशानी आ सकती है, इसलिए आवेदन से पहले रिकॉर्ड की जांच करना उपयोगी रहेगा।
PF खाताधारकों के लिए ब्याज दर भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा पर 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की सिफारिश की थी। EPFO के आधिकारिक दस्तावेजों में भी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत की दर की सिफारिश दर्ज है। कर्मचारी और नियोक्ता की ओर से जमा होने वाली राशि पर लागू नियमों के अनुसार ब्याज जोड़ा जाता है और यह लंबी अवधि में कर्मचारी की रिटायरमेंट सेविंग का अहम हिस्सा बनता है।
EPF से पैसे निकालने की व्यवस्था में भी पिछले समय में बदलाव किए गए हैं। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर परिस्थिति में केवल 75 प्रतिशत निकासी और अनिवार्य रूप से 25 प्रतिशत बैलेंस रखने वाला एक सामान्य पुराना नियम मान लेना सही नहीं होगा। EPFO ने निकासी नियमों को सरल करने की दिशा में बदलाव किए हैं और अलग-अलग जरूरतों तथा पात्रता के अनुसार निकासी की सीमा तय होती है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार आंशिक निकासी आवास, शिक्षा, विवाह और चिकित्सा जैसी निर्धारित जरूरतों के लिए उपलब्ध है, जबकि हाल के सुधारों में कई पुराने प्रावधानों को सरल ढांचे में लाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। इसलिए PF निकालने से पहले सदस्य को अपनी पात्रता और उस समय लागू नियम EPFO की आधिकारिक सेवा पर जांच लेने चाहिए।
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