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ओंकारेश्वर मंदिर में बदली दर्शन व्यवस्था, अब दूर से होंगे ज्योतिर्लिंग के दर्शन, बढ़ेगी श्रद्धालुओं की संख्या
मध्य प्रदेश
सावन में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने लागू की नई व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग बदले, हर मिनट अधिक श्रद्धालुओं को मिलेगा दर्शन का अवसर
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। सावन मास के दौरान लाखों भक्तों के आगमन की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर में नई व्यवस्था लागू कर दी है। इस नई प्रणाली के तहत अब श्रद्धालुओं को ज्योतिर्लिंग के दर्शन कुछ दूरी से कराए जा रहे हैं, जिससे दर्शन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और तेज हो गई है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार हाल ही में मंदिर परिसर के प्रवेश मार्ग पर चल रहे चौड़ीकरण और सुधार कार्य पूरे होने के बाद नई व्यवस्था को लागू किया गया है। इसके बाद एकादशी से श्रद्धालुओं के लिए नए रूट के अनुसार दर्शन शुरू कर दिए गए। प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से लंबी कतारों में लगने वाला समय कम होगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कम समय में दर्शन कर सकेंगे।
अब बदले रूट से होगा प्रवेश और निकास
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रवेश मार्ग से मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा है, जबकि दर्शन के बाद उन्हें अलग निकास मार्ग से बाहर भेजा जा रहा है। इससे आने और जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ एक-दूसरे से नहीं टकरा रही, जिसके कारण पूरे परिसर में आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुचारु हो गया है।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना और सावन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचना है।
कुछ दूरी से कराए जा रहे हैं दर्शन
नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को गर्भगृह से कुछ दूरी पर निर्धारित स्थान से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कराए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे दर्शन की गति बढ़ी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना अधिक इंतजार किए मंदिर में प्रवेश कर पा रहे हैं।
पहले जहां सीमित संख्या में लोग एक समय में दर्शन कर पाते थे, वहीं अब हर मिनट कहीं अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिल रहा है। प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से दर्शन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सावन को देखते हुए बढ़ाई गई तैयारियां
सावन माह में ओंकारेश्वर मंदिर में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी कारण प्रशासन ने सुरक्षा, बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन, पार्किंग और यातायात व्यवस्था में भी कई बदलाव किए हैं। मंदिर परिसर में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि दर्शन व्यवस्था बिना किसी रुकावट के संचालित हो सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था भी की गई है, जिससे सामान्य दर्शन और अन्य श्रेणी के श्रद्धालुओं का आवागमन व्यवस्थित तरीके से हो सके।
श्रद्धालुओं ने सराही नई व्यवस्था
नई व्यवस्था के पहले ही दिन कई श्रद्धालुओं ने इसे पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बताया। उनका कहना है कि लंबी प्रतीक्षा के बिना शांत वातावरण में भगवान के दर्शन करने का अवसर मिला। कई भक्तों ने माना कि भले ही दर्शन कुछ दूरी से हो रहे हैं, लेकिन भीड़ कम होने और व्यवस्था बेहतर होने के कारण पूरा अनुभव अधिक संतोषजनक रहा।
बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन द्वारा किए गए बदलावों की सराहना करते हुए कहा कि इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी राहत मिलेगी।
तीन गुना तक बढ़ सकती है दर्शन क्षमता
जिला प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर की दर्शन क्षमता पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए जाने से श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रहती है और कतारों में रुकावट कम आती है।
आने वाले दिनों में विशेष दर्शन और अन्य श्रेणियों के श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अलग क्यू मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे सभी श्रेणियों के श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जा सकें।
प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी
मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे परिसर पर नजर रखी जा रही है। भीड़ अधिक होने की स्थिति में अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि सावन के पूरे महीने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिलती रहे।
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ओंकारेश्वर मंदिर में बदली दर्शन व्यवस्था, अब दूर से होंगे ज्योतिर्लिंग के दर्शन, बढ़ेगी श्रद्धालुओं की संख्या
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। सावन मास के दौरान लाखों भक्तों के आगमन की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर में नई व्यवस्था लागू कर दी है। इस नई प्रणाली के तहत अब श्रद्धालुओं को ज्योतिर्लिंग के दर्शन कुछ दूरी से कराए जा रहे हैं, जिससे दर्शन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और तेज हो गई है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार हाल ही में मंदिर परिसर के प्रवेश मार्ग पर चल रहे चौड़ीकरण और सुधार कार्य पूरे होने के बाद नई व्यवस्था को लागू किया गया है। इसके बाद एकादशी से श्रद्धालुओं के लिए नए रूट के अनुसार दर्शन शुरू कर दिए गए। प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से लंबी कतारों में लगने वाला समय कम होगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कम समय में दर्शन कर सकेंगे।
अब बदले रूट से होगा प्रवेश और निकास
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रवेश मार्ग से मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा है, जबकि दर्शन के बाद उन्हें अलग निकास मार्ग से बाहर भेजा जा रहा है। इससे आने और जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ एक-दूसरे से नहीं टकरा रही, जिसके कारण पूरे परिसर में आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुचारु हो गया है।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना और सावन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचना है।
कुछ दूरी से कराए जा रहे हैं दर्शन
नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को गर्भगृह से कुछ दूरी पर निर्धारित स्थान से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कराए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे दर्शन की गति बढ़ी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना अधिक इंतजार किए मंदिर में प्रवेश कर पा रहे हैं।
पहले जहां सीमित संख्या में लोग एक समय में दर्शन कर पाते थे, वहीं अब हर मिनट कहीं अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिल रहा है। प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से दर्शन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सावन को देखते हुए बढ़ाई गई तैयारियां
सावन माह में ओंकारेश्वर मंदिर में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी कारण प्रशासन ने सुरक्षा, बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन, पार्किंग और यातायात व्यवस्था में भी कई बदलाव किए हैं। मंदिर परिसर में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि दर्शन व्यवस्था बिना किसी रुकावट के संचालित हो सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था भी की गई है, जिससे सामान्य दर्शन और अन्य श्रेणी के श्रद्धालुओं का आवागमन व्यवस्थित तरीके से हो सके।
श्रद्धालुओं ने सराही नई व्यवस्था
नई व्यवस्था के पहले ही दिन कई श्रद्धालुओं ने इसे पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बताया। उनका कहना है कि लंबी प्रतीक्षा के बिना शांत वातावरण में भगवान के दर्शन करने का अवसर मिला। कई भक्तों ने माना कि भले ही दर्शन कुछ दूरी से हो रहे हैं, लेकिन भीड़ कम होने और व्यवस्था बेहतर होने के कारण पूरा अनुभव अधिक संतोषजनक रहा।
बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन द्वारा किए गए बदलावों की सराहना करते हुए कहा कि इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी राहत मिलेगी।
तीन गुना तक बढ़ सकती है दर्शन क्षमता
जिला प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर की दर्शन क्षमता पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए जाने से श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रहती है और कतारों में रुकावट कम आती है।
आने वाले दिनों में विशेष दर्शन और अन्य श्रेणियों के श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अलग क्यू मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे सभी श्रेणियों के श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जा सकें।
प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी
मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे परिसर पर नजर रखी जा रही है। भीड़ अधिक होने की स्थिति में अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि सावन के पूरे महीने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिलती रहे।
