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रीवा में बड़ा फर्जीवाड़ा, तालाब में दिखा दी गेहूं की फसल, पटवारी पर गिरी गाज
रीवा (म.प्र.)
रीवा पटवारी निलंबन मामला, तालाब में गेहूं दिखाने पर प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई, फर्जी फसल सत्यापन का खुलासा।
रीवा जिले की त्योंथर तहसील के ग्राम चन्दई में फसल सत्यापन से जुड़ी गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक पटवारी द्वारा तालाब और खाली जमीन पर गेहूं की फसल दर्ज करने की घटना ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया। इस मामले में संबंधित पटवारी शारदा प्रसाद तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर देर रात की गई।
गड़बड़ी का खुलासा शिकायत के बाद हुआ, जब स्थानीय स्तर पर फसल सत्यापन रिपोर्ट पर संदेह जताया गया। जांच में पाया गया कि लगभग 3000 वर्ग फीट क्षेत्र, जिसमें तालाब और बंजर जमीन शामिल थी, उसे रिकॉर्ड में गेहूं की फसल के रूप में दर्ज कर दिया गया था। यह स्पष्ट रूप से तथ्यात्मक त्रुटि ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी में लापरवाही भी मानी गई।
मौके पर निरीक्षण के बावजूद गलत रिपोर्ट
जांच अधिकारियों के अनुसार, पटवारी ने मौके पर जाकर ही रिपोर्ट तैयार की थी। इसके बावजूद वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करते हुए गलत जानकारी दर्ज की गई। इस आधार पर प्रशासन ने माना कि यह सिर्फ भूल नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता का मामला है। इसी कारण बिना किसी प्रारंभिक स्पष्टीकरण के ही उन्हें दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई।
दोबारा सत्यापन में भी नहीं किया सुधार
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दोबारा जांच कराई, लेकिन इसके बाद भी पटवारी ने अपनी रिपोर्ट में कोई बदलाव नहीं किया। यह तथ्य प्रशासन के लिए और अधिक चिंताजनक रहा। हालांकि समय रहते यह गड़बड़ी पकड़ में आ गई, जिससे संभावित आर्थिक या सरकारी लाभ उठाने की कोशिश नाकाम हो गई।
कदाचार मानते हुए की गई सख्त कार्रवाई
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित पटवारी ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में भारी लापरवाही बरती है। इसे कदाचार की श्रेणी में रखते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय त्योंथर तहसील निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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रीवा में बड़ा फर्जीवाड़ा, तालाब में दिखा दी गेहूं की फसल, पटवारी पर गिरी गाज
रीवा (म.प्र.)
रीवा जिले की त्योंथर तहसील के ग्राम चन्दई में फसल सत्यापन से जुड़ी गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक पटवारी द्वारा तालाब और खाली जमीन पर गेहूं की फसल दर्ज करने की घटना ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया। इस मामले में संबंधित पटवारी शारदा प्रसाद तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर देर रात की गई।
गड़बड़ी का खुलासा शिकायत के बाद हुआ, जब स्थानीय स्तर पर फसल सत्यापन रिपोर्ट पर संदेह जताया गया। जांच में पाया गया कि लगभग 3000 वर्ग फीट क्षेत्र, जिसमें तालाब और बंजर जमीन शामिल थी, उसे रिकॉर्ड में गेहूं की फसल के रूप में दर्ज कर दिया गया था। यह स्पष्ट रूप से तथ्यात्मक त्रुटि ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी में लापरवाही भी मानी गई।
मौके पर निरीक्षण के बावजूद गलत रिपोर्ट
जांच अधिकारियों के अनुसार, पटवारी ने मौके पर जाकर ही रिपोर्ट तैयार की थी। इसके बावजूद वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करते हुए गलत जानकारी दर्ज की गई। इस आधार पर प्रशासन ने माना कि यह सिर्फ भूल नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता का मामला है। इसी कारण बिना किसी प्रारंभिक स्पष्टीकरण के ही उन्हें दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई।
दोबारा सत्यापन में भी नहीं किया सुधार
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दोबारा जांच कराई, लेकिन इसके बाद भी पटवारी ने अपनी रिपोर्ट में कोई बदलाव नहीं किया। यह तथ्य प्रशासन के लिए और अधिक चिंताजनक रहा। हालांकि समय रहते यह गड़बड़ी पकड़ में आ गई, जिससे संभावित आर्थिक या सरकारी लाभ उठाने की कोशिश नाकाम हो गई।
कदाचार मानते हुए की गई सख्त कार्रवाई
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित पटवारी ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में भारी लापरवाही बरती है। इसे कदाचार की श्रेणी में रखते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय त्योंथर तहसील निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
