- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- 1 अप्रैल से बड़े बदलाव: छत्तीसगढ़ में सस्ती रजिस्ट्री, टोल महंगा, 3 महीने का राशन, प्लास्टिक बोतल मे...
1 अप्रैल से बड़े बदलाव: छत्तीसगढ़ में सस्ती रजिस्ट्री, टोल महंगा, 3 महीने का राशन, प्लास्टिक बोतल में शराब और कैशलेस टोल प्लाजा लागू
छत्तीसगढ़
1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ कई बड़े बदलाव लागू हुए हैं। छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री सस्ती हुई है और राशन व्यवस्था में सुधार किया गया है।
1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ देश और छत्तीसगढ़ में कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं। इन फैसलों का असर सीधे आम लोगों की जेब, सफर, टैक्स प्रक्रिया और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ने वाला है। जहां एक ओर कुछ राहत देने वाले फैसले लिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ नियम सख्त और खर्च बढ़ाने वाले भी हैं।
छत्तीसगढ़ में राहत और नई व्यवस्थाएं
नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन छत्तीसगढ़ के लोगों को प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में राहत मिली है। राज्य सरकार ने रजिस्ट्री की दरों को कम किया है, जिससे जमीन या मकान खरीदने वालों को फायदा होगा। इसके साथ ही राशन व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने का चावल देने का निर्णय लिया गया है। इससे बार-बार राशन लेने की जरूरत कम होगी।
राज्य की नई आबकारी नीति के तहत शराब अब प्लास्टिक बोतलों में उपलब्ध होगी। सरकार का मानना है कि इससे लागत और वितरण प्रक्रिया में बदलाव आएगा।
नया आयकर कानून और टैक्स प्रक्रिया
देश में अब नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ले ली है। इस नए सिस्टम में टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया गया है। अब वित्तीय वर्ष और आकलन वर्ष की जटिलता को खत्म करते हुए ‘टैक्स वर्ष’ की अवधारणा लागू की गई है।
इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि को टैक्स वर्ष 2026-27 कहा जाएगा। इसके अलावा गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है, जिससे करदाताओं को अतिरिक्त समय मिल सके।
टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस
अब देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वाहन चालकों को अब टोल शुल्क केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही चुकाना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना है।
हालांकि जिन लोगों के FASTag में बैलेंस नहीं होगा, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में UPI भुगतान ही एकमात्र विकल्प रहेगा।
PAN और KYC नियमों में सख्ती
नए वित्तीय वर्ष से PAN और KYC से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया गया है। अब बैंकिंग, निवेश और टैक्स से जुड़े सभी लेनदेन में पहचान सत्यापन अनिवार्य होगा। बिना KYC के ट्रांजैक्शन पर रोक लगाई जा सकती है।
PAN कार्ड बनवाने के लिए अब आधार के अलावा जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट भी जरूरी होगी। इसका उद्देश्य फर्जी खातों पर रोक लगाना और टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाना है।
रेल टिकट रिफंड नियम में बदलाव
रेल यात्रियों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। अब ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी।
हालांकि यात्रियों को ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा दी गई है। इस बदलाव से फर्जी बुकिंग कम होने और वेटिंग टिकट वालों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा
तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 218 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसका असर सीधे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाओं पर पड़ेगा।
खाने-पीने की चीजें जैसे चाय, नाश्ता और थाली महंगी हो सकती हैं। इसके अलावा शादी और अन्य आयोजनों का खर्च भी बढ़ सकता है।
सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
नई वेतन व्यवस्था के अनुसार कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब उनके कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत होना जरूरी होगा। कंपनियां भत्तों को 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रख सकेंगी।
इस बदलाव से कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी पर असर पड़ सकता है, लेकिन भविष्य के लिए यह फायदेमंद साबित होगा। EPF और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी होने से रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
1 अप्रैल से बड़े बदलाव: छत्तीसगढ़ में सस्ती रजिस्ट्री, टोल महंगा, 3 महीने का राशन, प्लास्टिक बोतल में शराब और कैशलेस टोल प्लाजा लागू
छत्तीसगढ़
1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ देश और छत्तीसगढ़ में कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं। इन फैसलों का असर सीधे आम लोगों की जेब, सफर, टैक्स प्रक्रिया और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ने वाला है। जहां एक ओर कुछ राहत देने वाले फैसले लिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ नियम सख्त और खर्च बढ़ाने वाले भी हैं।
छत्तीसगढ़ में राहत और नई व्यवस्थाएं
नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन छत्तीसगढ़ के लोगों को प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में राहत मिली है। राज्य सरकार ने रजिस्ट्री की दरों को कम किया है, जिससे जमीन या मकान खरीदने वालों को फायदा होगा। इसके साथ ही राशन व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने का चावल देने का निर्णय लिया गया है। इससे बार-बार राशन लेने की जरूरत कम होगी।
राज्य की नई आबकारी नीति के तहत शराब अब प्लास्टिक बोतलों में उपलब्ध होगी। सरकार का मानना है कि इससे लागत और वितरण प्रक्रिया में बदलाव आएगा।
नया आयकर कानून और टैक्स प्रक्रिया
देश में अब नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ले ली है। इस नए सिस्टम में टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया गया है। अब वित्तीय वर्ष और आकलन वर्ष की जटिलता को खत्म करते हुए ‘टैक्स वर्ष’ की अवधारणा लागू की गई है।
इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि को टैक्स वर्ष 2026-27 कहा जाएगा। इसके अलावा गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है, जिससे करदाताओं को अतिरिक्त समय मिल सके।
टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस
अब देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वाहन चालकों को अब टोल शुल्क केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही चुकाना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना है।
हालांकि जिन लोगों के FASTag में बैलेंस नहीं होगा, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में UPI भुगतान ही एकमात्र विकल्प रहेगा।
PAN और KYC नियमों में सख्ती
नए वित्तीय वर्ष से PAN और KYC से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया गया है। अब बैंकिंग, निवेश और टैक्स से जुड़े सभी लेनदेन में पहचान सत्यापन अनिवार्य होगा। बिना KYC के ट्रांजैक्शन पर रोक लगाई जा सकती है।
PAN कार्ड बनवाने के लिए अब आधार के अलावा जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट भी जरूरी होगी। इसका उद्देश्य फर्जी खातों पर रोक लगाना और टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाना है।
रेल टिकट रिफंड नियम में बदलाव
रेल यात्रियों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। अब ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी।
हालांकि यात्रियों को ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा दी गई है। इस बदलाव से फर्जी बुकिंग कम होने और वेटिंग टिकट वालों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा
तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 218 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसका असर सीधे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाओं पर पड़ेगा।
खाने-पीने की चीजें जैसे चाय, नाश्ता और थाली महंगी हो सकती हैं। इसके अलावा शादी और अन्य आयोजनों का खर्च भी बढ़ सकता है।
सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
नई वेतन व्यवस्था के अनुसार कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब उनके कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत होना जरूरी होगा। कंपनियां भत्तों को 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रख सकेंगी।
इस बदलाव से कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी पर असर पड़ सकता है, लेकिन भविष्य के लिए यह फायदेमंद साबित होगा। EPF और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी होने से रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
