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निशातपुरा में 11 मकानों पर चला बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
निशातपुरा
भोपाल में करीब 35 साल पुराने कब्जे को हटाने पहुंचा प्रशासन, चार पोकलेन मशीनों के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा
भोपाल के निशातपुरा इलाके में मंगलवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब जिला प्रशासन की टीम हाईकोर्ट के आदेश के बाद 11 मकानों को हटाने पहुंची। कार्रवाई के लिए मौके पर चार पोकलेन मशीनें लगाई गईं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन के मुताबिक, ये मकान निजी जमीन पर बने हुए थे और इन्हें हटाने की कार्रवाई अदालत के आदेश के तहत की जा रही है। सुबह से ही इलाके में प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी रही। आसपास के लोगों की भीड़ जमा न हो और किसी तरह का विवाद खड़ा न हो, इसके लिए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाली। बैरागढ़ एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव की निगरानी में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह समेत राजस्व विभाग के दूसरे अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। मशीनों के पहुंचने के बाद एक-एक कर निर्माण हटाने का काम शुरू किया गया। प्रशासन की टीम ने पहले मौके की स्थिति देखी और फिर कार्रवाई को आगे बढ़ाया। बताया जा रहा है कि जिस जमीन को लेकर मामला चला आ रहा था, उस पर करीब 35 साल पहले मकान बनाए गए थे। इतने लंबे समय बाद हुई कार्रवाई के कारण इलाके में इसकी चर्चा भी रही।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस की तैनाती खास तौर पर बढ़ाई गई थी। अधिकारियों को आशंका थी कि मकान हटाने के दौरान विरोध हो सकता है, क्योंकि इससे पहले भी प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते मामला आगे नहीं बढ़ पाया था। उस समय कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने दोबारा तैयारी के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में पोकलेन मशीनों से मकानों को गिराया गया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिसकर्मियों को अलग-अलग हिस्सों में तैनात किया गया। प्रशासन की टीम में राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे, जो मौके पर दस्तावेज और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की स्थिति देखते रहे। बताया जा रहा है कि पहले की कार्रवाई के दौरान विरोध के बाद प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाने की बात कही गई थी। इसी के बाद अब कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल देखकर लोगों की भीड़ कुछ दूरी पर रही और प्रशासन ने अपने स्तर पर पूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
निशातपुरा में हुई इस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक अमला पहले से तैयारी में था। अधिकारियों के मुताबिक जमीन से जुड़े विवाद और निर्माण को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जिला प्रशासन ने जमीन को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की। करीब 35 साल से बने मकानों को हटाना आसान नहीं था, इसलिए मशीनों के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी मौके पर भेजा गया। चार पोकलेन मशीनों की मदद से निर्माण को गिराने का काम किया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारियों की टीम भी लगातार मौके पर मौजूद रही। एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव की निगरानी में अधिकारियों ने अलग-अलग हिस्सों में चल रहे काम का जायजा लिया। तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर तैनात रहे। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि कार्रवाई अदालत के निर्देशों के मुताबिक हो। पहले जब टीम कार्रवाई करने पहुंची थी, तब विरोध की स्थिति बनी थी। इस बार पुलिस बल की मौजूदगी पहले से ज्यादा रखी गई थी। स्थानीय स्तर पर किसी तरह का टकराव न हो, इसके लिए पुलिस ने इलाके में निगरानी रखी। मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद पोकलेन मशीनों से निर्माण गिराया गया और जमीन खाली कराने का काम आगे बढ़ाया गया।
कार्रवाई के दौरान निशातपुरा क्षेत्र में प्रशासनिक वाहनों और पुलिस की मौजूदगी के कारण सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। सुबह से ही अधिकारी मौके पर पहुंचने लगे थे। पुलिस जवानों को उन जगहों पर लगाया गया जहां से लोगों की आवाजाही अधिक थी। प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों के अनुसार पहले विरोध के कारण जो कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी, उसे अब अदालत के आदेश के बाद आगे बढ़ाया गया है। निजी जमीन पर बने इन मकानों को हटाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन की टीम ने कार्रवाई शुरू करने से पहले संबंधित जमीन और निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी भी देखी। इसके बाद मशीनों से मकानों को हटाने का काम शुरू किया गया। कुछ समय में कई निर्माणों का हिस्सा गिरा दिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों की टीम लगातार कार्रवाई की निगरानी करती रही। पुलिस बल की तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और प्रशासनिक अमला अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक मकान हटाने की कार्रवाई करता रहा।
