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भाजपा नेता की पहल पर रीवा-दुर्ग ट्रेन का मुद्दा दिल्ली पहुंचा, रेल मंत्री से हुई चर्चा
रीवा
भाजपा नेता ने रेल मंत्री से रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन और पार्थिव देह परिवहन सुविधा की मांग की, विंध्य क्षेत्र को राहत की उम्मीद।
नई दिल्ली में रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की मांग एक बार फिर सुर्खियों में है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर विंध्य क्षेत्र के यात्रियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को सामने रखा। मुलाकात के दौरान उन्होंने साफ तौर पर रीवा से दुर्ग, भिलाई और रायपुर तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग उठाई। साथ ही पार्थिव देह के सम्मानजनक और कम खर्च वाले परिवहन की सुविधा का मुद्दा भी उन्होंने रेल मंत्री के सामने रखा।
गौरव तिवारी ने बताया कि रीवा संभाग और पूरे विंध्य क्षेत्र से हर साल हजारों लोग रोजगार, शिक्षा और व्यापार के लिए छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहरों का रुख करते हैं। अभी स्थिति यह है कि सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं होने की वजह से यात्रियों को कई जगह ट्रेन बदलनी पड़ती है। इस वजह से सफर लंबा भी हो जाता है और खर्च भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परेशानी वर्षों से बनी हुई है और इसका असर आम यात्रियों पर लगातार पड़ रहा है।
नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की मांग को प्रमुखता से रखा गया। बताया गया कि अगर यह ट्रेन शुरू होती है तो विंध्य और छत्तीसगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में भी आवाजाही आसान हो जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रस्ताव को ध्यान से सुना और इस पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा भी दिया है। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।
मुलाकात में सिर्फ यात्री ट्रेन का मुद्दा ही नहीं उठा, बल्कि एक बेहद संवेदनशील विषय भी सामने आया। गौरव तिवारी ने कहा कि कई बार महानगरों में रहने वाले लोगों की मृत्यु के बाद पार्थिव देह को घर तक लाने में परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक बोझ और व्यवस्थागत दिक्कतें ऐसे समय में परिवारों को और ज्यादा कठिन स्थिति में डाल देती हैं। उन्होंने रेलवे से आग्रह किया कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे पार्थिव देह का परिवहन सम्मानजनक तरीके से और कम खर्च में हो सके।
इस मांग को लेकर यह भी कहा गया कि यदि रेलवे विशेष व्यवस्था या सुविधा शुरू करता है तो शोकग्रस्त परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल इस विषय पर भी विचार करने की बात सामने आई है, लेकिन किसी नीति बदलाव की आधिकारिक जानकारी अभी नहीं आई है।
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भाजपा नेता की पहल पर रीवा-दुर्ग ट्रेन का मुद्दा दिल्ली पहुंचा, रेल मंत्री से हुई चर्चा
रीवा
नई दिल्ली में रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की मांग एक बार फिर सुर्खियों में है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर विंध्य क्षेत्र के यात्रियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को सामने रखा। मुलाकात के दौरान उन्होंने साफ तौर पर रीवा से दुर्ग, भिलाई और रायपुर तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग उठाई। साथ ही पार्थिव देह के सम्मानजनक और कम खर्च वाले परिवहन की सुविधा का मुद्दा भी उन्होंने रेल मंत्री के सामने रखा।
गौरव तिवारी ने बताया कि रीवा संभाग और पूरे विंध्य क्षेत्र से हर साल हजारों लोग रोजगार, शिक्षा और व्यापार के लिए छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहरों का रुख करते हैं। अभी स्थिति यह है कि सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं होने की वजह से यात्रियों को कई जगह ट्रेन बदलनी पड़ती है। इस वजह से सफर लंबा भी हो जाता है और खर्च भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परेशानी वर्षों से बनी हुई है और इसका असर आम यात्रियों पर लगातार पड़ रहा है।
नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की मांग को प्रमुखता से रखा गया। बताया गया कि अगर यह ट्रेन शुरू होती है तो विंध्य और छत्तीसगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में भी आवाजाही आसान हो जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रस्ताव को ध्यान से सुना और इस पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा भी दिया है। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।
मुलाकात में सिर्फ यात्री ट्रेन का मुद्दा ही नहीं उठा, बल्कि एक बेहद संवेदनशील विषय भी सामने आया। गौरव तिवारी ने कहा कि कई बार महानगरों में रहने वाले लोगों की मृत्यु के बाद पार्थिव देह को घर तक लाने में परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक बोझ और व्यवस्थागत दिक्कतें ऐसे समय में परिवारों को और ज्यादा कठिन स्थिति में डाल देती हैं। उन्होंने रेलवे से आग्रह किया कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे पार्थिव देह का परिवहन सम्मानजनक तरीके से और कम खर्च में हो सके।
इस मांग को लेकर यह भी कहा गया कि यदि रेलवे विशेष व्यवस्था या सुविधा शुरू करता है तो शोकग्रस्त परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल इस विषय पर भी विचार करने की बात सामने आई है, लेकिन किसी नीति बदलाव की आधिकारिक जानकारी अभी नहीं आई है।
