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एमपी पर बारिश का बड़ा खतरा! 72 घंटे तक मूसलाधार बरसेंगे बादल, 17 जिलों में अलर्ट
मध्य प्रदेश
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, मालवा-निमाड़ और उज्जैन संभाग में अति भारी बारिश के आसार, 17 जिलों में अलर्ट, किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 72 घंटे तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय प्रदेश के ऊपर एक साथ तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनकी वजह से लगातार तेज बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में जलभराव, नदी-नालों के उफान और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
बारिश की सबसे ज्यादा संभावना मालवा-निमाड़ क्षेत्र और उज्जैन संभाग में जताई गई है। इन इलाकों में अगले चार दिनों तक लगातार तेज बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून ट्रफ, लो प्रेशर सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक साथ सक्रिय होने से बारिश की तीव्रता बढ़ गई है।
प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। धार, देवास, हरदा समेत पांच जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं 17 जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है, इसलिए खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन को भी राहत एवं बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
बारिश का यह नया दौर किसानों के लिए राहत की खबर भी लेकर आया है। प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। इसके चलते कई जिलों में धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अगले तीन-चार दिनों तक अच्छी बारिश होती है तो बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।
प्रदेश के लगभग 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई थी। कई क्षेत्रों में खेतों में नमी की कमी के कारण किसानों को सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ रहा था। अब लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि अत्यधिक बारिश होने पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए किसानों को खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, धार, खरगोन, बड़वानी, हरदा, सीहोर और आसपास के जिलों में भी तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। कई शहरों में पहले से ही सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए टीमें सक्रिय कर दी हैं।
बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण मानसूनी गतिविधियां और मजबूत हुई हैं। इसके साथ ही पश्चिमी और मध्य भारत के ऊपर सक्रिय ट्रफ लाइन भी बारिश को बढ़ावा दे रही है। यही वजह है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर तेज बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने, खराब मौसम में यात्रा टालने और बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों में नहीं रुकने की सलाह दी है। वाहन चालकों से भी सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और जलभराव वाले रास्तों से बचने को कहा गया है। स्कूलों और स्थानीय प्रशासन को भी मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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एमपी पर बारिश का बड़ा खतरा! 72 घंटे तक मूसलाधार बरसेंगे बादल, 17 जिलों में अलर्ट
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 72 घंटे तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय प्रदेश के ऊपर एक साथ तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनकी वजह से लगातार तेज बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में जलभराव, नदी-नालों के उफान और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
बारिश की सबसे ज्यादा संभावना मालवा-निमाड़ क्षेत्र और उज्जैन संभाग में जताई गई है। इन इलाकों में अगले चार दिनों तक लगातार तेज बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून ट्रफ, लो प्रेशर सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक साथ सक्रिय होने से बारिश की तीव्रता बढ़ गई है।
प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। धार, देवास, हरदा समेत पांच जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं 17 जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है, इसलिए खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन को भी राहत एवं बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
बारिश का यह नया दौर किसानों के लिए राहत की खबर भी लेकर आया है। प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। इसके चलते कई जिलों में धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अगले तीन-चार दिनों तक अच्छी बारिश होती है तो बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।
प्रदेश के लगभग 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई थी। कई क्षेत्रों में खेतों में नमी की कमी के कारण किसानों को सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ रहा था। अब लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि अत्यधिक बारिश होने पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए किसानों को खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, धार, खरगोन, बड़वानी, हरदा, सीहोर और आसपास के जिलों में भी तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। कई शहरों में पहले से ही सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए टीमें सक्रिय कर दी हैं।
बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण मानसूनी गतिविधियां और मजबूत हुई हैं। इसके साथ ही पश्चिमी और मध्य भारत के ऊपर सक्रिय ट्रफ लाइन भी बारिश को बढ़ावा दे रही है। यही वजह है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर तेज बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने, खराब मौसम में यात्रा टालने और बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों में नहीं रुकने की सलाह दी है। वाहन चालकों से भी सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और जलभराव वाले रास्तों से बचने को कहा गया है। स्कूलों और स्थानीय प्रशासन को भी मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
