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मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर भीड़, अफवाहों से बढ़ी घबराहट; रीवा में सुबह 5 बजे से लगी कतारें
रीवा (म.प्र.)
सरकार का दावा- ईंधन पर्याप्त, कुक्षी में पेट्रोल 113.13 प्रति लीटर; कई जगह पुलिस तैनात
ईरान-इजराइल तनाव की खबरों के बीच मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों ने अचानक स्थिति बिगाड़ दी है। रीवा में गुरुवार सुबह 5 बजे से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं, जहां लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन को हालात संभालने के लिए कई जगह पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बावजूद इसके, अफवाहों के कारण लोगों में पैनिक बाइंग देखने को मिल रही है, जिससे सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है।
प्रदेश के अन्य जिलों से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं। जबलपुर, दमोह और भोपाल के कुछ पेट्रोल पंपों पर सामान्य से अधिक भीड़ दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर, उज्जैन और धार जैसे क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में रही। सागर और इंदौर में प्रशासन ने निरीक्षण कर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
रायसेन में हालात को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है। यहां एक व्यक्ति को अधिकतम 50 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर डीजल ही दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि खेती के सीजन के कारण डीजल की मांग पहले से ही अधिक है, ऐसे में अफवाहों ने खपत को और बढ़ा दिया है।
इसी बीच, धार जिले के कुक्षी में नायरा पेट्रोलियम ने पेट्रोल की कीमत ₹113.13 प्रति लीटर तक बढ़ा दी है, जबकि डीजल ₹96 प्रति लीटर बिक रहा है। हालांकि सरकारी कंपनियों के पंपों पर कीमतें अपेक्षाकृत कम बनी हुई हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां एक पंप पर 20 हजार लीटर तक ईंधन की बिक्री होती थी, वहीं अब यह बढ़कर 40-45 हजार लीटर तक पहुंच गई है। इस अचानक बढ़ी मांग के चलते कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने की स्थिति भी बनी।
राज्य सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों ने संयुक्त रूप से लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव के बीच इस तरह की अफवाहें बाजार और आम लोगों दोनों पर असर डालती हैं।
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मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर भीड़, अफवाहों से बढ़ी घबराहट; रीवा में सुबह 5 बजे से लगी कतारें
रीवा (म.प्र.)
ईरान-इजराइल तनाव की खबरों के बीच मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों ने अचानक स्थिति बिगाड़ दी है। रीवा में गुरुवार सुबह 5 बजे से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं, जहां लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन को हालात संभालने के लिए कई जगह पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बावजूद इसके, अफवाहों के कारण लोगों में पैनिक बाइंग देखने को मिल रही है, जिससे सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है।
प्रदेश के अन्य जिलों से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं। जबलपुर, दमोह और भोपाल के कुछ पेट्रोल पंपों पर सामान्य से अधिक भीड़ दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर, उज्जैन और धार जैसे क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में रही। सागर और इंदौर में प्रशासन ने निरीक्षण कर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
रायसेन में हालात को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है। यहां एक व्यक्ति को अधिकतम 50 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर डीजल ही दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि खेती के सीजन के कारण डीजल की मांग पहले से ही अधिक है, ऐसे में अफवाहों ने खपत को और बढ़ा दिया है।
इसी बीच, धार जिले के कुक्षी में नायरा पेट्रोलियम ने पेट्रोल की कीमत ₹113.13 प्रति लीटर तक बढ़ा दी है, जबकि डीजल ₹96 प्रति लीटर बिक रहा है। हालांकि सरकारी कंपनियों के पंपों पर कीमतें अपेक्षाकृत कम बनी हुई हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां एक पंप पर 20 हजार लीटर तक ईंधन की बिक्री होती थी, वहीं अब यह बढ़कर 40-45 हजार लीटर तक पहुंच गई है। इस अचानक बढ़ी मांग के चलते कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने की स्थिति भी बनी।
राज्य सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों ने संयुक्त रूप से लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव के बीच इस तरह की अफवाहें बाजार और आम लोगों दोनों पर असर डालती हैं।
