- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- लंगूर मां का अनोखा शोक, मरे बच्चे को सीने से लगाकर घंटों जंगल में भटकती रही, झुंड भी मौजूद रहा
लंगूर मां का अनोखा शोक, मरे बच्चे को सीने से लगाकर घंटों जंगल में भटकती रही, झुंड भी मौजूद रहा
रायगढ़ (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक लंगूर मां अपने मृत बच्चे को गोद में लेकर घंटों भटकती नजर आई।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने वन्यजीव प्रेमियों और आम लोगों दोनों को हिला दिया। वीडियो में एक लंगूर मां अपने मृत बच्चे को गोद में लिए कई घंटों तक इधर-उधर भटकती नजर आ रही है। घटना बुधवार शाम को फॉरेस्ट ऑफिस के पास स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म के पास हुई। वीडियो में लंगूर मां कभी दीवार पर बैठती है, तो कभी बच्चे को गोद में लेकर धीरे-धीरे चलती दिखाई दे रही है। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोग रुक गए और हैरानी से इसे रिकॉर्ड कर लिया।
मृत बच्चे के साथ लंगूर मां का अनोखा व्यवहार
वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि लंगूर मां अपने बच्चे को लगातार अपने सीने से चिपकाए रख रही है। कभी-कभी वह बच्चे को गोद में लेकर इधर-उधर चलती है और कभी दीवार पर बैठ जाती है। मृतक बच्चे के साथ उसका यह व्यवहार वन्यजीव प्रेमियों के लिए भावुक कर देने वाला है। बच्चे की मौत कैसे हुई, इसका कोई निश्चित कारण नहीं पता चला है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि कहीं करंट लगने से उसकी मृत्यु हुई हो सकती है।
झुंड के साथ शोक मनाना
इस घटना के समय आसपास बड़ी संख्या में अन्य लंगूर भी मौजूद थे। वे झुंड के रूप में दीवार पर बैठे थे और शांत होकर एक-दूसरे और मृत बच्चे के साथ खड़े रहे। वन्य जीव विशेषज्ञों का मानना है कि यह उनका सामाजिक व्यवहार है और वे अपने तरीके से मृत बच्चे के शोक को व्यक्त कर रहे थे।
रेंजर्स की प्रतिक्रिया
रेंजर्स ने बताया कि इस घटना की जानकारी शाम को नहीं मिल सकी थी। जानकारी मिलने के बाद स्टाफ ने उस लंगूर की तलाश शुरू की, लेकिन वह उस समय वहां नहीं मिला। संभावना है कि रात होने के कारण लंगूर वापस जंगल लौट गया हो। अगले दिन इसके आसपास के संभावित क्षेत्रों में इसकी तलाश जारी रही।
विशेषज्ञों की राय
रिटायर्ड एसडीओ एसके गुप्ता ने बताया कि बंदरों में पारिवारिक लगाव अत्यंत गहरा होता है। जब उनके किसी सदस्य की मृत्यु होती है, तो वे अन्य वन्य प्राणियों की तुलना में अधिक सामाजिक और संवेदनशील व्यवहार करते हैं। कई बार वे मृतक सदस्य के शव को कई दिनों तक अपने पास रखते हैं और उसे किसी और को नहीं सौंपते। उनके अनुसार यह व्यवहार उनके सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव का संकेत है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
लंगूर मां का अनोखा शोक, मरे बच्चे को सीने से लगाकर घंटों जंगल में भटकती रही, झुंड भी मौजूद रहा
रायगढ़ (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने वन्यजीव प्रेमियों और आम लोगों दोनों को हिला दिया। वीडियो में एक लंगूर मां अपने मृत बच्चे को गोद में लिए कई घंटों तक इधर-उधर भटकती नजर आ रही है। घटना बुधवार शाम को फॉरेस्ट ऑफिस के पास स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म के पास हुई। वीडियो में लंगूर मां कभी दीवार पर बैठती है, तो कभी बच्चे को गोद में लेकर धीरे-धीरे चलती दिखाई दे रही है। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोग रुक गए और हैरानी से इसे रिकॉर्ड कर लिया।
मृत बच्चे के साथ लंगूर मां का अनोखा व्यवहार
वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि लंगूर मां अपने बच्चे को लगातार अपने सीने से चिपकाए रख रही है। कभी-कभी वह बच्चे को गोद में लेकर इधर-उधर चलती है और कभी दीवार पर बैठ जाती है। मृतक बच्चे के साथ उसका यह व्यवहार वन्यजीव प्रेमियों के लिए भावुक कर देने वाला है। बच्चे की मौत कैसे हुई, इसका कोई निश्चित कारण नहीं पता चला है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि कहीं करंट लगने से उसकी मृत्यु हुई हो सकती है।
झुंड के साथ शोक मनाना
इस घटना के समय आसपास बड़ी संख्या में अन्य लंगूर भी मौजूद थे। वे झुंड के रूप में दीवार पर बैठे थे और शांत होकर एक-दूसरे और मृत बच्चे के साथ खड़े रहे। वन्य जीव विशेषज्ञों का मानना है कि यह उनका सामाजिक व्यवहार है और वे अपने तरीके से मृत बच्चे के शोक को व्यक्त कर रहे थे।
रेंजर्स की प्रतिक्रिया
रेंजर्स ने बताया कि इस घटना की जानकारी शाम को नहीं मिल सकी थी। जानकारी मिलने के बाद स्टाफ ने उस लंगूर की तलाश शुरू की, लेकिन वह उस समय वहां नहीं मिला। संभावना है कि रात होने के कारण लंगूर वापस जंगल लौट गया हो। अगले दिन इसके आसपास के संभावित क्षेत्रों में इसकी तलाश जारी रही।
विशेषज्ञों की राय
रिटायर्ड एसडीओ एसके गुप्ता ने बताया कि बंदरों में पारिवारिक लगाव अत्यंत गहरा होता है। जब उनके किसी सदस्य की मृत्यु होती है, तो वे अन्य वन्य प्राणियों की तुलना में अधिक सामाजिक और संवेदनशील व्यवहार करते हैं। कई बार वे मृतक सदस्य के शव को कई दिनों तक अपने पास रखते हैं और उसे किसी और को नहीं सौंपते। उनके अनुसार यह व्यवहार उनके सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव का संकेत है।
