- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमला, छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत से शोक की लहर
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमला, छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत से शोक की लहर
रायपुर,(छ.ग.)
कुलगाम में अज्ञात आतंकियों ने मजदूरों को बनाया निशाना, सुरक्षा एजेंसियों ने घेराबंदी कर शुरू किया सर्च ऑपरेशन, परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर फैल गई है। दोनों मजदूर रोजी-रोटी कमाने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे, लेकिन आतंकियों ने उन्हें निशाना बना लिया। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और पूरे इलाके को घेरकर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
मृतकों की पहचान दीपक कुमार रात्रे और भूपेंद्र कुमार भैना के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों कुलगाम जिले में मजदूरी का काम कर रहे थे। शुक्रवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर गोलीबारी कर दी। हमले में दीपक कुमार रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र कुमार भैना को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में बेहतर उपचार के लिए जीएमसी अनंतनाग रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सुरक्षा बल आसपास के जंगलों और संभावित ठिकानों में आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। जांच एजेंसियां हमले के हर पहलू की जांच कर रही हैं और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आतंकियों ने हमला करने से पहले मजदूरों की पहचान की थी। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक एजेंसियों की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के एडीजी इंटेलिजेंस अमित कुमार से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना बेहद दुखद और अमानवीय है।
घटना की जानकारी मिलते ही दोनों मजदूरों के परिवारों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा परिवारों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हमले के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। इलाके में आने-जाने वाले रास्तों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर बाहरी राज्यों से जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में मजदूर रोजगार की तलाश में विभिन्न राज्यों से जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती माना जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हमले की साजिश कैसे रची गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर तकनीकी और फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल लोगों को जल्द पकड़ने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
आतंकवाद के खिलाफ लगातार चल रहे अभियानों के बीच इस तरह की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती जरूर हैं, लेकिन सुरक्षा बल पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं और ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमला, छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत से शोक की लहर
रायपुर,(छ.ग.)
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर फैल गई है। दोनों मजदूर रोजी-रोटी कमाने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे, लेकिन आतंकियों ने उन्हें निशाना बना लिया। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और पूरे इलाके को घेरकर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
मृतकों की पहचान दीपक कुमार रात्रे और भूपेंद्र कुमार भैना के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों कुलगाम जिले में मजदूरी का काम कर रहे थे। शुक्रवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर गोलीबारी कर दी। हमले में दीपक कुमार रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र कुमार भैना को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में बेहतर उपचार के लिए जीएमसी अनंतनाग रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सुरक्षा बल आसपास के जंगलों और संभावित ठिकानों में आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। जांच एजेंसियां हमले के हर पहलू की जांच कर रही हैं और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आतंकियों ने हमला करने से पहले मजदूरों की पहचान की थी। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक एजेंसियों की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के एडीजी इंटेलिजेंस अमित कुमार से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना बेहद दुखद और अमानवीय है।
घटना की जानकारी मिलते ही दोनों मजदूरों के परिवारों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा परिवारों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हमले के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। इलाके में आने-जाने वाले रास्तों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर बाहरी राज्यों से जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में मजदूर रोजगार की तलाश में विभिन्न राज्यों से जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती माना जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हमले की साजिश कैसे रची गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर तकनीकी और फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल लोगों को जल्द पकड़ने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
आतंकवाद के खिलाफ लगातार चल रहे अभियानों के बीच इस तरह की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती जरूर हैं, लेकिन सुरक्षा बल पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं और ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।
