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छत्तीसगढ़ में भीषण हीटवेव: जंगलों में वन्यजीवों की मौत, रायपुर में 45°C पार जाने की चेतावनी
रायपुर,(छ.ग.)
हीटवेव से हालात गंभीर, कई जिलों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर; 29 मई के बाद बारिश के आसार, तब तक लू का असर जारी
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को हालात और चिंताजनक तब हो गए जब खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली-लछना जंगल में मोर और पाम सिवेट समेत कई वन्यजीव मृत पाए गए। वहीं कांकेर जिले के सरोना गांव में करीब 500 चमगादड़ों की मौत ने वन विभाग को भी सतर्क कर दिया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक गर्मी और लू के कारण इन वन्यजीवों की मौत हुई हो सकती है। डीएफओ पंकज राजपूत ने बताया कि लगातार बढ़ते तापमान से जंगलों में पानी और छांव की कमी हो गई है, जिससे छोटे और संवेदनशील जीवों पर सीधा असर पड़ रहा है। इससे पहले कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में भी लगभग 200 चमगादड़ों की मौत की घटना सामने आई थी, जिससे वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक हीटवेव जारी रहने की चेतावनी दी है। रायपुर सहित कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मई के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है और कई इलाकों में आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
तापमान में लगातार बढ़ोतरी
बीते 24 घंटों में प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। इस दौरान सबसे अधिक तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार बढ़ती गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है और दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान नजर आ रही हैं।
जंगलों पर गर्मी का असर
वन विभाग के अनुसार गर्मी का सबसे ज्यादा असर जंगलों और वन्यजीवों पर देखा जा रहा है। पानी के स्रोत सूखने और तापमान बढ़ने के कारण जानवर सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में छोटे वन्यजीवों की मृत्यु दर बढ़ जाती है, खासकर जब तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है। दक्षिण बिहार और उत्तर आंध्र प्रदेश क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के कारण आने वाले दिनों में मौसम बदल सकता है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 29 मई के बाद आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि तब तक लू और गर्म हवाओं से राहत मिलने के आसार कम हैं।
राजधानी रायपुर में स्थिति और अधिक गंभीर बनी हुई है। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंचने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने भी हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने और हल्का भोजन लेने की अपील की है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। किसानों को फसलों की सिंचाई समय पर करने और कटाई के बाद उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही पशुओं को भी छांव और पानी उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
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छत्तीसगढ़ में भीषण हीटवेव: जंगलों में वन्यजीवों की मौत, रायपुर में 45°C पार जाने की चेतावनी
रायपुर,(छ.ग.)
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को हालात और चिंताजनक तब हो गए जब खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली-लछना जंगल में मोर और पाम सिवेट समेत कई वन्यजीव मृत पाए गए। वहीं कांकेर जिले के सरोना गांव में करीब 500 चमगादड़ों की मौत ने वन विभाग को भी सतर्क कर दिया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक गर्मी और लू के कारण इन वन्यजीवों की मौत हुई हो सकती है। डीएफओ पंकज राजपूत ने बताया कि लगातार बढ़ते तापमान से जंगलों में पानी और छांव की कमी हो गई है, जिससे छोटे और संवेदनशील जीवों पर सीधा असर पड़ रहा है। इससे पहले कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में भी लगभग 200 चमगादड़ों की मौत की घटना सामने आई थी, जिससे वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक हीटवेव जारी रहने की चेतावनी दी है। रायपुर सहित कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मई के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है और कई इलाकों में आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
तापमान में लगातार बढ़ोतरी
बीते 24 घंटों में प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। इस दौरान सबसे अधिक तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार बढ़ती गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है और दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान नजर आ रही हैं।
जंगलों पर गर्मी का असर
वन विभाग के अनुसार गर्मी का सबसे ज्यादा असर जंगलों और वन्यजीवों पर देखा जा रहा है। पानी के स्रोत सूखने और तापमान बढ़ने के कारण जानवर सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में छोटे वन्यजीवों की मृत्यु दर बढ़ जाती है, खासकर जब तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है। दक्षिण बिहार और उत्तर आंध्र प्रदेश क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के कारण आने वाले दिनों में मौसम बदल सकता है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 29 मई के बाद आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि तब तक लू और गर्म हवाओं से राहत मिलने के आसार कम हैं।
राजधानी रायपुर में स्थिति और अधिक गंभीर बनी हुई है। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंचने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने भी हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने और हल्का भोजन लेने की अपील की है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। किसानों को फसलों की सिंचाई समय पर करने और कटाई के बाद उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही पशुओं को भी छांव और पानी उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
