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मध्य प्रदेश में 5वीं-8वीं का रिजल्ट घोषित, 95% और 94% छात्र पास
भोपाल (म.प्र.)
नरसिंहपुर टॉप पर, इंदौर 9वें स्थान पर; भोपाल टॉप 10 से बाहर, छात्राओं ने मारी बाजी
मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए गए। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी इस रिजल्ट में 5वीं के 95.14% और 8वीं के 93.83% छात्र सफल घोषित हुए हैं। इस बार भी छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
राज्य स्तर पर जारी आंकड़ों के अनुसार, 8वीं कक्षा के परिणाम में नरसिंहपुर जिला पहले स्थान पर रहा। इंदौर को नौवां स्थान मिला, जबकि राजधानी भोपाल टॉप 10 जिलों की सूची में जगह नहीं बना सका।
इस वर्ष करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों से रही। 5वीं कक्षा में 72.45% छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से थे, जबकि 8वीं में यह आंकड़ा 68.99% रहा। शहरी छात्रों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही।
परीक्षा इस बार बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की गई थी, जिसमें सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए प्रदेशभर में 322 केंद्र बनाए गए थे, जहां 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की। इसके बाद अंकों को ऑनलाइन दर्ज किया गया।
रिजल्ट देखने की प्रक्रिया को इस बार डिजिटल बनाया गया है। छात्र और अभिभावक ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ QR कोड स्कैन करके भी सीधे परिणाम देख सकते हैं। स्कूल स्तर पर प्राचार्य भी अपने संस्थान के छात्रों का पूरा प्रदर्शन पोर्टल के माध्यम से देख सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार प्रश्नपत्र पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा कठिन था, इसके बावजूद परिणाम बेहतर रहे हैं। यह संकेत देता है कि छात्रों की तैयारी और शिक्षण स्तर में सुधार हुआ है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परिणाम में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। 2025 में जहां 5वीं के 92.70% और 8वीं के 90.02% छात्र पास हुए थे, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर क्रमशः 95.14% और 93.83% हो गया है।
कुल मिलाकर, यह परिणाम राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में बोर्ड पैटर्न और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाने की संभावना है।
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मध्य प्रदेश में 5वीं-8वीं का रिजल्ट घोषित, 95% और 94% छात्र पास
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए गए। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी इस रिजल्ट में 5वीं के 95.14% और 8वीं के 93.83% छात्र सफल घोषित हुए हैं। इस बार भी छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
राज्य स्तर पर जारी आंकड़ों के अनुसार, 8वीं कक्षा के परिणाम में नरसिंहपुर जिला पहले स्थान पर रहा। इंदौर को नौवां स्थान मिला, जबकि राजधानी भोपाल टॉप 10 जिलों की सूची में जगह नहीं बना सका।
इस वर्ष करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों से रही। 5वीं कक्षा में 72.45% छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से थे, जबकि 8वीं में यह आंकड़ा 68.99% रहा। शहरी छात्रों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही।
परीक्षा इस बार बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की गई थी, जिसमें सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए प्रदेशभर में 322 केंद्र बनाए गए थे, जहां 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की। इसके बाद अंकों को ऑनलाइन दर्ज किया गया।
रिजल्ट देखने की प्रक्रिया को इस बार डिजिटल बनाया गया है। छात्र और अभिभावक ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ QR कोड स्कैन करके भी सीधे परिणाम देख सकते हैं। स्कूल स्तर पर प्राचार्य भी अपने संस्थान के छात्रों का पूरा प्रदर्शन पोर्टल के माध्यम से देख सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार प्रश्नपत्र पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा कठिन था, इसके बावजूद परिणाम बेहतर रहे हैं। यह संकेत देता है कि छात्रों की तैयारी और शिक्षण स्तर में सुधार हुआ है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परिणाम में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। 2025 में जहां 5वीं के 92.70% और 8वीं के 90.02% छात्र पास हुए थे, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर क्रमशः 95.14% और 93.83% हो गया है।
कुल मिलाकर, यह परिणाम राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में बोर्ड पैटर्न और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाने की संभावना है।
