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रीवा में पेट्रोल पंप के पास गिरा 440 वोल्ट का लाइव तार, MPEB की तत्परता से टला बड़ा हादसा
रीवा,(म.प्र.)
सुबह के समय पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंचे लोगों के बीच मची अफरा-तफरी, बिजली विभाग ने तत्काल सप्लाई बंद कर सुरक्षित कराया क्षेत्र।
रीवा शहर में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहर के कनोडिया पेट्रोल पंप के पास 11 केवी बिजली लाइन से जुड़ा 440 वोल्ट का मुख्य फेस तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। घटना सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। उस समय लाइन में बिजली प्रवाहित हो रही थी और तार पूरी तरह लाइव था। पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थान के नजदीक बिजली का चालू तार गिरने से कुछ देर के लिए इलाके में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि तार की चपेट में कोई व्यक्ति या वाहन नहीं आया और समय रहते बिजली विभाग ने सप्लाई बंद कर दी, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोगों ने देखा कि बिजली का तार जमीन पर गिरा हुआ है। शुरुआती कुछ क्षणों तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। जैसे ही यह जानकारी सामने आई कि तार में करंट दौड़ रहा है, आसपास मौजूद लोग सतर्क हो गए और सुरक्षित दूरी बना ली। घटना के समय पेट्रोल पंप पर कुछ वाहन चालक पेट्रोल और डीजल भरवा रहे थे। कई लोग अपने काम पर निकलने की तैयारी में थे। ऐसे में लाइव बिजली तार का गिरना बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह छह बजे के आसपास इलाके में गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। पेट्रोल पंप पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगती है। यदि यह तार कुछ देर बाद गिरता या किसी वाहन अथवा व्यक्ति के संपर्क में आ जाता, तो गंभीर जनहानि हो सकती थी। पेट्रोल पंप पर ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होने के कारण जोखिम और भी अधिक था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि तार गिरने के बाद कुछ देर के लिए लोगों में भय का माहौल था और कई वाहन चालक तुरंत वहां से हट गए।
घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सबसे पहले क्षेत्र को सुरक्षित करने का काम किया। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तत्काल मुख्य बिजली सप्लाई बंद की गई ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना समाप्त हो सके। बिजली कटने के बाद कर्मचारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त लाइन की स्थिति का आकलन शुरू किया। विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई।
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग की तत्परता की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि सप्लाई बंद करने में थोड़ी भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। कई लोगों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों की सक्रियता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने समय रहते सही निर्णय लिया। हालांकि इस घटना ने बिजली लाइनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि शहर में कई जगह पुराने तार और खंभे मौजूद हैं, जिनकी नियमित जांच आवश्यक है।
बिजली विभाग के तकनीकी कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त तार को हटाने और नई लाइन जोड़ने का काम शुरू कर दिया। कुछ समय के लिए प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही, लेकिन विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य तेजी से पूरा किया गया ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। तकनीकी टीम ने लाइन के अन्य हिस्सों की भी जांच की ताकि कहीं और कोई खतरा मौजूद न हो। बिजली विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर तार टूटने की वजह क्या रही। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि तकनीकी खराबी, पुराना तार, मौसम का प्रभाव या लाइन पर अधिक दबाव इसके संभावित कारण हो सकते हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। विभाग ने संबंधित रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली लाइनों के नियमित निरीक्षण और रखरखाव की मांग उठाई है। उनका कहना है कि शहर के कई इलाकों में बिजली के तार लंबे समय से बदले नहीं गए हैं। यदि समय-समय पर तकनीकी जांच होती रहे तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से भी मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, बाजारों और पेट्रोल पंपों के आसपास मौजूद बिजली ढांचे की विशेष निगरानी की जाए।पेट्रोल पंप के आसपास बिजली संबंधी किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी बेहद संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम और नियमित निरीक्षण आवश्यक होता है। रीवा में हुई यह घटना भले ही बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई, लेकिन इसने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
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रीवा में पेट्रोल पंप के पास गिरा 440 वोल्ट का लाइव तार, MPEB की तत्परता से टला बड़ा हादसा
रीवा,(म.प्र.)
रीवा शहर में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहर के कनोडिया पेट्रोल पंप के पास 11 केवी बिजली लाइन से जुड़ा 440 वोल्ट का मुख्य फेस तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। घटना सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। उस समय लाइन में बिजली प्रवाहित हो रही थी और तार पूरी तरह लाइव था। पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थान के नजदीक बिजली का चालू तार गिरने से कुछ देर के लिए इलाके में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि तार की चपेट में कोई व्यक्ति या वाहन नहीं आया और समय रहते बिजली विभाग ने सप्लाई बंद कर दी, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोगों ने देखा कि बिजली का तार जमीन पर गिरा हुआ है। शुरुआती कुछ क्षणों तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। जैसे ही यह जानकारी सामने आई कि तार में करंट दौड़ रहा है, आसपास मौजूद लोग सतर्क हो गए और सुरक्षित दूरी बना ली। घटना के समय पेट्रोल पंप पर कुछ वाहन चालक पेट्रोल और डीजल भरवा रहे थे। कई लोग अपने काम पर निकलने की तैयारी में थे। ऐसे में लाइव बिजली तार का गिरना बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह छह बजे के आसपास इलाके में गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। पेट्रोल पंप पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगती है। यदि यह तार कुछ देर बाद गिरता या किसी वाहन अथवा व्यक्ति के संपर्क में आ जाता, तो गंभीर जनहानि हो सकती थी। पेट्रोल पंप पर ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होने के कारण जोखिम और भी अधिक था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि तार गिरने के बाद कुछ देर के लिए लोगों में भय का माहौल था और कई वाहन चालक तुरंत वहां से हट गए।
घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सबसे पहले क्षेत्र को सुरक्षित करने का काम किया। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तत्काल मुख्य बिजली सप्लाई बंद की गई ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना समाप्त हो सके। बिजली कटने के बाद कर्मचारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त लाइन की स्थिति का आकलन शुरू किया। विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई।
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग की तत्परता की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि सप्लाई बंद करने में थोड़ी भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। कई लोगों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों की सक्रियता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने समय रहते सही निर्णय लिया। हालांकि इस घटना ने बिजली लाइनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि शहर में कई जगह पुराने तार और खंभे मौजूद हैं, जिनकी नियमित जांच आवश्यक है।
बिजली विभाग के तकनीकी कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त तार को हटाने और नई लाइन जोड़ने का काम शुरू कर दिया। कुछ समय के लिए प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही, लेकिन विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य तेजी से पूरा किया गया ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। तकनीकी टीम ने लाइन के अन्य हिस्सों की भी जांच की ताकि कहीं और कोई खतरा मौजूद न हो। बिजली विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर तार टूटने की वजह क्या रही। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि तकनीकी खराबी, पुराना तार, मौसम का प्रभाव या लाइन पर अधिक दबाव इसके संभावित कारण हो सकते हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। विभाग ने संबंधित रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली लाइनों के नियमित निरीक्षण और रखरखाव की मांग उठाई है। उनका कहना है कि शहर के कई इलाकों में बिजली के तार लंबे समय से बदले नहीं गए हैं। यदि समय-समय पर तकनीकी जांच होती रहे तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से भी मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, बाजारों और पेट्रोल पंपों के आसपास मौजूद बिजली ढांचे की विशेष निगरानी की जाए।पेट्रोल पंप के आसपास बिजली संबंधी किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी बेहद संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम और नियमित निरीक्षण आवश्यक होता है। रीवा में हुई यह घटना भले ही बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई, लेकिन इसने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
