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मिलेट्स की खेती से राष्ट्रीय पहचान, सारंगढ़ के किसान कुलदीप पटेल को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
Digital Desk
15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'एट होम' समारोह में मिलेगा सम्मान, वैज्ञानिक खेती, प्रोसेसिंग और 'किसान से उपभोक्ता' मॉडल ने दिलाई देशभर में पहचान
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए गर्व की बात है कि यहां के प्रगतिशील किसान कुलदीप पटेल को इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के सर्वोच्च नागरिक समारोहों में से एक में सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित प्रतिष्ठित 'एट होम' समारोह में उन्हें सम्मान प्रदान करेंगी। यह सम्मान उन्हें श्रीअन्न (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने, वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेसिंग करने और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने वाले नवाचारपूर्ण मॉडल के लिए दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन के इस विशेष समारोह में देशभर से ऐसे चुनिंदा लोगों को आमंत्रित किया जाता है जिन्होंने कृषि, विज्ञान, शिक्षा, उद्योग, संस्कृति, सामाजिक सेवा, नवाचार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस बार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम परसाडीह निवासी कुलदीप पटेल का चयन इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए होना न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की पहचान है, बल्कि प्रदेश के किसानों और मिलेट्स उत्पादन को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला क्षण माना जा रहा है।
कुलदीप पटेल ने खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे आधुनिक व्यवसाय और मूल्य संवर्धन के साथ जोड़ने का सफल प्रयास किया। उन्होंने वर्ष 2018 में "फसल बाजार" की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और उन्हें सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना था। इस पहल ने स्थानीय किसानों को नई दिशा दी और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने "गवई" ब्रांड के माध्यम से रागी, कोदो, कुटकी और अन्य मिलेट्स उत्पादों को बाजार में नई पहचान दिलाई। कुलदीप पटेल किसानों से सीधे मिलेट्स की खरीद करते हैं, फिर वैज्ञानिक तरीके से उसकी सफाई, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन कर उसे बाजार तक पहुंचाते हैं। इस मॉडल से किसानों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होता है। साथ ही उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पाद पहुंचते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में मिलेट्स को लेकर देशभर में जागरूकता तेजी से बढ़ी है। पोषण से भरपूर होने के कारण श्रीअन्न को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। ऐसे समय में कुलदीप पटेल ने स्थानीय किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ मिलेट्स उत्पादन की ओर प्रेरित किया। इसका परिणाम यह हुआ कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मिलेट्स की खेती का रकबा बढ़ा और कई किसानों ने इस खेती को आय का बेहतर विकल्प बनाया।
केवल खेती तक सीमित रहने के बजाय कुलदीप पटेल ने किसानों को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का भी प्रशिक्षण दिया। उन्होंने यह समझाया कि यदि किसान अपनी उपज को सीधे तैयार उत्पाद के रूप में बाजार तक पहुंचाएं तो उनकी आमदनी कई गुना बढ़ सकती है। यही कारण है कि उनके प्रयासों से जिले में कृषि आधारित उद्यमिता को भी बढ़ावा मिला है।
राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलने के बाद कुलदीप पटेल ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ की कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू से मुलाकात कर उन्हें आमंत्रण पत्र दिखाया। इस अवसर पर कलेक्टर ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक किसान का नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश के कृषि क्षेत्र की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कुलदीप पटेल ने आधुनिक सोच और नवाचार के माध्यम से यह साबित किया है कि यदि खेती को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और बाजार से जोड़ा जाए तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कुलदीप पटेल जैसे किसान अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया है। इससे प्रदेश के अन्य किसान भी नई तकनीकों और मूल्य संवर्धन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
जनप्रतिनिधियों और किसानों ने भी कुलदीप पटेल को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। किसानों का कहना है कि उन्होंने हमेशा सामूहिक विकास पर जोर दिया और अपने अनुभवों को अन्य किसानों के साथ साझा किया। उनकी पहल से अनेक छोटे और सीमांत किसानों को भी बेहतर बाजार मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
