- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- विंध्य/रीवा
- रीवा में जलभराव: गायत्री नगर में आठ दिन से जमा पानी
रीवा में जलभराव: गायत्री नगर में आठ दिन से जमा पानी
Digital Desk
रीवा में जलभराव के कारण गायत्री नगर में आठ दिन से पानी जमा है। 200 से अधिक लोग प्रभावित हैं और रोजमर्रा की गतिविधियां बाधित हैं।
बारिश थमने के बावजूद गायत्री नगर के वार्ड क्रमांक 10 में जलभराव की समस्या बनी हुई है। सैकड़ों लोगों की आवाजाही प्रभावित है और जरूरी सेवाओं तक पहुंच मुश्किल हो गई है।
आठ दिन से नहीं निकला पान
रीवा के गायत्री नगर में भारी बारिश के बाद पैदा हुआ जलभराव आठ दिन बाद भी लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। वार्ड क्रमांक 10 में कई घरों के आसपास पानी जमा है। बारिश रुकने के बावजूद पानी की निकासी नहीं होने से स्थानीय लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, इलाके में करीब 35 घरों में 200 से अधिक लोग रहते हैं। जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचने तथा दवाइयों की व्यवस्था करने में भी परेशानी हो रही है।
रोजमर्रा के काम प्रभावित
लंबे समय से जमा पानी ने स्थानीय लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। घरों से बाहर निकलना और जरूरी सामान खरीदने के लिए दूसरे इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई जगह पानी इतना अधिक है कि सुरक्षित तरीके से सड़क पार करना चुनौती बन गया है। कुछ लोगों ने पानी पार करने के लिए ट्यूब जैसे अस्थायी साधनों का सहारा लिया है।
बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है।
पानी निकालने लगाई मोटर
जलभराव से राहत देने के लिए नगर निगम ने अल्ट्राटेक के सहयोग से 60 हॉर्सपावर की मोटर लगाई है। इसके जरिए जमा पानी को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मोटर लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि पानी की निकासी के लिए पर्याप्त नाली और उचित निकास मार्ग उपलब्ध नहीं है।
नाली व्यवस्था पर सवाल
गायत्री नगर में कई दिनों तक पानी जमा रहने से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सामान्य बारिश के बाद भी पानी की निकासी में लंबा समय लगना स्थानीय बुनियादी ढांचे की समस्या को सामने लाता है।
लोगों का कहना है कि यदि स्थायी जल निकासी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो अगली तेज बारिश में फिर ऐसी ही स्थिति पैदा हो सकती है।
भारी बारिश से बिगड़े हालात
अगस्त में हुई भारी बारिश ने रीवा जिले के कई हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति पैदा कर दी थी। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रीवा जिले में भारी बारिश से करीब 250 गांव प्रभावित हुए और लगभग 5,000 मकानों पर असर पड़ा। तीन दिनों की बाढ़ के दौरान छह लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई थी।
स्थायी समाधान की मांग
गायत्री नगर के निवासी अब केवल तत्काल पानी निकासी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पर्याप्त नालियों का निर्माण और बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रभावी मार्ग तैयार किया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हर बार मोटर लगाकर पानी निकालना अस्थायी व्यवस्था है। जब तक जल निकासी की मूल समस्या दूर नहीं होगी, तब तक भारी बारिश के दौरान परेशानी दोबारा खड़ी हो सकती है।
प्रशासन के सामने चुनौती
फिलहाल नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमा पानी को जल्द हटाकर लोगों की आवाजाही सामान्य करना है। इसके साथ ही भविष्य में जलभराव रोकने के लिए क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
गायत्री नगर की स्थिति ने रीवा में शहरी जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। आठ दिन से जारी रीवा में जलभराव की समस्या से प्रभावित परिवार अब तत्काल राहत के साथ स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

