- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- दुर्ग डिजिटल अरेस्ट ठगी: बुजुर्ग महिला से 7 लाख की ठगी
दुर्ग डिजिटल अरेस्ट ठगी: बुजुर्ग महिला से 7 लाख की ठगी
दुर्ग (छ.ग.)
दुर्ग डिजिटल अरेस्ट ठगी में फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर बनकर वीडियो कॉल से डराया, कई दिन तक दबाव डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का नया तरीका सामने आया है।बुजुर्ग महिला को लगातार डराकर लाखों रुपए ठग लिए गए।
दुर्ग डिजिटल अरेस्ट ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें भिलाई की 62 वर्षीय महिला से करीब 7 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई। आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल और मैसेज के जरिए महिला को कई दिनों तक मानसिक दबाव में रखा। घटना मार्च 2026 में हुई, लेकिन पीड़िता ने 22 अप्रैल को स्मृति नगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, ठगों ने महिला को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर यह विश्वास दिलाया कि उनके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है और जांच के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई गई।
महिला निर्मला चौबे, जो आर्य नगर कोहका क्षेत्र में अकेली रहती हैं, ने बताया कि 13 मार्च को उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आया। कॉल पर 5-7 लोग पुलिस वर्दी में दिखाई दिए। एक व्यक्ति ने खुद को संदीप राव, मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया। आरोपियों ने दावा किया कि महिला के नाम से बैंक खाते में करोड़ों का अवैध लेन-देन हुआ है और जल्द ही उनके घर पर छापा पड़ेगा।
ठगी का तरीका
इसके बाद आरोपियों ने महिला को लगातार कॉल और मैसेज कर डराया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी को जानकारी दी तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, ठगों ने मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए दिन में कई बार संपर्क किया और ‘गुड मॉर्निंग’ व ‘गुड नाइट’ जैसे मैसेज भेजकर भरोसा भी कायम किया।
डर के कारण महिला ने 16 मार्च को अपने एसबीआई खाते से 3 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन दो युवक और एक युवती उनके घर पहुंचे और 4 लाख रुपए की और मांग की। पैसे की कमी बताने पर उन्होंने सोना गिरवी रखने की सलाह दी।
फर्जी दस्तावेज दिखाए
आरोपियों ने महिला को फर्जी एफआईआर और सुप्रीम कोर्ट के कथित आदेश भी दिखाए, जिससे वह पूरी तरह उनके झांसे में आ गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला ने मुथुट फाइनेंस में सोना गिरवी रखकर 4 लाख रुपए और ट्रांसफर कर दिए।
ठगों ने भरोसा दिलाया था कि 15 अप्रैल के बाद जांच पूरी होने पर पूरा पैसा लौटा दिया जाएगा। इसी भरोसे में महिला ने परिवार को भी जानकारी नहीं दी।
पुलिस की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद सुपेला थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स और बैंक खातों की जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अलग-अलग नंबरों से 30 से अधिक कॉल और करीब 20 वीडियो कॉल किए। मामले में अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका जताई जा रही है।
बढ़ते साइबर अपराध
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है। एक दिन पहले ही भिलाई में दो अन्य मामलों में भी लाखों रुपए की धोखाधड़ी दर्ज की गई थी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर खुद को अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों पर भरोसा न करें। किसी भी जांच या गिरफ्तारी की प्रक्रिया केवल आधिकारिक माध्यम से ही होती है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
दुर्ग डिजिटल अरेस्ट ठगी: बुजुर्ग महिला से 7 लाख की ठगी
दुर्ग (छ.ग.)
दुर्ग डिजिटल अरेस्ट ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें भिलाई की 62 वर्षीय महिला से करीब 7 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई। आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल और मैसेज के जरिए महिला को कई दिनों तक मानसिक दबाव में रखा। घटना मार्च 2026 में हुई, लेकिन पीड़िता ने 22 अप्रैल को स्मृति नगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, ठगों ने महिला को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर यह विश्वास दिलाया कि उनके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है और जांच के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई गई।
महिला निर्मला चौबे, जो आर्य नगर कोहका क्षेत्र में अकेली रहती हैं, ने बताया कि 13 मार्च को उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आया। कॉल पर 5-7 लोग पुलिस वर्दी में दिखाई दिए। एक व्यक्ति ने खुद को संदीप राव, मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया। आरोपियों ने दावा किया कि महिला के नाम से बैंक खाते में करोड़ों का अवैध लेन-देन हुआ है और जल्द ही उनके घर पर छापा पड़ेगा।
ठगी का तरीका
इसके बाद आरोपियों ने महिला को लगातार कॉल और मैसेज कर डराया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी को जानकारी दी तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, ठगों ने मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए दिन में कई बार संपर्क किया और ‘गुड मॉर्निंग’ व ‘गुड नाइट’ जैसे मैसेज भेजकर भरोसा भी कायम किया।
डर के कारण महिला ने 16 मार्च को अपने एसबीआई खाते से 3 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन दो युवक और एक युवती उनके घर पहुंचे और 4 लाख रुपए की और मांग की। पैसे की कमी बताने पर उन्होंने सोना गिरवी रखने की सलाह दी।
फर्जी दस्तावेज दिखाए
आरोपियों ने महिला को फर्जी एफआईआर और सुप्रीम कोर्ट के कथित आदेश भी दिखाए, जिससे वह पूरी तरह उनके झांसे में आ गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला ने मुथुट फाइनेंस में सोना गिरवी रखकर 4 लाख रुपए और ट्रांसफर कर दिए।
ठगों ने भरोसा दिलाया था कि 15 अप्रैल के बाद जांच पूरी होने पर पूरा पैसा लौटा दिया जाएगा। इसी भरोसे में महिला ने परिवार को भी जानकारी नहीं दी।
पुलिस की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद सुपेला थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स और बैंक खातों की जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अलग-अलग नंबरों से 30 से अधिक कॉल और करीब 20 वीडियो कॉल किए। मामले में अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका जताई जा रही है।
बढ़ते साइबर अपराध
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है। एक दिन पहले ही भिलाई में दो अन्य मामलों में भी लाखों रुपए की धोखाधड़ी दर्ज की गई थी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर खुद को अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों पर भरोसा न करें। किसी भी जांच या गिरफ्तारी की प्रक्रिया केवल आधिकारिक माध्यम से ही होती है।
