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गिफ्ट-हॉलिडे पैकेज के नाम पर 50 लाख की ठगी, FIR दर्ज
बिलासपुर (छ.ग.)
बिलासपुर के मैग्नेटो मॉल में हॉलिडे पैकेज के नाम पर 50 लाख की ठगी का मामला सामने आया। कंपनी समेत 16 लोगों पर FIR दर्ज, जांच जारी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑनलाइन और कॉल के जरिए लोगों को गिफ्ट और हॉलिडे पैकेज का लालच देकर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। शहर के मैग्नेटो मॉल स्थित चौथी मंजिल पर ‘क्लब्रियोंट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से चल रही कंपनी पर आरोप है कि उसने करीब 15 से 20 लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये वसूल लिए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है और पुलिस ने कंपनी के संचालक समेत 16 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ितों का कहना है कि उन्हें फोन कॉल के जरिए बताया गया कि उनका नाम लकी ड्रॉ या कूपन में निकला है और उन्हें फ्री गिफ्ट या सस्ते हॉलिडे पैकेज दिए जाएंगे। इसी झांसे में आकर लोग मैग्नेटो मॉल के ऑफिस तक पहुंचते रहे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें आकर्षक टूर पैकेज, होटल स्टे और विदेश यात्रा जैसे सपने दिखाए जाते थे। धीरे-धीरे उनसे अलग-अलग बहाने से पैसे वसूले जाते रहे, कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर तो कभी टिकट बुकिंग और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर।
एक पीड़ित अमित गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें 20 फरवरी को कॉल आया था और कहा गया कि उनका नाम गिफ्ट लकी ड्रॉ में आया है। इसके बाद उन्हें मैग्नेटो मॉल की चौथी मंजिल पर स्थित ऑफिस बुलाया गया। अमित वहां पहुंचे तो उन्हें काफी प्रीमियम सेटअप दिखाया गया और भरोसा दिलाया गया कि कंपनी पूरी तरह रजिस्टर्ड है और जल्द ही उन्हें विदेश टूर पैकेज मिलेगा। शुरुआती भरोसे के बाद उनसे 27 फरवरी को 25 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए और फिर धीरे-धीरे अलग-अलग बहानों से 50 हजार रुपये और वसूले गए।
हालात तब बदलने लगे जब पैसे लेने के बाद कंपनी के कर्मचारी लगातार टालमटोल करने लगे। पीड़ितों के मुताबिक वादा किया गया था कि टिकट और पैकेज की पूरी जानकारी ईमेल पर भेजी जाएगी, लेकिन कुछ ही दिनों में सभी नंबर बंद आने लगे। जब लोग दोबारा ऑफिस पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। यही नहीं, उस वक्त तक कई और लोग भी वहां पहुंच चुके थे जो इसी तरह की ठगी का शिकार हुए थे।
पुलिस की शुरुआती जांच में अब तक करीब 8 लाख 12 हजार रुपये की ठगी का हिसाब सामने आया है, लेकिन पीड़ितों का दावा है कि यह रकम 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। अलग-अलग लोगों से 75 हजार से लेकर 1.28 लाख रुपये तक की वसूली की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क सिर्फ बिलासपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि रायपुर और भिलाई जैसे शहरों के मॉल में भी इनके ऑफिस होने की बात सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक कंपनी के कर्मचारी रोजाना नए लोगों को कॉल करते थे और उन्हें फ्री गिफ्ट या हॉलिडे पैकेज का लालच देकर ऑफिस बुलाते थे। खास बात यह है कि इनके निशाने पर नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लोग ज्यादा होते थे, जिन्हें क्रेडिट कार्ड और यूपीआई के जरिए पेमेंट करवाया जाता था।
फिलहाल पुलिस ने कंपनी के संचालक नागेश बालासाहेब साखरे समेत 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठगी का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि अभी कई पीड़ित सामने आना बाकी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है।
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गिफ्ट-हॉलिडे पैकेज के नाम पर 50 लाख की ठगी, FIR दर्ज
बिलासपुर (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑनलाइन और कॉल के जरिए लोगों को गिफ्ट और हॉलिडे पैकेज का लालच देकर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। शहर के मैग्नेटो मॉल स्थित चौथी मंजिल पर ‘क्लब्रियोंट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से चल रही कंपनी पर आरोप है कि उसने करीब 15 से 20 लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये वसूल लिए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है और पुलिस ने कंपनी के संचालक समेत 16 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ितों का कहना है कि उन्हें फोन कॉल के जरिए बताया गया कि उनका नाम लकी ड्रॉ या कूपन में निकला है और उन्हें फ्री गिफ्ट या सस्ते हॉलिडे पैकेज दिए जाएंगे। इसी झांसे में आकर लोग मैग्नेटो मॉल के ऑफिस तक पहुंचते रहे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें आकर्षक टूर पैकेज, होटल स्टे और विदेश यात्रा जैसे सपने दिखाए जाते थे। धीरे-धीरे उनसे अलग-अलग बहाने से पैसे वसूले जाते रहे, कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर तो कभी टिकट बुकिंग और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर।
एक पीड़ित अमित गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें 20 फरवरी को कॉल आया था और कहा गया कि उनका नाम गिफ्ट लकी ड्रॉ में आया है। इसके बाद उन्हें मैग्नेटो मॉल की चौथी मंजिल पर स्थित ऑफिस बुलाया गया। अमित वहां पहुंचे तो उन्हें काफी प्रीमियम सेटअप दिखाया गया और भरोसा दिलाया गया कि कंपनी पूरी तरह रजिस्टर्ड है और जल्द ही उन्हें विदेश टूर पैकेज मिलेगा। शुरुआती भरोसे के बाद उनसे 27 फरवरी को 25 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए और फिर धीरे-धीरे अलग-अलग बहानों से 50 हजार रुपये और वसूले गए।
हालात तब बदलने लगे जब पैसे लेने के बाद कंपनी के कर्मचारी लगातार टालमटोल करने लगे। पीड़ितों के मुताबिक वादा किया गया था कि टिकट और पैकेज की पूरी जानकारी ईमेल पर भेजी जाएगी, लेकिन कुछ ही दिनों में सभी नंबर बंद आने लगे। जब लोग दोबारा ऑफिस पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। यही नहीं, उस वक्त तक कई और लोग भी वहां पहुंच चुके थे जो इसी तरह की ठगी का शिकार हुए थे।
पुलिस की शुरुआती जांच में अब तक करीब 8 लाख 12 हजार रुपये की ठगी का हिसाब सामने आया है, लेकिन पीड़ितों का दावा है कि यह रकम 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। अलग-अलग लोगों से 75 हजार से लेकर 1.28 लाख रुपये तक की वसूली की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क सिर्फ बिलासपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि रायपुर और भिलाई जैसे शहरों के मॉल में भी इनके ऑफिस होने की बात सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक कंपनी के कर्मचारी रोजाना नए लोगों को कॉल करते थे और उन्हें फ्री गिफ्ट या हॉलिडे पैकेज का लालच देकर ऑफिस बुलाते थे। खास बात यह है कि इनके निशाने पर नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लोग ज्यादा होते थे, जिन्हें क्रेडिट कार्ड और यूपीआई के जरिए पेमेंट करवाया जाता था।
फिलहाल पुलिस ने कंपनी के संचालक नागेश बालासाहेब साखरे समेत 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठगी का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि अभी कई पीड़ित सामने आना बाकी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है।
