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बलरामपुर में भीड़ का कहर: 300 रुपये के शक में युवक को अधनंगा कर पीटा, माता-पिता पर भी हमला
बलरामपुर(छ.ग.)
चोरी के आरोप में कानून हाथ में लिया, वीडियो वायरल; पुलिस ने कहा—दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भीड़ की हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 300 रुपये और सरसों चोरी के शक में एक युवक को सार्वजनिक रूप से बुरी तरह पीटा गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है और स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना धरानगर गांव की है, जहां शनिवार दोपहर को कोरंधा निवासी युवक श्रीकांत सिंह पर एक किसान के घर से सरसों और नकदी चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों का दावा है कि युवक घर में घुसकर सामान लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया।
इसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई और भीड़ ने युवक को पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि युवक के कपड़े फाड़ दिए गए, उसे अर्ध-नग्न कर दिया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। वायरल वीडियो में उसे जमीन पर गिराकर उसके पैरों के तलवों पर डंडों से मारते हुए देखा जा सकता है।
घटना यहीं नहीं रुकी। जब युवक के माता-पिता उसे बचाने पहुंचे, तो भीड़ ने उनके साथ भी मारपीट की। इस दौरान वे भी घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस का कहना है कि युवक पर पहले भी चोरी के आरोप लगे हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून हाथ में लेना उचित नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। छोटी-सी आशंका या आरोप के आधार पर भीड़ द्वारा सजा देना न्याय व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और कानूनी समझ की कमी के कारण लोग भावनाओं में बहकर हिंसक कदम उठा लेते हैं। जबकि कानून के तहत हर आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें, न कि हिंसा का रास्ता अपनाएं।
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बलरामपुर में भीड़ का कहर: 300 रुपये के शक में युवक को अधनंगा कर पीटा, माता-पिता पर भी हमला
बलरामपुर(छ.ग.)
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भीड़ की हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 300 रुपये और सरसों चोरी के शक में एक युवक को सार्वजनिक रूप से बुरी तरह पीटा गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है और स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना धरानगर गांव की है, जहां शनिवार दोपहर को कोरंधा निवासी युवक श्रीकांत सिंह पर एक किसान के घर से सरसों और नकदी चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों का दावा है कि युवक घर में घुसकर सामान लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया।
इसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई और भीड़ ने युवक को पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि युवक के कपड़े फाड़ दिए गए, उसे अर्ध-नग्न कर दिया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। वायरल वीडियो में उसे जमीन पर गिराकर उसके पैरों के तलवों पर डंडों से मारते हुए देखा जा सकता है।
घटना यहीं नहीं रुकी। जब युवक के माता-पिता उसे बचाने पहुंचे, तो भीड़ ने उनके साथ भी मारपीट की। इस दौरान वे भी घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस का कहना है कि युवक पर पहले भी चोरी के आरोप लगे हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून हाथ में लेना उचित नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। छोटी-सी आशंका या आरोप के आधार पर भीड़ द्वारा सजा देना न्याय व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और कानूनी समझ की कमी के कारण लोग भावनाओं में बहकर हिंसक कदम उठा लेते हैं। जबकि कानून के तहत हर आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें, न कि हिंसा का रास्ता अपनाएं।
