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PM Ujjwala Yojana 3.0: महिलाओं को मिली धुएं से राहत, 1339 परिवारों को मिला नए कनेक्शन का लाभ
Digital Desk
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत 1339 पात्र परिवारों को नए एलपीजी गैस कनेक्शन दिए गए हैं। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक चूल्हों के धुएं से राहत मिली है और रसोई अधिक सुरक्षित व स्वच्छ बनी है।
PM Ujjwala Yojana 3.0: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्वच्छ रसोई अब सुविधा से आगे बढ़कर स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन की पहचान बनती जा रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के तीसरे चरण के तहत जिले में 1339 पात्र परिवारों को नए एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इस पहल ने उन घरों में उम्मीद की नई लौ जलाई है, जहां अब तक पारंपरिक चूल्हों के धुएं के बीच खाना पकाया जाता था।
धुएं से राहत, स्वास्थ्य को संबल
ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से महिलाएं लकड़ी, उपले और कोयले से भोजन पकाने को मजबूर थीं। इससे न केवल रसोई का वातावरण प्रदूषित रहता था, बल्कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ता था। आंखों में जलन, सांस संबंधी बीमारियां और थकान जैसी समस्याएं आम थीं। उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत गैस कनेक्शन मिलने के बाद इन परिवारों को धुएं से काफी हद तक राहत मिली है। अब रसोई अधिक सुरक्षित, साफ और सुविधाजनक हो गई है।
महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में संचालित यह योजना गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। गैस कनेक्शन मिलने से महिलाओं का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। पहले जहां ईंधन जुटाने में घंटों लग जाते थे, वहीं अब वही समय परिवार और बच्चों की देखभाल या आय बढ़ाने वाले कार्यों में लगाया जा रहा है। इससे महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है।
ग्रामीण समाज में व्यापक असर
कबीरधाम के गांवों में इस योजना का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं है। जंगलों से लकड़ी लाने की मजबूरी कम होने से महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ी है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पारंपरिक ईंधन के उपयोग में कमी आई है। स्वच्छ ईंधन ने ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
पात्रता के मानदंड
उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत ऐसे परिवारों को लाभ दिया जा रहा है-
- जिनकी मासिक आय 10 हजार रुपये से कम है।
- जो आयकर या व्यावसायिक कर का भुगतान नहीं करते।
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए।
- पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम का संचालन भी नहीं होना चाहिए।
- जिनके पास 50 हजार रुपये से अधिक की क्रेडिट सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड है या निर्धारित सीमा से अधिक सिंचित भूमि है, वे पात्र नहीं हैं।
- इसके अलावा 30 वर्ग मीटर से अधिक कारपेट एरिया वाले मकान के स्वामी, मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन, नाव या यंत्रीकृत कृषि उपकरण के मालिक न हों।
- पहले से एलपीजी कनेक्शनधारी परिवार भी योजना के दायरे में शामिल नहीं हैं।
बेहतर भविष्य की ओर कदम
कबीरधाम में दिए गए 1339 नए कनेक्शन केवल गैस सिलेंडर नहीं हैं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ाया गया ठोस कदम हैं। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण समाज को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का माध्यम बन रही है।
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