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देशभर में भीषण गर्मी का कहर, प्रयागराज 44.4°C के साथ सबसे गर्म
नेशनल न्यूज
गर्मी की मार के बीच 8 राज्यों में रात में भी लू का अलर्ट, कई जगहों पर दिनचर्या प्रभावित भीषण गर्मी ने अप्रैल में ही हालात बदल दिए हैं। दिन के साथ अब रातें भी राहत नहीं दे रहीं।
देश के कई हिस्सों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार पकड़ ली है और उत्तर प्रदेश का प्रयागराज सोमवार को 44.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और ओडिशा समेत कई राज्यों में लू का असर लगातार बढ़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई जिलों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है और दिन के साथ रात में भी गर्म हवाएं चलने का खतरा बढ़ गया है। भीषण गर्मी के चलते प्रशासनिक स्तर पर भी त्वरित फैसले लिए जा रहे हैं, जिनमें स्कूलों के समय में बदलाव और दोपहर के दौरान आउटडोर काम पर रोक शामिल है।
महाराष्ट्र के गोंदिया और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तापमान 43 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने दोपहर 12:30 बजे से 4 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य लोगों को चौराहों पर धूप में खड़े रहने से बचाना है। इसी तरह कई राज्यों में कंस्ट्रक्शन वर्कर, स्ट्रीट वेंडर्स और ट्रैफिक पुलिस के काम के समय में बदलाव किया गया है।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में ‘वार्म नाइट्स’ यानी रात में भी लू चलने का अलर्ट जारी किया है। यह स्थिति तब बनती है जब रात का तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रहता है और शरीर को ठंडक नहीं मिल पाती।
वार्म नाइट्स का असर
विशेषज्ञों के अनुसार ‘वार्म नाइट्स’ का असर स्वास्थ्य पर गंभीर पड़ सकता है। इससे नींद प्रभावित होती है और दिल व किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
देश के करीब 57% जिले अब हाई या बहुत हाई हीट रिस्क जोन में आ चुके हैं, जहां बड़ी आबादी सीधे इस खतरे की जद में है।
उत्तर प्रदेश में गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए राज्य सरकार ने आठवीं तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया है। इसी तरह झारखंड और बिहार में भी स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। बिहार के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है, जबकि रोहतास का डेहरी 43.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा।
पूर्वोत्तर में राहत नहीं
जहां एक ओर उत्तर और मध्य भारत गर्मी से झुलस रहा है, वहीं पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। असम की राजधानी गुवाहाटी में मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी और एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले 15 दिनों में पूर्वोत्तर राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नगालैंड में रिकॉर्ड बारिश हो सकती है। 20 से 22 अप्रैल के बीच भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
अधिकारियों के अनुसार अगले दो दिनों में झारखंड, ओडिशा और राजस्थान में हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उमस भरा मौसम बना रहेगा और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखने लगा है। राजस्थान के उदयपुर और अजमेर जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है, जबकि कोटा में अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं।
मध्य प्रदेश में पहली बार ‘वार्म नाइट’ का अलर्ट जारी किया गया है, जहां भोपाल समेत कई शहरों में रात का तापमान भी असामान्य रूप से ऊंचा बना हुआ है।आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और सख्त रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने तक उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, दोपहर में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। यह स्थिति फिलहाल गर्मी की मार को और गंभीर बना रही है और आने वाले दिनों में हालात पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
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देशभर में भीषण गर्मी का कहर, प्रयागराज 44.4°C के साथ सबसे गर्म
नेशनल न्यूज
देश के कई हिस्सों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार पकड़ ली है और उत्तर प्रदेश का प्रयागराज सोमवार को 44.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और ओडिशा समेत कई राज्यों में लू का असर लगातार बढ़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई जिलों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है और दिन के साथ रात में भी गर्म हवाएं चलने का खतरा बढ़ गया है। भीषण गर्मी के चलते प्रशासनिक स्तर पर भी त्वरित फैसले लिए जा रहे हैं, जिनमें स्कूलों के समय में बदलाव और दोपहर के दौरान आउटडोर काम पर रोक शामिल है।
महाराष्ट्र के गोंदिया और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तापमान 43 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने दोपहर 12:30 बजे से 4 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य लोगों को चौराहों पर धूप में खड़े रहने से बचाना है। इसी तरह कई राज्यों में कंस्ट्रक्शन वर्कर, स्ट्रीट वेंडर्स और ट्रैफिक पुलिस के काम के समय में बदलाव किया गया है।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में ‘वार्म नाइट्स’ यानी रात में भी लू चलने का अलर्ट जारी किया है। यह स्थिति तब बनती है जब रात का तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रहता है और शरीर को ठंडक नहीं मिल पाती।
वार्म नाइट्स का असर
विशेषज्ञों के अनुसार ‘वार्म नाइट्स’ का असर स्वास्थ्य पर गंभीर पड़ सकता है। इससे नींद प्रभावित होती है और दिल व किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
देश के करीब 57% जिले अब हाई या बहुत हाई हीट रिस्क जोन में आ चुके हैं, जहां बड़ी आबादी सीधे इस खतरे की जद में है।
उत्तर प्रदेश में गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए राज्य सरकार ने आठवीं तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया है। इसी तरह झारखंड और बिहार में भी स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। बिहार के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है, जबकि रोहतास का डेहरी 43.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा।
पूर्वोत्तर में राहत नहीं
जहां एक ओर उत्तर और मध्य भारत गर्मी से झुलस रहा है, वहीं पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। असम की राजधानी गुवाहाटी में मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी और एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले 15 दिनों में पूर्वोत्तर राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नगालैंड में रिकॉर्ड बारिश हो सकती है। 20 से 22 अप्रैल के बीच भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
अधिकारियों के अनुसार अगले दो दिनों में झारखंड, ओडिशा और राजस्थान में हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उमस भरा मौसम बना रहेगा और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखने लगा है। राजस्थान के उदयपुर और अजमेर जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है, जबकि कोटा में अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं।
मध्य प्रदेश में पहली बार ‘वार्म नाइट’ का अलर्ट जारी किया गया है, जहां भोपाल समेत कई शहरों में रात का तापमान भी असामान्य रूप से ऊंचा बना हुआ है।आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और सख्त रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने तक उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, दोपहर में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। यह स्थिति फिलहाल गर्मी की मार को और गंभीर बना रही है और आने वाले दिनों में हालात पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
