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भूपेश बघेल के बयान से छत्तीसगढ़ में सियासी तनाव, सूरजपुर मामला गरमाया
सूरजपुर, (छ.ग.)
पुलिस प्रशासन को चेतावनी देने वाले बयान पर विवाद, अनशन खत्म होने के बाद भी राजनीतिक माहौल गर्म
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में विश्रामपुर थाने के सामने हुए कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं टीएस सिंहदेव और दीपक बैज का अनशन और भूख हड़ताल भले ही प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया हो, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “जिस दिन हमारी सरकार आएगी, सब याद रखा जाएगा।”
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले को लेकर पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामला राजनीतिक दबाव में दर्ज किया गया है, जबकि प्रशासन ने इसे कानून व्यवस्था की कार्रवाई बताया। सूरजपुर में तीन दिन तक चले इस आंदोलन के दौरान स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी रही। प्रदर्शन स्थल पर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर बैठ गए, जबकि दीपक बैज भूख हड़ताल पर रहे। प्रशासन की ओर से एसडीएम और एएसपी लगातार बातचीत के प्रयास करते रहे।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
बुधवार को सूरजपुर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से फोन पर भी चर्चा कराई गई और कांग्रेस की मांगों पर विचार का आश्वासन दिया गया। प्रशासन ने टीआई के खिलाफ कार्रवाई और आर्म्स एक्ट की धाराओं की समीक्षा का आश्वासन दिया, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके बाद अनशन और भूख हड़ताल को नारियल पानी पिलाकर समाप्त कराया गया। हालांकि आंदोलन समाप्त होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि यह संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है और जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
भूपेश बघेल का बयान बना विवाद की वजह
इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया है। एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए फर्जी मामला दर्ज किया गया है और पुलिस अधिकारियों को इसके परिणाम याद रखने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ता कमजोर नहीं हैं और आने वाले समय में स्थिति बदल सकती है। उनके इसी बयान को लेकर अब सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
FIR और जांच की स्थिति
मामले से जुड़े विवाद के बीच पुलिस ने दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई एकतरफा है और राजनीतिक दबाव में की गई है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रातभर चला धरना
अनशन स्थल पर मंगलवार रात से ही राजनीतिक हलचल बनी रही। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता वहां डटे रहे। प्रशासनिक अधिकारी लगातार बातचीत और समझाइश का प्रयास करते रहे, लेकिन शुरुआती दौर में सहमति नहीं बन सकी। बाद में वरिष्ठ नेताओं और प्रशासन के बीच हुई बातचीत के बाद स्थिति में बदलाव आया और आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
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भूपेश बघेल के बयान से छत्तीसगढ़ में सियासी तनाव, सूरजपुर मामला गरमाया
सूरजपुर, (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में विश्रामपुर थाने के सामने हुए कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं टीएस सिंहदेव और दीपक बैज का अनशन और भूख हड़ताल भले ही प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया हो, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “जिस दिन हमारी सरकार आएगी, सब याद रखा जाएगा।”
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले को लेकर पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामला राजनीतिक दबाव में दर्ज किया गया है, जबकि प्रशासन ने इसे कानून व्यवस्था की कार्रवाई बताया। सूरजपुर में तीन दिन तक चले इस आंदोलन के दौरान स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी रही। प्रदर्शन स्थल पर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर बैठ गए, जबकि दीपक बैज भूख हड़ताल पर रहे। प्रशासन की ओर से एसडीएम और एएसपी लगातार बातचीत के प्रयास करते रहे।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
बुधवार को सूरजपुर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से फोन पर भी चर्चा कराई गई और कांग्रेस की मांगों पर विचार का आश्वासन दिया गया। प्रशासन ने टीआई के खिलाफ कार्रवाई और आर्म्स एक्ट की धाराओं की समीक्षा का आश्वासन दिया, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके बाद अनशन और भूख हड़ताल को नारियल पानी पिलाकर समाप्त कराया गया। हालांकि आंदोलन समाप्त होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि यह संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है और जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
भूपेश बघेल का बयान बना विवाद की वजह
इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया है। एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए फर्जी मामला दर्ज किया गया है और पुलिस अधिकारियों को इसके परिणाम याद रखने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ता कमजोर नहीं हैं और आने वाले समय में स्थिति बदल सकती है। उनके इसी बयान को लेकर अब सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
FIR और जांच की स्थिति
मामले से जुड़े विवाद के बीच पुलिस ने दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई एकतरफा है और राजनीतिक दबाव में की गई है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रातभर चला धरना
अनशन स्थल पर मंगलवार रात से ही राजनीतिक हलचल बनी रही। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता वहां डटे रहे। प्रशासनिक अधिकारी लगातार बातचीत और समझाइश का प्रयास करते रहे, लेकिन शुरुआती दौर में सहमति नहीं बन सकी। बाद में वरिष्ठ नेताओं और प्रशासन के बीच हुई बातचीत के बाद स्थिति में बदलाव आया और आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
