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एमपी में मानसून का बड़ा अलर्ट: 3 वेदर सिस्टम एक्टिव, अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश
इंदौर-उज्जैन संभाग समेत 12 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
मध्य प्रदेश में सावन की शुरुआत के साथ ही मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के लोगों के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम बताए हैं। एक साथ तीन मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय होने के कारण पश्चिमी और मध्य मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। शुक्रवार और शनिवार को इंदौर तथा उज्जैन संभाग के कई जिलों में लगातार तेज बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
सावन के पहले ही दिन प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। इंदौर, उज्जैन, धार, रतलाम, झाबुआ, बैतूल, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह अच्छी बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। बैतूल जिले में बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा भी हुआ, जहां रेलवे की बाउंड्री वॉल गिरने से एक झोपड़ी दब गई और उसमें मौजूद एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों से कच्चे मकानों, जर्जर भवनों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार इस समय प्रदेश पर तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियों का प्रभाव बना हुआ है। इन सिस्टमों की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है, जिससे बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। यही कारण है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं नीमच, आगर मालवा, उज्जैन, देवास, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और छिंदवाड़ा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल, विदिशा, रायसेन और आसपास के इलाकों में भी रुक-रुक कर बारिश जारी रहने का अनुमान है।
जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश हो सकती है। इससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, हालांकि अत्यधिक वर्षा होने की स्थिति में खेतों में पानी भरने का खतरा भी बना रहेगा।
प्रदेश में इस मानसून सीजन की बात करें तो अब तक औसतन 14.7 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत से करीब 2.5 इंच कम है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालांकि कुछ जिलों में स्थिति अलग है। भोपाल, इंदौर, बुरहानपुर, भिंड, देवास, मंदसौर, सीहोर और राजगढ़ जैसे जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश का यह अंतर काफी हद तक कम हो सकता है।
बारिश के चलते कई शहरों में जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और कुछ जगहों पर यातायात धीमा पड़ गया है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों पर आवागमन में परेशानी की खबरें भी सामने आ रही हैं। बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर भी बारिश का असर पड़ सकता है। ऐसे में संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन ने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं और आपदा प्रबंधन की टीमें भी सतर्क हैं।
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एमपी में मानसून का बड़ा अलर्ट: 3 वेदर सिस्टम एक्टिव, अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में सावन की शुरुआत के साथ ही मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के लोगों के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम बताए हैं। एक साथ तीन मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय होने के कारण पश्चिमी और मध्य मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। शुक्रवार और शनिवार को इंदौर तथा उज्जैन संभाग के कई जिलों में लगातार तेज बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
सावन के पहले ही दिन प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। इंदौर, उज्जैन, धार, रतलाम, झाबुआ, बैतूल, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह अच्छी बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। बैतूल जिले में बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा भी हुआ, जहां रेलवे की बाउंड्री वॉल गिरने से एक झोपड़ी दब गई और उसमें मौजूद एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों से कच्चे मकानों, जर्जर भवनों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार इस समय प्रदेश पर तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियों का प्रभाव बना हुआ है। इन सिस्टमों की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है, जिससे बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। यही कारण है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं नीमच, आगर मालवा, उज्जैन, देवास, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और छिंदवाड़ा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल, विदिशा, रायसेन और आसपास के इलाकों में भी रुक-रुक कर बारिश जारी रहने का अनुमान है।
जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश हो सकती है। इससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, हालांकि अत्यधिक वर्षा होने की स्थिति में खेतों में पानी भरने का खतरा भी बना रहेगा।
प्रदेश में इस मानसून सीजन की बात करें तो अब तक औसतन 14.7 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत से करीब 2.5 इंच कम है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालांकि कुछ जिलों में स्थिति अलग है। भोपाल, इंदौर, बुरहानपुर, भिंड, देवास, मंदसौर, सीहोर और राजगढ़ जैसे जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश का यह अंतर काफी हद तक कम हो सकता है।
बारिश के चलते कई शहरों में जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और कुछ जगहों पर यातायात धीमा पड़ गया है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों पर आवागमन में परेशानी की खबरें भी सामने आ रही हैं। बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर भी बारिश का असर पड़ सकता है। ऐसे में संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन ने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं और आपदा प्रबंधन की टीमें भी सतर्क हैं।
