ट्विशा केस में SIT की जांच पर CBI की नाराजगी, केस डायरी में खामियां उजागर

भोपाल,(म.प्र.)

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आधी-अधूरी केस डायरी पर फटकार, गिरिबाला की कॉल डिटेल खंगालने की तैयारी; जांच प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

भोपाल की मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामला एक बार फिर जांच एजेंसियों के बीच टकराव और सवालों के घेरे में आ गया है। मामले की जांच कर रही SIT द्वारा सौंपी गई केस डायरी पर CBI ने गंभीर आपत्ति जताई है। सूत्रों के मुताबिक, केस डायरी अधूरी, अव्यवस्थित और कई अहम तथ्यों से वंचित पाई गई, जिसके बाद जांच एजेंसी ने नाराजगी जाहिर की है। मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

करीब 360 पन्नों की केस डायरी में घटनाओं का क्रम सही तरीके से दर्ज नहीं था और कई महत्वपूर्ण बिंदु पूरी तरह गायब थे। इस पर CBI ने SIT को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरी फाइल को नए सिरे से व्यवस्थित किया जाए और सभी तथ्यों को क्रमवार तरीके से दर्ज किया जाए। इसके बाद SIT ने संशोधित केस डायरी और कुछ अतिरिक्त दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंप दिए हैं, लेकिन अभी भी कई खामियां बनी हुई हैं। मामले की जांच में यह लापरवाही ऐसे समय सामने आई है जब जांच एजेंसियों से उच्च स्तर की पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती की उम्मीद की जा रही थी। CBI अधिकारियों ने दस्तावेजों की समीक्षा के दौरान कहा कि केस डायरी में कई अहम पहलू या तो दर्ज नहीं हैं या फिर अस्पष्ट तरीके से लिखे गए हैं, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

जांच की दिशा में बदलाव के संकेत

सूत्रों के अनुसार, CBI अब इस केस में जांच की दिशा को और व्यापक करने पर विचार कर रही है। एजेंसी ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला से पहले ही पूछताछ की है। पूछताछ में पारिवारिक संबंधों, घटनाक्रम और आपसी तनाव से जुड़े कई सवाल पूछे गए हैं।

इसके साथ ही अब गिरिबाला की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने इसके लिए संबंधित विभाग को पत्र भी भेज दिया है, ताकि मोबाइल कॉल और डिजिटल संपर्कों की पूरी कड़ी खंगाली जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि कॉल डिटेल से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। CBI ने इस मामले में ट्विशा शर्मा के परिजनों से भी मुलाकात की है और उनसे घटना के दिन और उससे पहले की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी ली है। परिजनों ने जांच में तेजी और निष्पक्षता की मांग की है।

फॉरेंसिक जांच और पुराने सबूतों की समीक्षा

जांच एजेंसी अब इस मामले में पुराने फॉरेंसिक सबूतों की दोबारा जांच कराने पर भी विचार कर रही है। पहले एकत्र किए गए साक्ष्यों की तकनीकी समीक्षा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं हुई है। CBI इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और हर पहलू की दोबारा जांच की संभावना को खारिज नहीं किया जा रहा है। डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और बयान—सभी को एक साथ जोड़कर नए सिरे से विश्लेषण किया जाएगा।

कानूनी प्रक्रिया पर असर

केस डायरी में पाई गई खामियों का असर अब कानूनी प्रक्रिया पर भी दिखाई देने लगा है। दस्तावेजों के सही तरीके से व्यवस्थित न होने के कारण आगे की कोर्ट प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। जब तक केस डायरी और संबंधित दस्तावेज पूरी तरह दुरुस्त नहीं किए जाते, तब तक जांच की गति धीमी रह सकती है। हालांकि CBI इस मामले में जल्द स्पष्टता लाने की कोशिश कर रही है।

जांच एजेंसियों पर बढ़ता दबाव

ट्विशा शर्मा केस अब केवल एक जांच मामला नहीं रह गया है, बल्कि जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रहा है। SIT और CBI के बीच दस्तावेजों को लेकर सामने आई खामियां पूरे सिस्टम पर चर्चा का विषय बन गई हैं।  जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं

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27 May 2026 By Vaishnavi.J

ट्विशा केस में SIT की जांच पर CBI की नाराजगी, केस डायरी में खामियां उजागर

भोपाल,(म.प्र.)

