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12 साल से नहीं हुआ था लिफ्ट मेंटेनेंस, कंपनी निदेशकों समेत 7 पर FIR; मजिस्ट्रियल जांच शुरू
Sakti, CG
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा स्थित आरकेएम पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रविवार रात लिफ्ट गिरने से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए कंपनी के निदेशकों और जिम्मेदार अफसरों समेत सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। साथ ही, मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
12 साल से नहीं हुआ था लिफ्ट का मेंटेनेंस
जांच में सामने आया है कि जिस लिफ्ट से मजदूरों की जान गई, उसका मेंटेनेंस पिछले 12 वर्षों से नहीं किया गया था। मजदूरों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सेफ्टी बेल्ट, वायर और अन्य उपकरण जर्जर अवस्था में थे। कई बार इसकी शिकायत प्रबंधन से की गई, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
हादसे के बाद गुस्से में आए स्थानीय मजदूरों ने कहा कि कंपनी के अधिकारी सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रहे थे, सुरक्षा पर नहीं।
प्लांट प्रबंधन ने बंद किए गेट, मीडिया को रोका
हादसे के बाद आरकेएम प्लांट प्रबंधन ने परिसर के गेट बंद कर मीडिया को अंदर जाने से रोक दिया, जिससे संदेह और गहरा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट में सुरक्षा नियमों की अनदेखी आम बात है। पहले भी कई बार छोटे हादसे हुए हैं, जिन्हें पैसे और प्रभाव के दम पर दबा दिया गया।
IG के निर्देशन में कार्रवाई, 7 आरोपी बनाए गए
पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला और एसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए कंपनी प्रबंधन के सात अधिकारियों और निदेशकों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कलेक्टर ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 176(1) के तहत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच का जिम्मा डभरा SDM को सौंपा गया है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
जांच में यह बिंदु शामिल होंगे
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि—
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हादसे के वक्त कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे,
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दुर्घटना तकनीकी खामी से हुई या मानवीय लापरवाही से,
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क्या औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण किया था,
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और अगर किया था, तो उसमें क्या खामियां मिली थीं।
साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निवारक उपायों की भी सिफारिश की जाएगी।
मजदूरों के परिजन कर रहे न्याय की मांग
मृत मजदूरों के परिजन अस्पताल में रो-रोकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। घायलों का इलाज जारी है। परिजन सरकार से मुआवजा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, कंपनी प्रबंधन ने अभी तक इस पूरे मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है।
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Sakti, CG
रविवार रात लिफ्ट गिरने से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए कंपनी के निदेशकों और जिम्मेदार अफसरों समेत सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। साथ ही, मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
12 साल से नहीं हुआ था लिफ्ट का मेंटेनेंस
जांच में सामने आया है कि जिस लिफ्ट से मजदूरों की जान गई, उसका मेंटेनेंस पिछले 12 वर्षों से नहीं किया गया था। मजदूरों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सेफ्टी बेल्ट, वायर और अन्य उपकरण जर्जर अवस्था में थे। कई बार इसकी शिकायत प्रबंधन से की गई, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
हादसे के बाद गुस्से में आए स्थानीय मजदूरों ने कहा कि कंपनी के अधिकारी सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रहे थे, सुरक्षा पर नहीं।
प्लांट प्रबंधन ने बंद किए गेट, मीडिया को रोका
हादसे के बाद आरकेएम प्लांट प्रबंधन ने परिसर के गेट बंद कर मीडिया को अंदर जाने से रोक दिया, जिससे संदेह और गहरा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट में सुरक्षा नियमों की अनदेखी आम बात है। पहले भी कई बार छोटे हादसे हुए हैं, जिन्हें पैसे और प्रभाव के दम पर दबा दिया गया।
IG के निर्देशन में कार्रवाई, 7 आरोपी बनाए गए
पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला और एसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए कंपनी प्रबंधन के सात अधिकारियों और निदेशकों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कलेक्टर ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 176(1) के तहत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच का जिम्मा डभरा SDM को सौंपा गया है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
जांच में यह बिंदु शामिल होंगे
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि—
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हादसे के वक्त कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे,
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दुर्घटना तकनीकी खामी से हुई या मानवीय लापरवाही से,
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क्या औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण किया था,
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और अगर किया था, तो उसमें क्या खामियां मिली थीं।
साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निवारक उपायों की भी सिफारिश की जाएगी।
मजदूरों के परिजन कर रहे न्याय की मांग
मृत मजदूरों के परिजन अस्पताल में रो-रोकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। घायलों का इलाज जारी है। परिजन सरकार से मुआवजा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, कंपनी प्रबंधन ने अभी तक इस पूरे मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है।
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