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भिलाई स्टील प्लांट से 1030 किलो स्क्रैप चोरी का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 5 आरोपी फरार
भिलाई (छ.ग.)
संवेदनशील ब्लास्टिंग यार्ड में घुसकर वारदात, पुलिस ने वाहन सहित लाखों का सामान जब्त किया
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से स्क्रैप चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के पांच अन्य सदस्य अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 16 मार्च 2026 की है, जब आरोपियों ने भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्टिंग यार्ड के पास अवैध रूप से प्रवेश कर लोहे के स्क्रैप की चोरी की। यह क्षेत्र प्लांट का अत्यंत संवेदनशील हिस्सा माना जाता है, जहां आम नागरिकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। इसके बावजूद आरोपियों ने सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए वारदात को अंजाम दिया।
अगले दिन 17 मार्च को बीएसपी की सुरक्षा इकाई द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद थाना भिलाई भट्ठी पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी राकेश कुमार सोनकर को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए स्क्रैप को एक पिकअप वाहन में भरकर प्लांट से बाहर ले जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1030 किलोग्राम लोहे का स्क्रैप और घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन जब्त कर लिया है। जब्त सामग्री की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है।
इस मामले में कुल छह आरोपियों की पहचान हुई है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब आकाश राव पुरके, नरेश कलेथ, पुष्पेंद्र दीप, मनोज कुम्भार और मनोज कुमार गुप्ता फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह औद्योगिक क्षेत्रों से स्क्रैप चोरी कर उसे अवैध रूप से बेचकर मुनाफा कमाता था। पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है और अन्य मामलों में भी इसकी भूमिका हो सकती है।
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भिलाई स्टील प्लांट से 1030 किलो स्क्रैप चोरी का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 5 आरोपी फरार
भिलाई (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से स्क्रैप चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के पांच अन्य सदस्य अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 16 मार्च 2026 की है, जब आरोपियों ने भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्टिंग यार्ड के पास अवैध रूप से प्रवेश कर लोहे के स्क्रैप की चोरी की। यह क्षेत्र प्लांट का अत्यंत संवेदनशील हिस्सा माना जाता है, जहां आम नागरिकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। इसके बावजूद आरोपियों ने सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए वारदात को अंजाम दिया।
अगले दिन 17 मार्च को बीएसपी की सुरक्षा इकाई द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद थाना भिलाई भट्ठी पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी राकेश कुमार सोनकर को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए स्क्रैप को एक पिकअप वाहन में भरकर प्लांट से बाहर ले जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1030 किलोग्राम लोहे का स्क्रैप और घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन जब्त कर लिया है। जब्त सामग्री की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है।
इस मामले में कुल छह आरोपियों की पहचान हुई है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब आकाश राव पुरके, नरेश कलेथ, पुष्पेंद्र दीप, मनोज कुम्भार और मनोज कुमार गुप्ता फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह औद्योगिक क्षेत्रों से स्क्रैप चोरी कर उसे अवैध रूप से बेचकर मुनाफा कमाता था। पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है और अन्य मामलों में भी इसकी भूमिका हो सकती है।
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