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इंदौर में लेंसकार्ट शोरूम पर विरोध, ड्रेस कोड विवाद बढ़ा
इंदौर (म.प्र.)
ड्रेस कोड नीति के खिलाफ प्रदर्शन, लेंसकार्ट विवाद पर कंपनी ने दी सफाई इंदौर में लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद ने तूल पकड़ लिया है। प्रदर्शन और कंपनी की सफाई के बीच मामला अब सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है।
मध्य प्रदेश के इंदौर में लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद को लेकर विरोध तेज हो गया है। स्कीम-54 स्थित लेंसकार्ट शोरूम के बाहर वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कंपनी की कथित ड्रेस कोड नीति का विरोध करते हुए चश्मे तोड़े और बहिष्कार का ऐलान किया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने शोरूम के भीतर जाकर महिला कर्मचारियों को तिलक लगाया और धार्मिक प्रतीकों के साथ काम करने का समर्थन जताया। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
ड्रेस कोड पर विवाद
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कंपनी की आंतरिक नीति में हिंदू धार्मिक प्रतीकों जैसे तिलक, बिंदी और कलावा पर रोक लगाई गई थी, जबकि अन्य धार्मिक प्रतीकों को अनुमति दी गई।
उनका कहना है कि यह नीति भेदभावपूर्ण है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने स्पष्ट रुख नहीं अपनाया, तो राज्यभर में विरोध और तेज किया जाएगा।
कंपनी की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद पीयूष बंसल ने बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेज पुराना है और वर्तमान नीति में किसी भी धार्मिक प्रतीक पर प्रतिबंध नहीं है।
कंपनी ने नई स्टाइल गाइड जारी करते हुए स्पष्ट किया कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, हिजाब और पगड़ी सहित सभी सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों की अनुमति है। साथ ही, इस भ्रम के लिए खेद भी जताया गया है।
बढ़ता विरोध
प्रदर्शन के दौरान संगठन से जुड़े धार्मिक नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उन्होंने कंपनी से सार्वजनिक माफी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने की गारंटी देने की मांग की है।
स्थानीय स्तर पर यह विरोध अब अन्य शहरों तक भी फैलने के संकेत दे रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भोपाल सहित कई स्थानों पर भी इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हो चुके हैं।
फिलहाल, लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद पर कंपनी की सफाई के बाद भी विरोध पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यह मामला प्रशासनिक या कानूनी स्तर तक पहुंच सकता है।
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इंदौर में लेंसकार्ट शोरूम पर विरोध, ड्रेस कोड विवाद बढ़ा
इंदौर (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के इंदौर में लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद को लेकर विरोध तेज हो गया है। स्कीम-54 स्थित लेंसकार्ट शोरूम के बाहर वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कंपनी की कथित ड्रेस कोड नीति का विरोध करते हुए चश्मे तोड़े और बहिष्कार का ऐलान किया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने शोरूम के भीतर जाकर महिला कर्मचारियों को तिलक लगाया और धार्मिक प्रतीकों के साथ काम करने का समर्थन जताया। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
ड्रेस कोड पर विवाद
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कंपनी की आंतरिक नीति में हिंदू धार्मिक प्रतीकों जैसे तिलक, बिंदी और कलावा पर रोक लगाई गई थी, जबकि अन्य धार्मिक प्रतीकों को अनुमति दी गई।
उनका कहना है कि यह नीति भेदभावपूर्ण है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने स्पष्ट रुख नहीं अपनाया, तो राज्यभर में विरोध और तेज किया जाएगा।
कंपनी की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद पीयूष बंसल ने बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेज पुराना है और वर्तमान नीति में किसी भी धार्मिक प्रतीक पर प्रतिबंध नहीं है।
कंपनी ने नई स्टाइल गाइड जारी करते हुए स्पष्ट किया कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, हिजाब और पगड़ी सहित सभी सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों की अनुमति है। साथ ही, इस भ्रम के लिए खेद भी जताया गया है।
बढ़ता विरोध
प्रदर्शन के दौरान संगठन से जुड़े धार्मिक नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उन्होंने कंपनी से सार्वजनिक माफी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने की गारंटी देने की मांग की है।
स्थानीय स्तर पर यह विरोध अब अन्य शहरों तक भी फैलने के संकेत दे रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भोपाल सहित कई स्थानों पर भी इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हो चुके हैं।
फिलहाल, लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद पर कंपनी की सफाई के बाद भी विरोध पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यह मामला प्रशासनिक या कानूनी स्तर तक पहुंच सकता है।
