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आरक्षक आत्महत्या मामले में दो महिला एक पुरुष गिरफ्तार
मण्डला/बम्हनी,(म.प्र.)
बम्हनी बंजर थाने के आरक्षक आत्महत्या मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने के आरोप सामने आए।
मण्डला/बम्हनी जिले के बम्हनी बंजर थाना परिसर में पदस्थ आरक्षक द्वारा आत्महत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस ने मामले में दो स्टाफ नर्सों और एक नर्स के भाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण, जान से मारने की धमकी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक राजेश खुरवेंसी ने बताया कि मृतक आरक्षक सुनील सरयाम उम्र 40 वर्ष द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट तथा अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर की गई विस्तृत जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। वर्ष 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान आरक्षक सुनील सरयाम की पदस्थापना बम्हनी बंजर क्षेत्र में थी। इसी दौरान उनका स्थानीय अस्पताल में कार्यरत दो स्टाफ नर्सों से संपर्क हुआ। जांच में सामने आया कि इसी दौरान आरोपियों ने आरक्षक की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें अपने कब्जे में ले ली थीं।
बाद में इन्हीं तस्वीरों को आधार बनाकर उन्हें लगातार ब्लैकमेल किया जाने लगा। बताया गया है कि पिछले लगभग तीन वर्षों से आरक्षक मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहा था। आरोपियों द्वारा तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उन पर लगातार दबाव बनाया जाता था। वहीं एक नर्स के भाई द्वारा भी आरक्षक को जान से मारने की धमकियां दिए जाने की बात जांच में सामने आई है। लगातार हो रही ब्लैकमेलिंग, सामाजिक बदनामी के भय और मानसिक तनाव के कारण आरक्षक गहरे अवसाद में चले गए थे।
वहीं 8 जून 2026 को बम्हनी बंजर थाना परिसर स्थित शासकीय आवास में आरक्षक सुनील सरयाम का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था। इस घटना ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया था। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच प्रारंभ की गई थी। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें मृतक आरक्षक ने अपनी आत्महत्या के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए लगातार प्रताड़ित किए जाने, ब्लैकमेलिंग और धमकियों का उल्लेख किया था। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच, मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों से आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दो महिला स्टाफ नर्स एवं एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
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आरक्षक आत्महत्या मामले में दो महिला एक पुरुष गिरफ्तार
मण्डला/बम्हनी,(म.प्र.)
मण्डला/बम्हनी जिले के बम्हनी बंजर थाना परिसर में पदस्थ आरक्षक द्वारा आत्महत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस ने मामले में दो स्टाफ नर्सों और एक नर्स के भाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण, जान से मारने की धमकी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक राजेश खुरवेंसी ने बताया कि मृतक आरक्षक सुनील सरयाम उम्र 40 वर्ष द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट तथा अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर की गई विस्तृत जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। वर्ष 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान आरक्षक सुनील सरयाम की पदस्थापना बम्हनी बंजर क्षेत्र में थी। इसी दौरान उनका स्थानीय अस्पताल में कार्यरत दो स्टाफ नर्सों से संपर्क हुआ। जांच में सामने आया कि इसी दौरान आरोपियों ने आरक्षक की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें अपने कब्जे में ले ली थीं।
बाद में इन्हीं तस्वीरों को आधार बनाकर उन्हें लगातार ब्लैकमेल किया जाने लगा। बताया गया है कि पिछले लगभग तीन वर्षों से आरक्षक मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहा था। आरोपियों द्वारा तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उन पर लगातार दबाव बनाया जाता था। वहीं एक नर्स के भाई द्वारा भी आरक्षक को जान से मारने की धमकियां दिए जाने की बात जांच में सामने आई है। लगातार हो रही ब्लैकमेलिंग, सामाजिक बदनामी के भय और मानसिक तनाव के कारण आरक्षक गहरे अवसाद में चले गए थे।
वहीं 8 जून 2026 को बम्हनी बंजर थाना परिसर स्थित शासकीय आवास में आरक्षक सुनील सरयाम का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था। इस घटना ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया था। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच प्रारंभ की गई थी। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें मृतक आरक्षक ने अपनी आत्महत्या के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए लगातार प्रताड़ित किए जाने, ब्लैकमेलिंग और धमकियों का उल्लेख किया था। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच, मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों से आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दो महिला स्टाफ नर्स एवं एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
