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MYH के पीछे 25,000 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाया गया, अवैध मस्जिद संरचनाओं को ध्वस्त किया
Digital Desk
इंदौर प्रशासन ने MYH के पीछे मस्जिद के नाम पर बनी 25,000 वर्ग फुट अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर सरकारी जमीन मुक्त की। ताजा इंदौर समाचार अपडेट।
इंदौर में एक बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान में प्रशासन ने शनिवार को महाराजा यशवंतराव अस्पताल (MYH) के पीछे और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पास सरकारी जमीन से लगभग 25,000 वर्ग फुट अतिक्रमण हटा दिया। मस्जिद के नाम पर बनी अवैध संरचनाओं को भारी मशीनों से ध्वस्त किया गया, जो सार्वजनिक संपत्ति को वापस लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
अभियान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और करीब डेढ़ घंटे चला। वरिष्ठ अधिकारी जैसे एसडीएम घनश्याम धनगर, तहसीलदार कमलेश कुशवाह, अतिरिक्त डीसीपी रामस्नेही मिश्रा, एसीपी तुषार सिंह और नगर निगम जोनल अधिकारी गीतेश तिवारी ने टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। दो पॉक्लेन मशीनें, तीन जेसीबी, 100 से अधिक निगम कर्मचारी और 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
कर्मचारियों ने बाउंड्री वॉल, कॉमन टॉयलेट, हॉल का आगे का हिस्सा और बगल का गार्डन क्षेत्र हटा दिया। कुछ स्थानीय लोग इकट्ठा होकर विरोध करने लगे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझाया और कार्रवाई जारी रही। मस्जिद समिति को अब हॉल के बाकी हिस्से को सात दिनों के अंदर खुद हटाने का निर्देश दिया गया है।
अदालत के आदेश ने कार्रवाई का रास्ता साफ किया
पूरी कार्रवाई तहसीलदार अदालत के स्पष्ट आदेश पर की गई। तहसीलदार कमलेश कुशवाह ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद प्रबंधन समिति के दावों को खारिज कर दिया। उनके आदेश में कहा गया कि 1985 में केवल 300 वर्ग फुट निर्माण की अनुमति दी गई थी। लेकिन सालों में यह अवैध रूप से बढ़कर लगभग 30,000 वर्ग फुट हो गया था।
रिकॉर्ड्स के अनुसार, जमीन जूनी इंदौर तहसील के सीआरपी लाइन क्षेत्र में है, ब्लॉक नंबर 12 (नया सर्वे 38)। यह नजूल रिकॉर्ड्स में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है और रेजिडेंसी क्षेत्र के असर्व्ड हिस्से में आती है। मामला एक स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद अदालत पहुंचा था।
जांच में दस्तावेज में छेड़छाड़ का खुलासा
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि 9 सितंबर 1985 की मूल अनुमति पत्र में मस्जिद निर्माण केवल 300 वर्ग फुट के लिए था। गूगल सैटेलाइट इमेजेस से भी शुरुआती संरचना छोटी होने की पुष्टि हुई। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेज में "मस्जिद" शब्द बाद में अलग हैंडराइटिंग में जोड़ा गया लगता है।
एसडीएम घनश्याम धनगर ने पुष्टि की कि जमीन सरकार की है और प्रशासन सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "यह कार्रवाई एक मजबूत संदेश देती है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।"
यह मुद्दा अभी क्यों महत्वपूर्ण है
इंदौर में सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। MYH और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जैसे व्यस्त अस्पतालों में पहले से ही जगह की कमी है, इसलिए 25,000 वर्ग फुट मुक्त करने से बेहतर सिविक सुविधाएं, पार्किंग या हरे-भरे क्षेत्र विकसित करने की संभावनाएं खुल गई हैं।
स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि इससे व्यस्त अस्पताल क्षेत्र में पहुंच और सुरक्षा में सुधार होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मिलेंगे, वहां इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे।
यह सफल इंदौर अतिक्रमण हटाने का अभियान जिला प्रशासन की पारदर्शी शासन और कानून के शासन पर फोकस को फिर से उजागर करता है। नागरिक अब आने वाले महीनों में साफ-सुथरी, अतिक्रमण-मुक्त सार्वजनिक जगहों की उम्मीद कर सकते हैं।

