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कोरिया में छात्रा सुसाइड केस में आईसी मार्ट संचालक गिरफ्तार, दो आरोपी अब भी फरार; राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मांगी रिपोर्ट
Digital Desk
कॉस्मेटिक सामान की कथित चोरी के आरोप के बाद 17 वर्षीय छात्रा ने की थी आत्महत्या, पुलिस ने राजस्थान से एक आरोपी को पकड़ा; मामले की जांच तेज
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर में 17 वर्षीय छात्रा पूजा सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आईसी मार्ट के संचालक विनोद वैद को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर चुकी थी। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। वहीं, इस पूरे मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रशासन से तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विनोद वैद को राजस्थान से हिरासत में लेकर बैकुंठपुर लाया गया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे वाहन से लेकर आ रही थी, तब उसका मुस्कुराता हुआ वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनीं। हालांकि पुलिस ने मामले पर आधिकारिक टिप्पणी करते हुए कहा है कि जांच कानून के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि घटना से पहले छात्रा पूजा सिंह अपनी छोटी बहन के साथ बैकुंठपुर के संजय चौक स्थित आईसी मार्ट में खरीदारी करने गई थी। आरोप है कि मार्ट संचालकों ने उस पर लगभग 1500 रुपये के कॉस्मेटिक सामान की चोरी का आरोप लगाया। पुलिस के अनुसार उपलब्ध शिकायत में यह भी कहा गया है कि उस समय छात्रा और उसकी बहन सामान लेकर दुकान से बाहर नहीं निकली थीं। मामले की जांच के दौरान इन सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने छात्रा से एक कागज पर कथित रूप से यह लिखवाया कि उसने और उसकी बहन ने दुकान से सामान चोरी किया है। इसके साथ ही उसकी स्कूटी भी अपने पास रख ली गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्कूटी वापस करने के बदले पहले 20 हजार रुपये और बाद में 50 हजार रुपये की मांग की गई। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
घटना के बाद मानसिक रूप से परेशान छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें छात्रा ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि उसकी वजह से परिवार को बदनामी झेलनी पड़ रही है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर उसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। साथ ही उसकी लिखावट और अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
पूजा सिंह पुलिस लाइन बैकुंठपुर में रहने वाले आरक्षक शिवनाथ सिंह पैकरा की बेटी थी और आत्मानंद स्कूल में कक्षा 11वीं की छात्रा थी। परिवार का कहना है कि घटना के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में थी। पुलिस सभी परिस्थितियों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस ने इस मामले में आईसी मार्ट के संचालक विनोद वैद, जगत कुमार वैद और दीपक वैद के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। विनोद वैद की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जगत कुमार और उसका बेटा दीपक अभी फरार हैं। दोनों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी विनोद वैद को आईसी मार्ट भी लेकर पहुंची, जहां घटनास्थल से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जानकारी और जांच से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा जल्द किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
इस घटना के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की जांच का निर्णय लिया है। आयोग ने मीडिया में प्रकाशित खबरों और आदिवासी नेता डॉ. नंदकुमार साय द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर प्रशासन से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग के सहायक निदेशक पी.के. दास द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि यदि तय समय के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है तो आयोग संविधान के तहत प्राप्त सिविल न्यायालय जैसी शक्तियों का उपयोग करने पर विचार कर सकता है।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। परिजनों और पुलिस परिवार के सदस्यों ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की थी। बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े ने भी मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। सर्व आदिवासी समाज ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कोरिया कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। समाज की ओर से आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
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कोरिया में छात्रा सुसाइड केस में आईसी मार्ट संचालक गिरफ्तार, दो आरोपी अब भी फरार; राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मांगी रिपोर्ट
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छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर में 17 वर्षीय छात्रा पूजा सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आईसी मार्ट के संचालक विनोद वैद को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर चुकी थी। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। वहीं, इस पूरे मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रशासन से तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विनोद वैद को राजस्थान से हिरासत में लेकर बैकुंठपुर लाया गया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे वाहन से लेकर आ रही थी, तब उसका मुस्कुराता हुआ वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनीं। हालांकि पुलिस ने मामले पर आधिकारिक टिप्पणी करते हुए कहा है कि जांच कानून के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि घटना से पहले छात्रा पूजा सिंह अपनी छोटी बहन के साथ बैकुंठपुर के संजय चौक स्थित आईसी मार्ट में खरीदारी करने गई थी। आरोप है कि मार्ट संचालकों ने उस पर लगभग 1500 रुपये के कॉस्मेटिक सामान की चोरी का आरोप लगाया। पुलिस के अनुसार उपलब्ध शिकायत में यह भी कहा गया है कि उस समय छात्रा और उसकी बहन सामान लेकर दुकान से बाहर नहीं निकली थीं। मामले की जांच के दौरान इन सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने छात्रा से एक कागज पर कथित रूप से यह लिखवाया कि उसने और उसकी बहन ने दुकान से सामान चोरी किया है। इसके साथ ही उसकी स्कूटी भी अपने पास रख ली गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्कूटी वापस करने के बदले पहले 20 हजार रुपये और बाद में 50 हजार रुपये की मांग की गई। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
घटना के बाद मानसिक रूप से परेशान छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें छात्रा ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि उसकी वजह से परिवार को बदनामी झेलनी पड़ रही है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर उसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। साथ ही उसकी लिखावट और अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
पूजा सिंह पुलिस लाइन बैकुंठपुर में रहने वाले आरक्षक शिवनाथ सिंह पैकरा की बेटी थी और आत्मानंद स्कूल में कक्षा 11वीं की छात्रा थी। परिवार का कहना है कि घटना के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में थी। पुलिस सभी परिस्थितियों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस ने इस मामले में आईसी मार्ट के संचालक विनोद वैद, जगत कुमार वैद और दीपक वैद के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। विनोद वैद की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जगत कुमार और उसका बेटा दीपक अभी फरार हैं। दोनों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी विनोद वैद को आईसी मार्ट भी लेकर पहुंची, जहां घटनास्थल से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जानकारी और जांच से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा जल्द किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
इस घटना के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की जांच का निर्णय लिया है। आयोग ने मीडिया में प्रकाशित खबरों और आदिवासी नेता डॉ. नंदकुमार साय द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर प्रशासन से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग के सहायक निदेशक पी.के. दास द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि यदि तय समय के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है तो आयोग संविधान के तहत प्राप्त सिविल न्यायालय जैसी शक्तियों का उपयोग करने पर विचार कर सकता है।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। परिजनों और पुलिस परिवार के सदस्यों ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की थी। बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े ने भी मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। सर्व आदिवासी समाज ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कोरिया कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। समाज की ओर से आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
