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उज्जैन खदान हादसा: नहाने गए दो किशोर डूबे, एक का शव बरामद
उज्जैन (म.प्र.)
उज्जैन खदान हादसा में SDRF और होमगार्ड की टीमों का देर रात तक रेस्क्यू, एक किशोर अब भी लापता खदान में नहाने की मस्ती एक पल में मातम में बदल गई। उज्जैन से आई यह घटना सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में खदान में नहाने गए दो किशोर डूब गए, जिनमें से एक का शव देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरा अब भी लापता है। यह घटना नागझिरी थाना क्षेत्र के करौंदिया गांव स्थित एक गहरी खदान में दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई, जब कुल 9 दोस्त वहां नहाने पहुंचे थे। अचानक दो किशोर गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं निकल सके। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और शाम 5 बजे से SDRF व होमगार्ड की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जो देर रात तक जारी रहा। जानकारी के अनुसार खदान की गहराई करीब 50 फीट बताई जा रही है, जिससे रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बन गया। डूबने वाले किशोरों की पहचान अनस (16) निवासी अशोकनगर और शुभम (17) निवासी उज्जैन के रूप में हुई है। देर रात करीब साढ़े 10 बजे शुभम का शव बाहर निकाल लिया गया, जबकि अनस की तलाश जारी है।
रेस्क्यू अभियान जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर पहुंचीं। SDRF और होमगार्ड की दो टीमों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन संभाला।पानी के भीतर खोज के लिए अंडरवाटर रेस्क्यू कैमरा और गोताखोरों की मदद ली गई, लेकिन अंधेरा और गहराई बड़ी बाधा साबित हुई।अधिकारियों के अनुसार खदान में पानी का स्तर अधिक होने और तल की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण खोज अभियान में काफी दिक्कतें आईं। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने बताया कि टीम ने पूरी तत्परता से काम किया, लेकिन परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण थीं।
सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खदान लंबे समय से खुली पड़ी है और यहां अक्सर युवक नहाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।ऐसे हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर निगरानी या प्रतिबंध के ठोस उपाय नजर नहीं आते।घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के खतरनाक स्थानों पर जाने से बचें।इस बीच रेस्क्यू टीम मंगलवार को फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में है, ताकि लापता किशोर का पता लगाया जा सके। यह उज्जैन खदान हादसा एक बार फिर ऐसे असुरक्षित स्थलों पर निगरानी की जरूरत को उजागर कर रहा है।
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उज्जैन खदान हादसा: नहाने गए दो किशोर डूबे, एक का शव बरामद
उज्जैन (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में खदान में नहाने गए दो किशोर डूब गए, जिनमें से एक का शव देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरा अब भी लापता है। यह घटना नागझिरी थाना क्षेत्र के करौंदिया गांव स्थित एक गहरी खदान में दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई, जब कुल 9 दोस्त वहां नहाने पहुंचे थे। अचानक दो किशोर गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं निकल सके। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और शाम 5 बजे से SDRF व होमगार्ड की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जो देर रात तक जारी रहा। जानकारी के अनुसार खदान की गहराई करीब 50 फीट बताई जा रही है, जिससे रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बन गया। डूबने वाले किशोरों की पहचान अनस (16) निवासी अशोकनगर और शुभम (17) निवासी उज्जैन के रूप में हुई है। देर रात करीब साढ़े 10 बजे शुभम का शव बाहर निकाल लिया गया, जबकि अनस की तलाश जारी है।
रेस्क्यू अभियान जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर पहुंचीं। SDRF और होमगार्ड की दो टीमों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन संभाला।पानी के भीतर खोज के लिए अंडरवाटर रेस्क्यू कैमरा और गोताखोरों की मदद ली गई, लेकिन अंधेरा और गहराई बड़ी बाधा साबित हुई।अधिकारियों के अनुसार खदान में पानी का स्तर अधिक होने और तल की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण खोज अभियान में काफी दिक्कतें आईं। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने बताया कि टीम ने पूरी तत्परता से काम किया, लेकिन परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण थीं।
सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खदान लंबे समय से खुली पड़ी है और यहां अक्सर युवक नहाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।ऐसे हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर निगरानी या प्रतिबंध के ठोस उपाय नजर नहीं आते।घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के खतरनाक स्थानों पर जाने से बचें।इस बीच रेस्क्यू टीम मंगलवार को फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में है, ताकि लापता किशोर का पता लगाया जा सके। यह उज्जैन खदान हादसा एक बार फिर ऐसे असुरक्षित स्थलों पर निगरानी की जरूरत को उजागर कर रहा है।
