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DPS भोपाल में टॉपर्स की बरसात, रिजल्ट ने उड़ाए सबके होश
Bhopal, MP
25वें स्थापना वर्ष में स्कूल का स्वर्णिम प्रदर्शन, हर चौथा छात्र 95% के पार, 76 बार लगे ‘सेंचुरी’ के ठप्पे
राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) ने CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसे सिर्फ परिणाम नहीं, बल्कि एक शैक्षणिक उपलब्धि का महोत्सव कहा जा सकता है।
स्कूल ने इस वर्ष 100% रिजल्ट के साथ एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों का औसत प्रदर्शन भी 87.24% तक पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि यहां शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि उत्कृष्टता की निरंतर परंपरा है।
यह उपलब्धि और भी खास इसलिए हो जाती है क्योंकि DPS भोपाल इस वर्ष अपने 25वें स्थापना वर्ष का जश्न मना रहा है, और यह परिणाम मानो इस सफर का स्वर्णिम मुकुट बनकर सामने आया है।
संवी झा ने रचा इतिहास, टॉपर्स की लगी कतार
इस वर्ष DPS भोपाल की छात्रा संवी झा ने 500 में से 499 अंक हासिल कर 99.8% के साथ स्कूल टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनका यह प्रदर्शन न केवल स्कूल बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का विषय बन गया है। वहीं, अदिति मट्टा और लामिया अब्बास आगा ने 99.4% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया। अदिति बरटरिया ने 99.2% अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। इनके अलावा भी कई छात्रों ने 99% और उससे अधिक अंक प्राप्त कर यह साबित किया कि DPS भोपाल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
हर स्तर पर उत्कृष्टता
इस बार के परिणामों ने DPS भोपाल की शैक्षणिक मजबूती को आंकड़ों के जरिए भी स्पष्ट कर दिया है—
👉 100% (Centum Result) — एक भी छात्र असफल नहीं
👉 औसत अंक: 87.24%
👉 75 छात्र (24%) ने 95% से अधिक अंक हासिल किए
👉 148 छात्र (47%) ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए
👉 80% छात्र 80% से ऊपर रहे
👉 288 छात्र (92%) ने 60% से अधिक अंक प्राप्त किए
👉 विभिन्न विषयों में कुल 76 बार 100% अंक (Centum) दर्ज किए गए
ये आंकड़े बताते हैं कि DPS भोपाल में सिर्फ कुछ छात्र ही नहीं, बल्कि हर स्तर पर प्रदर्शन शानदार रहा है।
मेरिट लिस्ट में DPS का जलवा
स्कूल की मेरिट सूची में भी छात्रों का दबदबा देखने को मिला—
यश्वी मंगल, गुरज्योत सिंह अजमानी और मनन वंजानी ने 99% अंक प्राप्त किए
वरालिका सिंह और अद्वित गुप्ता ने 98.8% अंक हासिल किए
वेदांत पाटणकर, अन्वी जैन और जीवेश कोठारी ने 98.6% अंक प्राप्त किए
इसके अलावा कई छात्रों ने 98% से अधिक अंक हासिल कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया
सफलता के पीछे की कहानी
DPS भोपाल की इस सफलता के पीछे छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का सहयोग मुख्य कारण रहा है।
विद्यालय प्रबंधन ने हमेशा से विद्यार्थियों को संतुलित शिक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। यही कारण है कि यहां हर साल रिजल्ट सिर्फ अच्छा नहीं, बल्कि असाधारण होता है।
सरकारी बनाम निजी स्कूल: DPS ने बनाए नए मानक
जहां इस बार कई जिलों में सरकारी स्कूलों ने बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं DPS भोपाल ने निजी स्कूलों के बीच भी अपनी अलग पहचान कायम रखते हुए यह साबित किया कि गुणवत्ता और परिणाम दोनों में वह अग्रणी है। DPS भोपाल का यह परिणाम केवल एक परीक्षा का नतीजा नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है, जहां शिक्षा को भविष्य निर्माण का माध्यम माना जाता है। यह उपलब्धि न सिर्फ स्कूल बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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DPS भोपाल में टॉपर्स की बरसात, रिजल्ट ने उड़ाए सबके होश
