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रीवा GMH में प्रसूता और नवजात की मौत, 2 डॉक्टर व 2 नर्सिंग अफसर निलंबित; 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
रीवा (म.प्र.)
गांधी मेमोरियल अस्पताल में 26 अगस्त को हुई मौतों के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया था। सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है
गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों के इलाज में लापरवाही के आरोपों के बाद अब दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति भी बनाई गई है। मृतका की पहचान कल्पना मिश्रा, निवासी हटवा गांव, बैकुंठपुर क्षेत्र के रूप में हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह प्रसव के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती हुई थीं और 26 अगस्त को उपचार के दौरान उनकी तथा नवजात की मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्यों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित उपचार नहीं मिला। उन्होंने जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
घटना से पहले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें महिला अस्पताल में मदद की गुहार लगाती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसे घटना की चिकित्सकीय वजह का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारी निलंबित
प्रारंभिक जांच के बाद प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ड्यूटी डॉक्टर सोनल अग्रवाल और एनेस्थीसिया विभाग की डॉक्टर निधि पांडे को निलंबित किया गया है। इनके अलावा दो नर्सिंग अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। डॉक्टरों पर प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई की गई, जबकि नर्सिंग अधिकारियों पर परिजनों के साथ कथित दुर्व्यवहार के संबंध में कार्रवाई बताई गई है। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर मरीजों के उपचार में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति की अध्यक्षता डॉ. बीनू कुशवाहा, डायरेक्टर रेगुलेशन एंड पॉलिसी, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश कर रही हैं। समिति में रीवा संभाग के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. जीएस परिहार, जबलपुर के एनएससीबी मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग एवं ब्लड बैंक से जुड़े डॉ. भगवान सिंह यादव, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. श्वेता सिर्सीकर और एनएचएम मध्य प्रदेश के मातृ स्वास्थ्य विभाग के डॉ. पंकज बुधौलिया शामिल हैं। कमेटी को अपनी रिपोर्ट संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को तीन दिन के भीतर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
मौत की वजह जांच के बाद होगी स्पष्ट
मामले में मौत की वास्तविक चिकित्सकीय वजह और उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार परिजनों के अनुरोध पर महिला और नवजात का पोस्टमार्टम कराया गया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले कहा गया था कि महिला का उपचार चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया और डॉक्टरों की ओर से लापरवाही नहीं हुई। ऐसे में जांच समिति की रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। गांधी मेमोरियल अस्पताल, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है और रीवा जिला प्रशासन की वेबसाइट पर इसे संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
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