- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का विरोध, ग्वालियर में गांधी प्रतिमा के नीचे धरना
मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का विरोध, ग्वालियर में गांधी प्रतिमा के नीचे धरना
Gwalior, MP
कांग्रेस नेताओं ने कहा— यह करोड़ों गरीबों की जीवनरेखा पर हमला, गांधी के नाम से जुड़ी योजना से छेड़छाड़ जनविरोधी सोच
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने की चर्चाओं को लेकर कांग्रेस में तीखा आक्रोश देखने को मिला। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रविवार दोपहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। फूलबाग चौराहे स्थित गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरना देकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तानाशाही और जनविरोधी सोच अपनाने का आरोप लगाया।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मनरेगा के नाम से छेड़छाड़ का विरोध किया। प्रदर्शन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव, विधायक साहब सिंह गुर्जर, प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और श्रमिक परिवारों के लिए रोज़गार और सम्मान की गारंटी है।
प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने कहा कि मनरेगा का नाम महात्मा गांधी से जुड़ा है, जिन्होंने सत्य, अहिंसा और श्रम की गरिमा का संदेश दिया। इस योजना के नाम को बदलने का प्रयास केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि गांधी के विचारों और उनके योगदान का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास और जनभावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।
धरने को संबोधित करते हुए विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा सड़क से सदन तक संघर्ष करती रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के नाम या स्वरूप से छेड़छाड़ की गई, तो कांग्रेस राज्यभर में आंदोलन तेज करेगी। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने कहा कि सरकार को समझना चाहिए कि मनरेगा गांवों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे लाखों परिवारों का जीवन जुड़ा हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा के नीचे बैठकर शांतिपूर्ण धरना दिया। इस दौरान भाजपा सरकार को “सद्बुद्धि” देने की कामना के साथ “रघुपति राघव राजा राम, सबको सम्मति दे भगवान” भजन का सामूहिक पाठ भी किया गया। नेताओं ने इसे गांधीवादी तरीके से विरोध जताने का प्रतीक बताया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि योजनाओं के नाम बदलने से न तो ज़मीनी समस्याएं हल होंगी और न ही रोजगार बढ़ेगा। उनका आरोप है कि सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए प्रतीकों की राजनीति कर रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि मनरेगा के नाम और उसके मूल उद्देश्य से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने के बाद कांग्रेस ने संकेत दिए कि यदि केंद्र या राज्य स्तर पर मनरेगा को लेकर कोई औपचारिक फैसला लिया गया, तो इसे लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, ग्वालियर में हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के संकेत हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का विरोध, ग्वालियर में गांधी प्रतिमा के नीचे धरना
Gwalior, MP
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने की चर्चाओं को लेकर कांग्रेस में तीखा आक्रोश देखने को मिला। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रविवार दोपहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। फूलबाग चौराहे स्थित गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरना देकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तानाशाही और जनविरोधी सोच अपनाने का आरोप लगाया।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मनरेगा के नाम से छेड़छाड़ का विरोध किया। प्रदर्शन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव, विधायक साहब सिंह गुर्जर, प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और श्रमिक परिवारों के लिए रोज़गार और सम्मान की गारंटी है।
प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने कहा कि मनरेगा का नाम महात्मा गांधी से जुड़ा है, जिन्होंने सत्य, अहिंसा और श्रम की गरिमा का संदेश दिया। इस योजना के नाम को बदलने का प्रयास केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि गांधी के विचारों और उनके योगदान का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास और जनभावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।
धरने को संबोधित करते हुए विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा सड़क से सदन तक संघर्ष करती रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के नाम या स्वरूप से छेड़छाड़ की गई, तो कांग्रेस राज्यभर में आंदोलन तेज करेगी। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने कहा कि सरकार को समझना चाहिए कि मनरेगा गांवों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे लाखों परिवारों का जीवन जुड़ा हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा के नीचे बैठकर शांतिपूर्ण धरना दिया। इस दौरान भाजपा सरकार को “सद्बुद्धि” देने की कामना के साथ “रघुपति राघव राजा राम, सबको सम्मति दे भगवान” भजन का सामूहिक पाठ भी किया गया। नेताओं ने इसे गांधीवादी तरीके से विरोध जताने का प्रतीक बताया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि योजनाओं के नाम बदलने से न तो ज़मीनी समस्याएं हल होंगी और न ही रोजगार बढ़ेगा। उनका आरोप है कि सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए प्रतीकों की राजनीति कर रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि मनरेगा के नाम और उसके मूल उद्देश्य से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने के बाद कांग्रेस ने संकेत दिए कि यदि केंद्र या राज्य स्तर पर मनरेगा को लेकर कोई औपचारिक फैसला लिया गया, तो इसे लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, ग्वालियर में हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के संकेत हैं।
