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इंदौर में दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा 35, भागीरथपुरा में बच्ची और बुजुर्ग की जान गई
इंदौर (म.प्र.)
स्वास्थ्य संकट पर बढ़ी चिंता; हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच आयोग सक्रिय, टैंकर से जल आपूर्ति जारी
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से जुड़ा स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। हाल ही में दो और मौतों के साथ इस प्रकरण में मृतकों की संख्या 35 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मृतकों में 75 वर्षीय बुजुर्ग और दो वर्षीय बच्ची शामिल हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित क्षेत्र में वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोनों मृतकों को उल्टी-दस्त और संक्रमण संबंधी लक्षणों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ती गई और अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बावजूद जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों का आरोप है कि दूषित पानी पीने से ही स्वास्थ्य बिगड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने मौतों के कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर करने की बात कही है।
भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कुछ सप्ताह से जल प्रदूषण की शिकायतें सामने आ रही थीं। प्रभावित इलाकों में पाइपलाइन जल आपूर्ति रोककर टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने पेयजल गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। कई परिवारों में एक से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग गठित किया गया है। आयोग को यह पता लगाने का दायित्व दिया गया है कि पेयजल प्रदूषण कैसे हुआ, प्रशासनिक स्तर पर किस प्रकार की लापरवाही हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार आवश्यक हैं। आयोग ने प्रभावित नागरिकों, चिकित्सकों और संबंधित पक्षों से साक्ष्य एवं जानकारी प्रस्तुत करने की अपील की है।
चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार दूषित जल से होने वाले संक्रमण गैस्ट्रोएंटेराइटिस सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। कुछ मामलों में तंत्रिका तंत्र से जुड़ी जटिलताओं की आशंका भी जताई गई है, हालांकि प्रत्येक मामले की चिकित्सा जांच अलग-अलग की जा रही है।
शहरी प्रशासन का कहना है कि जल स्रोतों की जांच और पाइपलाइन की मरम्मत कार्य जारी है। संबंधित विभागों को जल गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से उबला या सुरक्षित पानी उपयोग करने की अपील की है।
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