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भोपाल कोहेफिजा में छात्रा-आत्महत्या के बाद मकान मालिक ने की खुदकुशी, उठे गंभीर सवाल
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल के कोहेफिजा में एमबीबीएस छात्रा और मकान मालिक की आत्महत्या से हड़कंप। परिजनों ने दबाव और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए।
भोपाल के कोहेफिजा इलाके में एक पुरानी घटना ने शनिवार देर रात नया मोड़ ले लिया, जब एमबीबीएस छात्रा की आत्महत्या के तीन महीने बाद उसी मकान के मालिक ने भी आत्महत्या कर ली। इस मामले ने इलाके में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। मृतक की पहचान विजय राठौर के रूप में हुई है, जो उसी मकान के मालिक थे जहां छात्रा रोशनी किराए से रहती थी। परिजनों का कहना है कि लगातार चल रहे मानसिक दबाव और आरोप-प्रत्यारोप के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
मकान मालिक की पत्नी करुणा राठौर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि छात्रा के परिजन लगातार उनके पति पर दबाव बना रहे थे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस भी बार-बार बयान के नाम पर थाने बुलाकर घंटों बैठाए रखती थी, जिससे परिवार मानसिक तनाव में आ गया था। पत्नी का दावा है कि विजय राठौर कई दिनों से परेशान थे और उन्होंने कई बार यह बात भी कही थी कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। शनिवार देर रात उन्होंने घर में ही आत्महत्या कर ली।
यह मामला उसी घटना से जुड़ा है जिसमें फरवरी महीने में गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 साल की छात्रा रोशनी का शव उसके किराए के कमरे के बाथरूम में मिला था। उस समय घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था, लेकिन बाद में पुलिस की फॉरेंसिक जांच में उसके मोबाइल से एक संदेश सामने आया, जिसे सुसाइड नोट बताया गया। उसमें छात्रा ने नीट और एमबीबीएस की पढ़ाई के दबाव का जिक्र करते हुए माफी मांगी थी। पुलिस के अनुसार यह संदेश घटना से कुछ घंटे पहले खुद को भेजा गया था।
छात्रा की मौत के बाद मामला काफी संवेदनशील हो गया था। मेडिकल छात्रों और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कोहेफिजा थाने के बाहर देर रात तक प्रदर्शन भी किया था। हालात को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। हालांकि जांच के दौरान अब तक किसी तरह की प्रत्यक्ष हत्या के सबूत सामने नहीं आए थे, लेकिन मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था।
अब मकान मालिक की आत्महत्या के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनकी पत्नी का कहना है कि उनके पति को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी वजह से वह डिप्रेशन में चले गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रा के परिजन घर आकर दबाव बनाते थे और कार्रवाई की मांग करते हुए धमकी भरे तरीके से बात करते थे। परिवार का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने विजय राठौर को अंदर से तोड़ दिया था।
कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मृतक की बेटी बेंगलुरु में है, उसके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं को जोड़कर हर पहलू की जांच की जा रही है, लेकिन फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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भोपाल कोहेफिजा में छात्रा-आत्महत्या के बाद मकान मालिक ने की खुदकुशी, उठे गंभीर सवाल
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल के कोहेफिजा इलाके में एक पुरानी घटना ने शनिवार देर रात नया मोड़ ले लिया, जब एमबीबीएस छात्रा की आत्महत्या के तीन महीने बाद उसी मकान के मालिक ने भी आत्महत्या कर ली। इस मामले ने इलाके में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। मृतक की पहचान विजय राठौर के रूप में हुई है, जो उसी मकान के मालिक थे जहां छात्रा रोशनी किराए से रहती थी। परिजनों का कहना है कि लगातार चल रहे मानसिक दबाव और आरोप-प्रत्यारोप के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
मकान मालिक की पत्नी करुणा राठौर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि छात्रा के परिजन लगातार उनके पति पर दबाव बना रहे थे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस भी बार-बार बयान के नाम पर थाने बुलाकर घंटों बैठाए रखती थी, जिससे परिवार मानसिक तनाव में आ गया था। पत्नी का दावा है कि विजय राठौर कई दिनों से परेशान थे और उन्होंने कई बार यह बात भी कही थी कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। शनिवार देर रात उन्होंने घर में ही आत्महत्या कर ली।
यह मामला उसी घटना से जुड़ा है जिसमें फरवरी महीने में गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 साल की छात्रा रोशनी का शव उसके किराए के कमरे के बाथरूम में मिला था। उस समय घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था, लेकिन बाद में पुलिस की फॉरेंसिक जांच में उसके मोबाइल से एक संदेश सामने आया, जिसे सुसाइड नोट बताया गया। उसमें छात्रा ने नीट और एमबीबीएस की पढ़ाई के दबाव का जिक्र करते हुए माफी मांगी थी। पुलिस के अनुसार यह संदेश घटना से कुछ घंटे पहले खुद को भेजा गया था।
छात्रा की मौत के बाद मामला काफी संवेदनशील हो गया था। मेडिकल छात्रों और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कोहेफिजा थाने के बाहर देर रात तक प्रदर्शन भी किया था। हालात को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। हालांकि जांच के दौरान अब तक किसी तरह की प्रत्यक्ष हत्या के सबूत सामने नहीं आए थे, लेकिन मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था।
अब मकान मालिक की आत्महत्या के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनकी पत्नी का कहना है कि उनके पति को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी वजह से वह डिप्रेशन में चले गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रा के परिजन घर आकर दबाव बनाते थे और कार्रवाई की मांग करते हुए धमकी भरे तरीके से बात करते थे। परिवार का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने विजय राठौर को अंदर से तोड़ दिया था।
कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मृतक की बेटी बेंगलुरु में है, उसके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं को जोड़कर हर पहलू की जांच की जा रही है, लेकिन फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
