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छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा: 17 मजदूरों की मौत, वेदांता का मुआवजा ऐलान
सक्ती (छ.ग.)
सक्ती में बॉयलर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, 36 झुलसे; जांच के आदेश, परिजनों का विरोध
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। हादसा मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ, जब प्लांट के भीतर अचानक विस्फोट हुआ और काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।
प्रशासन के अनुसार, कुल 36 मजदूर इस हादसे में झुलसे हैं, जिनमें से 18 का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में कुछ की पहचान हो चुकी है, जबकि कई शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण पहचान की प्रक्रिया जारी है।
कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, प्लांट के बॉयलर में अचानक दबाव बढ़ने के कारण विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूर सीधे इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
कौन प्रभावित
हादसे में प्रभावित मजदूरों में छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के श्रमिक शामिल हैं। कई परिवारों के सदस्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों में चिंता और आक्रोश है।
प्रतिक्रिया और विरोध
हादसे के बाद प्लांट के बाहर परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रबंधन समय पर सही जानकारी नहीं दे रहा है। कुछ परिजनों ने अपने रिश्तेदारों के लापता होने की बात कही है।
मुआवजा और सरकारी कदम
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से भी मृतकों के परिवार को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
जांच और आगे की कार्रवाई
जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज और मृतकों की पहचान सुनिश्चित करना है।
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छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा: 17 मजदूरों की मौत, वेदांता का मुआवजा ऐलान
सक्ती (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। हादसा मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ, जब प्लांट के भीतर अचानक विस्फोट हुआ और काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।
प्रशासन के अनुसार, कुल 36 मजदूर इस हादसे में झुलसे हैं, जिनमें से 18 का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में कुछ की पहचान हो चुकी है, जबकि कई शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण पहचान की प्रक्रिया जारी है।
कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, प्लांट के बॉयलर में अचानक दबाव बढ़ने के कारण विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूर सीधे इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
कौन प्रभावित
हादसे में प्रभावित मजदूरों में छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के श्रमिक शामिल हैं। कई परिवारों के सदस्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों में चिंता और आक्रोश है।
प्रतिक्रिया और विरोध
हादसे के बाद प्लांट के बाहर परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रबंधन समय पर सही जानकारी नहीं दे रहा है। कुछ परिजनों ने अपने रिश्तेदारों के लापता होने की बात कही है।
मुआवजा और सरकारी कदम
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से भी मृतकों के परिवार को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
जांच और आगे की कार्रवाई
जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज और मृतकों की पहचान सुनिश्चित करना है।
