- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- विंध्य/रीवा
- जमीनी विवाद में बुजुर्ग किसान से मारपीट का आरोप, लोहे की रॉड से हमला करने व जान से मारने की धमकी का
जमीनी विवाद में बुजुर्ग किसान से मारपीट का आरोप, लोहे की रॉड से हमला करने व जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज
रीवा,(म.प्र.)
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाबूपुर में जमीनी विवाद को लेकर एक 62 वर्षीय किसान के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर गढ़ थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाबूपुर में जमीनी विवाद ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। यहां 62 वर्षीय बुजुर्ग किसान के साथ कथित मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने गढ़ थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला 29 जून 2026 का बताया जा रहा है, जब सुबह करीब 10 बजे खेत में काम के दौरान विवाद अचानक बढ़ गया और स्थिति हिंसा तक पहुंच गई। फरियादी सुरेंद्र प्रताप सिंह, पिता जागेश्वर सिंह, उम्र 62 वर्ष, निवासी ग्राम बाबूपुर अपने भतीजे रोहित सिंह के साथ थाना गढ़ पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका पीयूष सिंह के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। यह विवाद पहले भी कई बार गांव में तनाव का कारण बन चुका है, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। शिकायत के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह लगभग 10 बजे फरियादी अपने खेत की जुताई करा रहे थे। खेत में ट्रैक्टर से काम चल रहा था और कुछ मजदूर भी मौजूद थे। इसी दौरान आरोप है कि पीयूष सिंह वहां पहुंचा और अचानक गाली-गलौज करने लगा। जब किसान ने इसका विरोध किया और गाली देने से मना किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने लोहे की रॉड उठाकर हमला कर दिया, जिससे बुजुर्ग किसान को हाथ और शरीर में चोटें आईं। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और खेत में काम कर रहे लोग भी दहशत में आ गए।

पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने कहा कि “अगर दोबारा खेत में दिखे तो जान से खत्म कर देंगे।” इस कथित धमकी के बाद पीड़ित परिवार काफी डरा हुआ है और सुरक्षा की मांग कर रहा है। घटना के तुरंत बाद पीड़ित अपने परिजनों के साथ थाना पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। गढ़ थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और विवेचना शुरू कर दी गई है। मामले की जांच कार्यवाहक प्रधान आरक्षक राहुल बरसेना को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जाएगा। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चोटों की पुष्टि की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बाबूपुर गांव में जमीन को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। कृषि भूमि के सीमांकन और मालिकाना हक को लेकर छोटे-छोटे विवाद कई बार बड़े झगड़ों का रूपले लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और गांव में शांति बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि आरोपों में कोई तथ्यात्मक अंतर पाया जाता है तो उसके अनुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुलिस टीम दोनों पक्षों से लगातार पूछताछ कर रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन विवाद की गंभीरता को उजागर करती है। कृषि भूमि से जुड़े छोटे विवाद भी कई बार हिंसक रूप ले लेते हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें और खुद कोई कदम न उठाएं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
जमीनी विवाद में बुजुर्ग किसान से मारपीट का आरोप, लोहे की रॉड से हमला करने व जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज
रीवा,(म.प्र.)
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाबूपुर में जमीनी विवाद ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। यहां 62 वर्षीय बुजुर्ग किसान के साथ कथित मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने गढ़ थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला 29 जून 2026 का बताया जा रहा है, जब सुबह करीब 10 बजे खेत में काम के दौरान विवाद अचानक बढ़ गया और स्थिति हिंसा तक पहुंच गई। फरियादी सुरेंद्र प्रताप सिंह, पिता जागेश्वर सिंह, उम्र 62 वर्ष, निवासी ग्राम बाबूपुर अपने भतीजे रोहित सिंह के साथ थाना गढ़ पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका पीयूष सिंह के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। यह विवाद पहले भी कई बार गांव में तनाव का कारण बन चुका है, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। शिकायत के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह लगभग 10 बजे फरियादी अपने खेत की जुताई करा रहे थे। खेत में ट्रैक्टर से काम चल रहा था और कुछ मजदूर भी मौजूद थे। इसी दौरान आरोप है कि पीयूष सिंह वहां पहुंचा और अचानक गाली-गलौज करने लगा। जब किसान ने इसका विरोध किया और गाली देने से मना किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने लोहे की रॉड उठाकर हमला कर दिया, जिससे बुजुर्ग किसान को हाथ और शरीर में चोटें आईं। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और खेत में काम कर रहे लोग भी दहशत में आ गए।

पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने कहा कि “अगर दोबारा खेत में दिखे तो जान से खत्म कर देंगे।” इस कथित धमकी के बाद पीड़ित परिवार काफी डरा हुआ है और सुरक्षा की मांग कर रहा है। घटना के तुरंत बाद पीड़ित अपने परिजनों के साथ थाना पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। गढ़ थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और विवेचना शुरू कर दी गई है। मामले की जांच कार्यवाहक प्रधान आरक्षक राहुल बरसेना को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जाएगा। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चोटों की पुष्टि की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बाबूपुर गांव में जमीन को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। कृषि भूमि के सीमांकन और मालिकाना हक को लेकर छोटे-छोटे विवाद कई बार बड़े झगड़ों का रूपले लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और गांव में शांति बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि आरोपों में कोई तथ्यात्मक अंतर पाया जाता है तो उसके अनुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुलिस टीम दोनों पक्षों से लगातार पूछताछ कर रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन विवाद की गंभीरता को उजागर करती है। कृषि भूमि से जुड़े छोटे विवाद भी कई बार हिंसक रूप ले लेते हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें और खुद कोई कदम न उठाएं।
