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कोरबा के जटांगपुर में पर्यटन विकास, 1.30 करोड़ से बदलेगी सड़क तस्वीर
कोरबा (छ.ग.)
कोरबा के जटांगपुर सड़क सुधार योजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और एनटीपीसी सीएसआर के तहत 1.30 करोड़ रुपये से विकास कार्य होगा।
कोरबा के जटांगपुर क्षेत्र में पर्यटन और आवागमन को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। लंबे समय से उपेक्षित इस खूबसूरत स्थल तक पहुंचने वाली सड़क अब नए रूप में नजर आएगी। एनटीपीसी की सीएसआर पहल के तहत 1.30 करोड़ रुपये की लागत से लगभग पांच किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस परियोजना से न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन में भी बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
जटांगपुर: प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाएं
कोरबा-कटघोरा मुख्य मार्ग से छुरी के पास स्थित जटांगपुर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। अहिरन नदी के किनारे बसा यह स्थान हरियाली, शांत वातावरण और नदी के मनमोहक दृश्य के कारण लोगों के लिए पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बन चुका है। हालांकि, सड़क की खराब हालत के कारण यहां पहुंचना अब तक काफी मुश्किल रहा है।
एनीकट और हरियाली ने बढ़ाई स्थल की सुंदरता
इस क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा बनाया गया एनीकट भी मौजूद है, जिसने नदी में जलभराव बनाए रखा है। इसके कारण आसपास की हरियाली में वृद्धि हुई है और भूजल स्तर में भी सुधार देखने को मिला है। यह प्राकृतिक वातावरण जटांगपुर को एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पूरी क्षमता देता है।
सड़क की बदहाली से लोगों को हो रही परेशानी
करीब एक दशक पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस मार्ग का निर्माण किया गया था, लेकिन समय के साथ इसकी स्थिति खराब होती चली गई। बरसात के मौसम में कीचड़ और जलभराव के कारण स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि लंबे समय से इस मार्ग के सुधार की मांग की जा रही थी।
एनटीपीसी की सीएसआर पहल से शुरू होगा सुधार कार्य
अब एनटीपीसी ने अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत इस मार्ग के सुधार के लिए 1.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। लोक निर्माण विभाग इस कार्य को पूरा करेगा। अधिकारियों के अनुसार, मानसून से पहले निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी जुड़ा है जटांगपुर से
जटांगपुर सिर्फ प्राकृतिक स्थल ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था का भी केंद्र है। यहां स्थित मां मुरितदाई मंदिर में श्रद्धालु विशेष रूप से चैत्र और क्वार नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इसके अलावा लक्ष्मण पांव स्थल भी इस क्षेत्र को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है।
स्थानीय विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सड़क सुधार परियोजना से जटांगपुर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और छोटे व्यापारों को भी गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से यह क्षेत्र धीरे-धीरे एक उभरते पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता जीआर जांगड़े के अनुसार, कटघोरा-कोरबा मुख्य मार्ग से जटांगपुर पहुंच मार्ग का जीर्णोद्धार जल्द शुरू किया जाएगा। एनटीपीसी की मदद से यह कार्य तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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कोरबा के जटांगपुर में पर्यटन विकास, 1.30 करोड़ से बदलेगी सड़क तस्वीर
कोरबा (छ.ग.)
कोरबा के जटांगपुर क्षेत्र में पर्यटन और आवागमन को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। लंबे समय से उपेक्षित इस खूबसूरत स्थल तक पहुंचने वाली सड़क अब नए रूप में नजर आएगी। एनटीपीसी की सीएसआर पहल के तहत 1.30 करोड़ रुपये की लागत से लगभग पांच किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस परियोजना से न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन में भी बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
जटांगपुर: प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाएं
कोरबा-कटघोरा मुख्य मार्ग से छुरी के पास स्थित जटांगपुर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। अहिरन नदी के किनारे बसा यह स्थान हरियाली, शांत वातावरण और नदी के मनमोहक दृश्य के कारण लोगों के लिए पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बन चुका है। हालांकि, सड़क की खराब हालत के कारण यहां पहुंचना अब तक काफी मुश्किल रहा है।
एनीकट और हरियाली ने बढ़ाई स्थल की सुंदरता
इस क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा बनाया गया एनीकट भी मौजूद है, जिसने नदी में जलभराव बनाए रखा है। इसके कारण आसपास की हरियाली में वृद्धि हुई है और भूजल स्तर में भी सुधार देखने को मिला है। यह प्राकृतिक वातावरण जटांगपुर को एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पूरी क्षमता देता है।
सड़क की बदहाली से लोगों को हो रही परेशानी
करीब एक दशक पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस मार्ग का निर्माण किया गया था, लेकिन समय के साथ इसकी स्थिति खराब होती चली गई। बरसात के मौसम में कीचड़ और जलभराव के कारण स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि लंबे समय से इस मार्ग के सुधार की मांग की जा रही थी।
एनटीपीसी की सीएसआर पहल से शुरू होगा सुधार कार्य
अब एनटीपीसी ने अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत इस मार्ग के सुधार के लिए 1.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। लोक निर्माण विभाग इस कार्य को पूरा करेगा। अधिकारियों के अनुसार, मानसून से पहले निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी जुड़ा है जटांगपुर से
जटांगपुर सिर्फ प्राकृतिक स्थल ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था का भी केंद्र है। यहां स्थित मां मुरितदाई मंदिर में श्रद्धालु विशेष रूप से चैत्र और क्वार नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इसके अलावा लक्ष्मण पांव स्थल भी इस क्षेत्र को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है।
स्थानीय विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सड़क सुधार परियोजना से जटांगपुर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और छोटे व्यापारों को भी गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से यह क्षेत्र धीरे-धीरे एक उभरते पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता जीआर जांगड़े के अनुसार, कटघोरा-कोरबा मुख्य मार्ग से जटांगपुर पहुंच मार्ग का जीर्णोद्धार जल्द शुरू किया जाएगा। एनटीपीसी की मदद से यह कार्य तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
