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भोपाल से रवाना हुई ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल के RKMP स्टेशन से सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा रवाना। CM मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल हिंसा की निंदा करते हुए 1100 श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाई।
भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (RKMP) पर गुरुवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही और माहौल पूरी तरह धार्मिक उत्साह से भरा नजर आया। यात्रा के रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में हुई एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए वहां बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए को गोली मारे जाने की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चुनाव में हार-जीत सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन हार के बाद हिंसा पर उतर आना किसी भी स्थिति में सही नहीं कहा जा सकता।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राजनीति में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और जनता ने ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश आज एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां किसी भी तरह की हिंसा या भय का माहौल स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी भाव के साथ उन्होंने यात्रा को रवाना करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और स्वाभिमान का प्रतीक है।
इस विशेष अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ में करीब 1100 श्रद्धालु शामिल हुए हैं। पहली बार इस तरह की यात्रा को राज्य स्तर पर आयोजित किया गया है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से लोग शामिल होकर सोमनाथ धाम की ओर रवाना हुए। यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की गई है और इसे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026’ के अंतर्गत एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वरम शर्मा, भगवान दास सबनानी और भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने आगे मध्यप्रदेश में बढ़ते धार्मिक पर्यटन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन में महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 2022 से पहले जहां रोजाना कुछ हजार श्रद्धालु पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या डेढ़ लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब धार्मिक स्थलों का विकास होता है तो उसके साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेली सेवा जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शुरू की हैं, जिससे धार्मिक स्थलों तक पहुंच और आसान हुई है।
सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंदिर पर इतिहास में कई बार आक्रमण हुए, लेकिन इसके बावजूद यह आज भी आस्था और भव्यता का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ दर्शन तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, आध्यात्मिक अनुभव और भारतीय परंपरा की गहरी झलक भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान भगवान सोमनाथ का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। उन्होंने अपील की कि सभी यात्री भक्ति भाव के साथ यात्रा का आनंद लें और भारतीय संस्कृति के संदेश ‘जियो और जीने दो’ को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि यह संस्कृति पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाती है और इसी सोच के साथ देश आगे बढ़ रहा है।
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भोपाल से रवाना हुई ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (RKMP) पर गुरुवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही और माहौल पूरी तरह धार्मिक उत्साह से भरा नजर आया। यात्रा के रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में हुई एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए वहां बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए को गोली मारे जाने की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चुनाव में हार-जीत सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन हार के बाद हिंसा पर उतर आना किसी भी स्थिति में सही नहीं कहा जा सकता।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राजनीति में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और जनता ने ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश आज एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां किसी भी तरह की हिंसा या भय का माहौल स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी भाव के साथ उन्होंने यात्रा को रवाना करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और स्वाभिमान का प्रतीक है।
इस विशेष अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ में करीब 1100 श्रद्धालु शामिल हुए हैं। पहली बार इस तरह की यात्रा को राज्य स्तर पर आयोजित किया गया है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से लोग शामिल होकर सोमनाथ धाम की ओर रवाना हुए। यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की गई है और इसे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026’ के अंतर्गत एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वरम शर्मा, भगवान दास सबनानी और भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने आगे मध्यप्रदेश में बढ़ते धार्मिक पर्यटन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन में महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 2022 से पहले जहां रोजाना कुछ हजार श्रद्धालु पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या डेढ़ लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब धार्मिक स्थलों का विकास होता है तो उसके साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेली सेवा जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शुरू की हैं, जिससे धार्मिक स्थलों तक पहुंच और आसान हुई है।
सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंदिर पर इतिहास में कई बार आक्रमण हुए, लेकिन इसके बावजूद यह आज भी आस्था और भव्यता का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ दर्शन तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, आध्यात्मिक अनुभव और भारतीय परंपरा की गहरी झलक भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान भगवान सोमनाथ का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। उन्होंने अपील की कि सभी यात्री भक्ति भाव के साथ यात्रा का आनंद लें और भारतीय संस्कृति के संदेश ‘जियो और जीने दो’ को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि यह संस्कृति पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाती है और इसी सोच के साथ देश आगे बढ़ रहा है।