भोपाल की मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामला एक बार फिर जांच एजेंसियों के बीच टकराव और सवालों के घेरे में आ गया है। मामले की जांच कर रही SIT द्वारा सौंपी गई केस डायरी पर CBI ने गंभीर आपत्ति जताई है। सूत्रों के मुताबिक, केस डायरी अधूरी, अव्यवस्थित और कई अहम तथ्यों से वंचित पाई गई, जिसके बाद जांच एजेंसी ने नाराजगी जाहिर की है। मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

करीब 360 पन्नों की केस डायरी में घटनाओं का क्रम सही तरीके से दर्ज नहीं था और कई महत्वपूर्ण बिंदु पूरी तरह गायब थे। इस पर CBI ने SIT को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरी फाइल को नए सिरे से व्यवस्थित किया जाए और सभी तथ्यों को क्रमवार तरीके से दर्ज किया जाए। इसके बाद SIT ने संशोधित केस डायरी और कुछ अतिरिक्त दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंप दिए हैं, लेकिन अभी भी कई खामियां बनी हुई हैं। मामले की जांच में यह लापरवाही ऐसे समय सामने आई है जब जांच एजेंसियों से उच्च स्तर की पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती की उम्मीद की जा रही थी। CBI अधिकारियों ने दस्तावेजों की समीक्षा के दौरान कहा कि केस डायरी में कई अहम पहलू या तो दर्ज नहीं हैं या फिर अस्पष्ट तरीके से लिखे गए हैं, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

जांच की दिशा में बदलाव के संकेत

सूत्रों के अनुसार, CBI अब इस केस में जांच की दिशा को और व्यापक करने पर विचार कर रही है। एजेंसी ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला से पहले ही पूछताछ की है। पूछताछ में पारिवारिक संबंधों, घटनाक्रम और आपसी तनाव से जुड़े कई सवाल पूछे गए हैं।

इसके साथ ही अब गिरिबाला की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने इसके लिए संबंधित विभाग को पत्र भी भेज दिया है, ताकि मोबाइल कॉल और डिजिटल संपर्कों की पूरी कड़ी खंगाली जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि कॉल डिटेल से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। CBI ने इस मामले में ट्विशा शर्मा के परिजनों से भी मुलाकात की है और उनसे घटना के दिन और उससे पहले की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी ली है। परिजनों ने जांच में तेजी और निष्पक्षता की मांग की है।

फॉरेंसिक जांच और पुराने सबूतों की समीक्षा

जांच एजेंसी अब इस मामले में पुराने फॉरेंसिक सबूतों की दोबारा जांच कराने पर भी विचार कर रही है। पहले एकत्र किए गए साक्ष्यों की तकनीकी समीक्षा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं हुई है। CBI इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और हर पहलू की दोबारा जांच की संभावना को खारिज नहीं किया जा रहा है। डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और बयान—सभी को एक साथ जोड़कर नए सिरे से विश्लेषण किया जाएगा।

कानूनी प्रक्रिया पर असर

केस डायरी में पाई गई खामियों का असर अब कानूनी प्रक्रिया पर भी दिखाई देने लगा है। दस्तावेजों के सही तरीके से व्यवस्थित न होने के कारण आगे की कोर्ट प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। जब तक केस डायरी और संबंधित दस्तावेज पूरी तरह दुरुस्त नहीं किए जाते, तब तक जांच की गति धीमी रह सकती है। हालांकि CBI इस मामले में जल्द स्पष्टता लाने की कोशिश कर रही है।

जांच एजेंसियों पर बढ़ता दबाव

ट्विशा शर्मा केस अब केवल एक जांच मामला नहीं रह गया है, बल्कि जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रहा है। SIT और CBI के बीच दस्तावेजों को लेकर सामने आई खामियां पूरे सिस्टम पर चर्चा का विषय बन गई हैं।  जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं

https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cbis-displeasure-over-sit-investigation-in-twisha-case-flaws-in/article-54305

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