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मिलेट्स की खेती से राष्ट्रीय पहचान, सारंगढ़ के किसान कुलदीप पटेल को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
Digital Desk
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए गर्व की बात है कि यहां के प्रगतिशील किसान कुलदीप पटेल को इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के सर्वोच्च नागरिक समारोहों में से एक में सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित प्रतिष्ठित 'एट होम' समारोह में उन्हें सम्मान प्रदान करेंगी। यह सम्मान उन्हें श्रीअन्न (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने, वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेसिंग करने और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने वाले नवाचारपूर्ण मॉडल के लिए दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन के इस विशेष समारोह में देशभर से ऐसे चुनिंदा लोगों को आमंत्रित किया जाता है जिन्होंने कृषि, विज्ञान, शिक्षा, उद्योग, संस्कृति, सामाजिक सेवा, नवाचार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस बार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम परसाडीह निवासी कुलदीप पटेल का चयन इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए होना न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की पहचान है, बल्कि प्रदेश के किसानों और मिलेट्स उत्पादन को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला क्षण माना जा रहा है।
कुलदीप पटेल ने खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे आधुनिक व्यवसाय और मूल्य संवर्धन के साथ जोड़ने का सफल प्रयास किया। उन्होंने वर्ष 2018 में "फसल बाजार" की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और उन्हें सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना था। इस पहल ने स्थानीय किसानों को नई दिशा दी और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने "गवई" ब्रांड के माध्यम से रागी, कोदो, कुटकी और अन्य मिलेट्स उत्पादों को बाजार में नई पहचान दिलाई। कुलदीप पटेल किसानों से सीधे मिलेट्स की खरीद करते हैं, फिर वैज्ञानिक तरीके से उसकी सफाई, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन कर उसे बाजार तक पहुंचाते हैं। इस मॉडल से किसानों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होता है। साथ ही उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पाद पहुंचते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में मिलेट्स को लेकर देशभर में जागरूकता तेजी से बढ़ी है। पोषण से भरपूर होने के कारण श्रीअन्न को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। ऐसे समय में कुलदीप पटेल ने स्थानीय किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ मिलेट्स उत्पादन की ओर प्रेरित किया। इसका परिणाम यह हुआ कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मिलेट्स की खेती का रकबा बढ़ा और कई किसानों ने इस खेती को आय का बेहतर विकल्प बनाया।
केवल खेती तक सीमित रहने के बजाय कुलदीप पटेल ने किसानों को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का भी प्रशिक्षण दिया। उन्होंने यह समझाया कि यदि किसान अपनी उपज को सीधे तैयार उत्पाद के रूप में बाजार तक पहुंचाएं तो उनकी आमदनी कई गुना बढ़ सकती है। यही कारण है कि उनके प्रयासों से जिले में कृषि आधारित उद्यमिता को भी बढ़ावा मिला है।
राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलने के बाद कुलदीप पटेल ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ की कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू से मुलाकात कर उन्हें आमंत्रण पत्र दिखाया। इस अवसर पर कलेक्टर ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक किसान का नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश के कृषि क्षेत्र की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कुलदीप पटेल ने आधुनिक सोच और नवाचार के माध्यम से यह साबित किया है कि यदि खेती को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और बाजार से जोड़ा जाए तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कुलदीप पटेल जैसे किसान अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया है। इससे प्रदेश के अन्य किसान भी नई तकनीकों और मूल्य संवर्धन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
जनप्रतिनिधियों और किसानों ने भी कुलदीप पटेल को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। किसानों का कहना है कि उन्होंने हमेशा सामूहिक विकास पर जोर दिया और अपने अनुभवों को अन्य किसानों के साथ साझा किया। उनकी पहल से अनेक छोटे और सीमांत किसानों को भी बेहतर बाजार मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
