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भिलाई में फर्जी जांच के नाम पर ब्लैकमेलिंग, मंत्री की फोटो दिखाकर 20 लाख की मांग
भिलाई (छ.ग.)
निजी अस्पतालों को धमकाने वाला आरोपी फिर घिरा, दूसरी FIR दर्ज; खुद को मैग्जीन एडिटर बताकर बनाता था दबाव
छत्तीसगढ़ के भिलाई में निजी अस्पतालों से कथित उगाही के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरमीत सिंह वाधवा नामक व्यक्ति के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ अपनी तस्वीर दिखाकर अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाता था और भारी रकम की मांग करता था।
सुपेला थाना क्षेत्र में दर्ज ताजा शिकायत स्पर्श अस्पताल के महाप्रबंधक द्वारा की गई है। आरोप के मुताबिक, वाधवा खुद को एक प्रतिष्ठित मैग्जीन का मैनेजिंग एडिटर बताता था और सरकारी जांच से जुड़ा होने का दावा करता था। वह अस्पताल पहुंचकर विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक खामियों का हवाला देता और कार्रवाई की चेतावनी देता था।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आरोपी ने ऑक्सीजन प्लांट, पर्यावरण मानकों और भवन निर्माण से जुड़ी कमियों का मुद्दा उठाते हुए रिपोर्ट तैयार करने की बात कही। इसके साथ ही उसने अस्पताल बंद कराने की धमकी दी और कथित तौर पर 20 लाख रुपये की मांग की। रकम देने से इनकार करने पर उसने फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी लगातार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क करता रहा। उसने कुछ मामलों में सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए अस्पताल की छवि खराब करने का प्रयास भी किया। प्रबंधन का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित तरीके से दबाव बनाकर धन उगाही करने के उद्देश्य से किया गया।
इससे पहले भी छावनी थाना क्षेत्र में एक अन्य निजी अस्पताल की शिकायत पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है, जहां उसने कथित तौर पर 5 लाख रुपये की मांग की थी। दोनों मामलों में समान तौर-तरीकों का इस्तेमाल सामने आया है, जिससे पुलिस को उगाही के एक पैटर्न की आशंका है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अस्पतालों के खिलाफ शिकायतें और आरटीआई आवेदन भी किए, जिसके चलते संबंधित विभागों की जांच टीमें मौके पर पहुंचीं। इससे अस्पताल प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव बना। हालांकि, जांच के दौरान ही उसके दावों पर संदेह गहराया और मामला पुलिस तक पहुंचा।
सुपेला थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आरोपी की गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि उसने किन-किन संस्थानों को निशाना बनाया और क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
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भिलाई में फर्जी जांच के नाम पर ब्लैकमेलिंग, मंत्री की फोटो दिखाकर 20 लाख की मांग
भिलाई (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के भिलाई में निजी अस्पतालों से कथित उगाही के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरमीत सिंह वाधवा नामक व्यक्ति के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ अपनी तस्वीर दिखाकर अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाता था और भारी रकम की मांग करता था।
सुपेला थाना क्षेत्र में दर्ज ताजा शिकायत स्पर्श अस्पताल के महाप्रबंधक द्वारा की गई है। आरोप के मुताबिक, वाधवा खुद को एक प्रतिष्ठित मैग्जीन का मैनेजिंग एडिटर बताता था और सरकारी जांच से जुड़ा होने का दावा करता था। वह अस्पताल पहुंचकर विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक खामियों का हवाला देता और कार्रवाई की चेतावनी देता था।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आरोपी ने ऑक्सीजन प्लांट, पर्यावरण मानकों और भवन निर्माण से जुड़ी कमियों का मुद्दा उठाते हुए रिपोर्ट तैयार करने की बात कही। इसके साथ ही उसने अस्पताल बंद कराने की धमकी दी और कथित तौर पर 20 लाख रुपये की मांग की। रकम देने से इनकार करने पर उसने फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी लगातार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क करता रहा। उसने कुछ मामलों में सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए अस्पताल की छवि खराब करने का प्रयास भी किया। प्रबंधन का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित तरीके से दबाव बनाकर धन उगाही करने के उद्देश्य से किया गया।
इससे पहले भी छावनी थाना क्षेत्र में एक अन्य निजी अस्पताल की शिकायत पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है, जहां उसने कथित तौर पर 5 लाख रुपये की मांग की थी। दोनों मामलों में समान तौर-तरीकों का इस्तेमाल सामने आया है, जिससे पुलिस को उगाही के एक पैटर्न की आशंका है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अस्पतालों के खिलाफ शिकायतें और आरटीआई आवेदन भी किए, जिसके चलते संबंधित विभागों की जांच टीमें मौके पर पहुंचीं। इससे अस्पताल प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव बना। हालांकि, जांच के दौरान ही उसके दावों पर संदेह गहराया और मामला पुलिस तक पहुंचा।
सुपेला थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आरोपी की गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि उसने किन-किन संस्थानों को निशाना बनाया और क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