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राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) ने CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसे सिर्फ परिणाम नहीं, बल्कि एक शैक्षणिक उपलब्धि का महोत्सव कहा जा सकता है।
स्कूल ने इस वर्ष 100% रिजल्ट के साथ एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों का औसत प्रदर्शन भी 87.24% तक पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि यहां शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि उत्कृष्टता की निरंतर परंपरा है।
यह उपलब्धि और भी खास इसलिए हो जाती है क्योंकि DPS भोपाल इस वर्ष अपने 25वें स्थापना वर्ष का जश्न मना रहा है, और यह परिणाम मानो इस सफर का स्वर्णिम मुकुट बनकर सामने आया है।
संवी झा ने रचा इतिहास, टॉपर्स की लगी कतार
इस वर्ष DPS भोपाल की छात्रा संवी झा ने 500 में से 499 अंक हासिल कर 99.8% के साथ स्कूल टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनका यह प्रदर्शन न केवल स्कूल बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का विषय बन गया है। वहीं, अदिति मट्टा और लामिया अब्बास आगा ने 99.4% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया। अदिति बरटरिया ने 99.2% अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। इनके अलावा भी कई छात्रों ने 99% और उससे अधिक अंक प्राप्त कर यह साबित किया कि DPS भोपाल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
हर स्तर पर उत्कृष्टता
इस बार के परिणामों ने DPS भोपाल की शैक्षणिक मजबूती को आंकड़ों के जरिए भी स्पष्ट कर दिया है—
👉 100% (Centum Result) — एक भी छात्र असफल नहीं
👉 औसत अंक: 87.24%
👉 75 छात्र (24%) ने 95% से अधिक अंक हासिल किए
👉 148 छात्र (47%) ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए
👉 80% छात्र 80% से ऊपर रहे
👉 288 छात्र (92%) ने 60% से अधिक अंक प्राप्त किए
👉 विभिन्न विषयों में कुल 76 बार 100% अंक (Centum) दर्ज किए गए
ये आंकड़े बताते हैं कि DPS भोपाल में सिर्फ कुछ छात्र ही नहीं, बल्कि हर स्तर पर प्रदर्शन शानदार रहा है।
मेरिट लिस्ट में DPS का जलवा
स्कूल की मेरिट सूची में भी छात्रों का दबदबा देखने को मिला—
यश्वी मंगल, गुरज्योत सिंह अजमानी और मनन वंजानी ने 99% अंक प्राप्त किए
वरालिका सिंह और अद्वित गुप्ता ने 98.8% अंक हासिल किए
वेदांत पाटणकर, अन्वी जैन और जीवेश कोठारी ने 98.6% अंक प्राप्त किए
इसके अलावा कई छात्रों ने 98% से अधिक अंक हासिल कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया
सफलता के पीछे की कहानी
DPS भोपाल की इस सफलता के पीछे छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का सहयोग मुख्य कारण रहा है।
विद्यालय प्रबंधन ने हमेशा से विद्यार्थियों को संतुलित शिक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। यही कारण है कि यहां हर साल रिजल्ट सिर्फ अच्छा नहीं, बल्कि असाधारण होता है।
सरकारी बनाम निजी स्कूल: DPS ने बनाए नए मानक
जहां इस बार कई जिलों में सरकारी स्कूलों ने बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं DPS भोपाल ने निजी स्कूलों के बीच भी अपनी अलग पहचान कायम रखते हुए यह साबित किया कि गुणवत्ता और परिणाम दोनों में वह अग्रणी है। DPS भोपाल का यह परिणाम केवल एक परीक्षा का नतीजा नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है, जहां शिक्षा को भविष्य निर्माण का माध्यम माना जाता है। यह उपलब्धि न सिर्फ स्कूल बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
