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एनीमिया के खिलाफ जन-आंदोलन को सरकार का साथ, मुख्यमंत्री ने की पहल की सराहना
भोपाल (म.प्र.)
एनीमिया के विरुद्ध चलाया जा रहा जागरूकता अभियान अब एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इस अभियान का नेतृत्व प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी कर रहे हैं, जिनके प्रयासों से अब तक 20 लाख से अधिक लोग इससे जुड़ चुके हैं।
राजधानी भोपाल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डॉ. द्विवेदी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को “एनीमिया जागरूकता अभियान” की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने अभियान पर आधारित अपनी पुस्तक की पहली प्रति भी मुख्यमंत्री को भेंट की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि एनीमिया जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए इस प्रकार के जन-जागरूकता अभियान बेहद जरूरी हैं और राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि अभियान के माध्यम से एनीमिया और सिकल सेल जैसी बीमारियों की रोकथाम और उपचार से जुड़ी सरकारी योजनाओं को भी जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की शुरुआत राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा की गई थी।
अभियान के तहत “एनीमिया जागरूकता रथ” के जरिए गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक किया गया। इसमें खासतौर पर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों को लक्ष्य बनाते हुए पोषण, स्वास्थ्य जांच और जीवनशैली सुधार के बारे में जानकारी दी गई।
“गुड़ और चना खाएं, हीमोग्लोबिन बढ़ाएं” जैसे सरल और प्रभावी संदेशों के माध्यम से लोगों को पारंपरिक पोषण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि एनीमिया केवल खून की कमी नहीं, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो शरीर की ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक विकास और मातृ स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।
डॉ. द्विवेदी का यह अभियान अब एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है, जिसे देशभर में लागू किया जा सकता है। उनका लक्ष्य “एनीमिया मुक्त समाज” का निर्माण करना है, जिसके लिए वे लगातार समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का उदाहरण बन रही है, बल्कि समाज और सरकार के संयुक्त प्रयासों से एक स्वस्थ भविष्य की दिशा भी तय कर रही है।
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एनीमिया के खिलाफ जन-आंदोलन को सरकार का साथ, मुख्यमंत्री ने की पहल की सराहना
भोपाल (म.प्र.)
राजधानी भोपाल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डॉ. द्विवेदी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को “एनीमिया जागरूकता अभियान” की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने अभियान पर आधारित अपनी पुस्तक की पहली प्रति भी मुख्यमंत्री को भेंट की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि एनीमिया जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए इस प्रकार के जन-जागरूकता अभियान बेहद जरूरी हैं और राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि अभियान के माध्यम से एनीमिया और सिकल सेल जैसी बीमारियों की रोकथाम और उपचार से जुड़ी सरकारी योजनाओं को भी जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की शुरुआत राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा की गई थी।
अभियान के तहत “एनीमिया जागरूकता रथ” के जरिए गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक किया गया। इसमें खासतौर पर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों को लक्ष्य बनाते हुए पोषण, स्वास्थ्य जांच और जीवनशैली सुधार के बारे में जानकारी दी गई।
“गुड़ और चना खाएं, हीमोग्लोबिन बढ़ाएं” जैसे सरल और प्रभावी संदेशों के माध्यम से लोगों को पारंपरिक पोषण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि एनीमिया केवल खून की कमी नहीं, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो शरीर की ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक विकास और मातृ स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।
डॉ. द्विवेदी का यह अभियान अब एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है, जिसे देशभर में लागू किया जा सकता है। उनका लक्ष्य “एनीमिया मुक्त समाज” का निर्माण करना है, जिसके लिए वे लगातार समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का उदाहरण बन रही है, बल्कि समाज और सरकार के संयुक्त प्रयासों से एक स्वस्थ भविष्य की दिशा भी तय कर रही है।
