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दिल्ली में आतंकी साजिश नाकाम, ISI से जुड़े 9 संदिग्ध गिरफ्तार
नेशनल डेस्क
मंत्रालयों, धार्मिक स्थलों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की थी तैयारी, हथियार और विस्फोटक बरामद
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम करने का दावा किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से जुड़े कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के कब्जे से हथियार, हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक सामग्री और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों का नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और राजधानी में बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मॉड्यूल का मकसद दिल्ली के संवेदनशील इलाकों, सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षा बलों के ठिकानों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना था। अगर यह साजिश सफल हो जाती तो बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कई स्थानों पर नजर रखी गई। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध संपर्कों और लेन-देन की जानकारी सामने आई, जिसके बाद स्पेशल सेल ने कार्रवाई तेज कर दी। कई दिनों तक चली निगरानी के बाद अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों और विस्फोटक सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल किस प्रकार के हमले में किया जाना था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपियों को प्रशिक्षण कहां मिला और उन्हें किस स्तर पर निर्देश दिए जा रहे थे। शुरुआती जानकारी में कुछ विदेशी संपर्कों और संदिग्ध ऑनलाइन कम्युनिकेशन की बात भी सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं। जांच का एक बड़ा हिस्सा इस नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों को लेकर भी है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धन कहां से आ रहा था और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था। इसके अलावा डिजिटल उपकरणों, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच भी की जा रही है ताकि नेटवर्क की पूरी संरचना को समझा जा सके।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित हैंडलर्स से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। साथ ही कुछ संदिग्ध कड़ियां मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से भी जुड़ती दिखाई दे रही हैं। हालांकि इन पहलुओं की अभी विस्तृत जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
दिल्ली जैसे संवेदनशील शहर में इस तरह की साजिश का सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। राजधानी में संसद, केंद्रीय मंत्रालय, विदेशी दूतावास, महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल और रणनीतिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लिया जाता है। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी और खुफिया नेटवर्क को मजबूत बनाने पर काम कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में तकनीक के इस्तेमाल ने आतंकवादी नेटवर्क की कार्यप्रणाली को बदल दिया है। अब सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल फंडिंग के जरिए नेटवर्क संचालित करने की कोशिशें बढ़ी हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए केवल जमीन पर ही नहीं बल्कि साइबर स्पेस में भी सतर्क रहना जरूरी हो गया है।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसियां अभी कई पहलुओं पर काम कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोग भी देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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दिल्ली में आतंकी साजिश नाकाम, ISI से जुड़े 9 संदिग्ध गिरफ्तार
नेशनल डेस्क
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम करने का दावा किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से जुड़े कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के कब्जे से हथियार, हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक सामग्री और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों का नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और राजधानी में बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मॉड्यूल का मकसद दिल्ली के संवेदनशील इलाकों, सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षा बलों के ठिकानों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना था। अगर यह साजिश सफल हो जाती तो बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कई स्थानों पर नजर रखी गई। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध संपर्कों और लेन-देन की जानकारी सामने आई, जिसके बाद स्पेशल सेल ने कार्रवाई तेज कर दी। कई दिनों तक चली निगरानी के बाद अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों और विस्फोटक सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल किस प्रकार के हमले में किया जाना था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपियों को प्रशिक्षण कहां मिला और उन्हें किस स्तर पर निर्देश दिए जा रहे थे। शुरुआती जानकारी में कुछ विदेशी संपर्कों और संदिग्ध ऑनलाइन कम्युनिकेशन की बात भी सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं। जांच का एक बड़ा हिस्सा इस नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों को लेकर भी है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धन कहां से आ रहा था और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था। इसके अलावा डिजिटल उपकरणों, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच भी की जा रही है ताकि नेटवर्क की पूरी संरचना को समझा जा सके।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित हैंडलर्स से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। साथ ही कुछ संदिग्ध कड़ियां मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से भी जुड़ती दिखाई दे रही हैं। हालांकि इन पहलुओं की अभी विस्तृत जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
दिल्ली जैसे संवेदनशील शहर में इस तरह की साजिश का सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। राजधानी में संसद, केंद्रीय मंत्रालय, विदेशी दूतावास, महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल और रणनीतिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लिया जाता है। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी और खुफिया नेटवर्क को मजबूत बनाने पर काम कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में तकनीक के इस्तेमाल ने आतंकवादी नेटवर्क की कार्यप्रणाली को बदल दिया है। अब सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल फंडिंग के जरिए नेटवर्क संचालित करने की कोशिशें बढ़ी हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए केवल जमीन पर ही नहीं बल्कि साइबर स्पेस में भी सतर्क रहना जरूरी हो गया है।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसियां अभी कई पहलुओं पर काम कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोग भी देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