निशातपुरा में 11 मकानों पर चला बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
निशातपुरा
भोपाल के निशातपुरा इलाके में मंगलवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब जिला प्रशासन की टीम हाईकोर्ट के आदेश के बाद 11 मकानों को हटाने पहुंची। कार्रवाई के लिए मौके पर चार पोकलेन मशीनें लगाई गईं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन के मुताबिक, ये मकान निजी जमीन पर बने हुए थे और इन्हें हटाने की कार्रवाई अदालत के आदेश के तहत की जा रही है। सुबह से ही इलाके में प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी रही। आसपास के लोगों की भीड़ जमा न हो और किसी तरह का विवाद खड़ा न हो, इसके लिए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाली। बैरागढ़ एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव की निगरानी में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह समेत राजस्व विभाग के दूसरे अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। मशीनों के पहुंचने के बाद एक-एक कर निर्माण हटाने का काम शुरू किया गया। प्रशासन की टीम ने पहले मौके की स्थिति देखी और फिर कार्रवाई को आगे बढ़ाया। बताया जा रहा है कि जिस जमीन को लेकर मामला चला आ रहा था, उस पर करीब 35 साल पहले मकान बनाए गए थे। इतने लंबे समय बाद हुई कार्रवाई के कारण इलाके में इसकी चर्चा भी रही।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस की तैनाती खास तौर पर बढ़ाई गई थी। अधिकारियों को आशंका थी कि मकान हटाने के दौरान विरोध हो सकता है, क्योंकि इससे पहले भी प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते मामला आगे नहीं बढ़ पाया था। उस समय कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने दोबारा तैयारी के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में पोकलेन मशीनों से मकानों को गिराया गया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिसकर्मियों को अलग-अलग हिस्सों में तैनात किया गया। प्रशासन की टीम में राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे, जो मौके पर दस्तावेज और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की स्थिति देखते रहे। बताया जा रहा है कि पहले की कार्रवाई के दौरान विरोध के बाद प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाने की बात कही गई थी। इसी के बाद अब कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल देखकर लोगों की भीड़ कुछ दूरी पर रही और प्रशासन ने अपने स्तर पर पूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
निशातपुरा में हुई इस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक अमला पहले से तैयारी में था। अधिकारियों के मुताबिक जमीन से जुड़े विवाद और निर्माण को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जिला प्रशासन ने जमीन को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की। करीब 35 साल से बने मकानों को हटाना आसान नहीं था, इसलिए मशीनों के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी मौके पर भेजा गया। चार पोकलेन मशीनों की मदद से निर्माण को गिराने का काम किया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारियों की टीम भी लगातार मौके पर मौजूद रही। एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव की निगरानी में अधिकारियों ने अलग-अलग हिस्सों में चल रहे काम का जायजा लिया। तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर तैनात रहे। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि कार्रवाई अदालत के निर्देशों के मुताबिक हो। पहले जब टीम कार्रवाई करने पहुंची थी, तब विरोध की स्थिति बनी थी। इस बार पुलिस बल की मौजूदगी पहले से ज्यादा रखी गई थी। स्थानीय स्तर पर किसी तरह का टकराव न हो, इसके लिए पुलिस ने इलाके में निगरानी रखी। मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद पोकलेन मशीनों से निर्माण गिराया गया और जमीन खाली कराने का काम आगे बढ़ाया गया।
कार्रवाई के दौरान निशातपुरा क्षेत्र में प्रशासनिक वाहनों और पुलिस की मौजूदगी के कारण सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। सुबह से ही अधिकारी मौके पर पहुंचने लगे थे। पुलिस जवानों को उन जगहों पर लगाया गया जहां से लोगों की आवाजाही अधिक थी। प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों के अनुसार पहले विरोध के कारण जो कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी, उसे अब अदालत के आदेश के बाद आगे बढ़ाया गया है। निजी जमीन पर बने इन मकानों को हटाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन की टीम ने कार्रवाई शुरू करने से पहले संबंधित जमीन और निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी भी देखी। इसके बाद मशीनों से मकानों को हटाने का काम शुरू किया गया। कुछ समय में कई निर्माणों का हिस्सा गिरा दिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों की टीम लगातार कार्रवाई की निगरानी करती रही। पुलिस बल की तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और प्रशासनिक अमला अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक मकान हटाने की कार्रवाई करता रहा।
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