- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- विंध्य/रीवा
- इतमा फॉल में डूबे युवक का शव दो दिन बाद बरामद, एसडीईआरएफ ने तेज बहाव के बीच चलाया कठिन रेस्क्यू अभिय...
इतमा फॉल में डूबे युवक का शव दो दिन बाद बरामद, एसडीईआरएफ ने तेज बहाव के बीच चलाया कठिन रेस्क्यू अभियान
रीवा,(म.प्र.)
रीवा के इतमा फॉल में दो दिन पहले डूबे चित्रकूट निवासी 21 वर्षीय युवक का शव तेज बहाव के बीच फंसा मिला, एसडीईआरएफ ने जोखिम उठाकर बाहर निकाला।
रीवा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इतमा फॉल में दो दिन पहले डूबे युवक का शव आखिरकार मंगलवार को बरामद कर लिया गया। तेज बहाव और चट्टानों के बीच फंसे शव तक पहुंचना बेहद मुश्किल माना जा रहा था, लेकिन राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) की टीम ने कई घंटे की मशक्कत और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को बाहर निकाल लिया। इसके बाद शव को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है, वहीं इलाके में भी इस हादसे की चर्चा बनी हुई है। मृतक की पहचान सोनू खान (21 वर्ष) पिता बन्ने खान, निवासी बरगढ़, चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोनू अपने साथियों के साथ घूमने के लिए रीवा जिले के इतमा फॉल पहुंचा था। इसी दौरान वह पानी में उतर गया और अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही पलों में वह आंखों से ओझल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। शुरुआती स्तर पर स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई, लेकिन तेज धारा और गहरे पानी के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद एसडीईआरएफ की विशेष टीम को बुलाया गया, जिसने आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों के साथ खोज अभियान शुरू किया। लगातार दो दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान गोताखोरों ने फॉल के विभिन्न हिस्सों में तलाश की। पानी का स्तर अधिक होने और लगातार बहाव के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण बना रहा। कई स्थानों पर चट्टानों के बीच गहराई अधिक होने से गोताखोरों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू टीम ने मौसम और जलधारा की स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया। मंगलवार को खोज अभियान के दौरान टीम को फॉल के बीचों-बीच चट्टानों के बीच एक शव फंसा हुआ दिखाई दिया। शव जिस स्थान पर था, वहां तक पहुंचना सामान्य परिस्थितियों में लगभग असंभव माना जा रहा था। तेज बहते पानी और फिसलन भरी चट्टानों के कारण किसी भी प्रकार की जल्दबाजी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। इसके बावजूद एसडीईआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने रस्सियों, सुरक्षा बेल्ट और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से धीरे-धीरे शव तक पहुंच बनाई।
काफी प्रयासों के बाद टीम ने शव को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान पूरी सतर्कता बरती गई ताकि किसी भी जवान की जान जोखिम में न पड़े। शव बाहर लाने के बाद पुलिस ने मौके पर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आगे की वैधानिक प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है। स्थानीय लोगों ने एसडीईआरएफ की टीम के प्रयासों की सराहना की। उनका कहना था कि जिस स्थान पर शव फंसा हुआ था, वहां पहुंचना बेहद कठिन था। यदि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती तो शव को निकालना और अधिक मुश्किल हो सकता था। लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में आपदा राहत बल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। घटना के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव की पहचान होने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने की मांग की। आसपास मौजूद लोगों ने भी परिवार को सांत्वना दी। पूरे क्षेत्र में हादसे के बाद शोक का माहौल बना रहा।
इतमा फॉल रीवा जिले का प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहां बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि मानसून के दौरान यहां पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है। प्रशासन समय-समय पर लोगों से सावधानी बरतने और गहरे पानी में नहीं उतरने की अपील करता है। इसके बावजूद कई पर्यटक चेतावनी को नजरअंदाज कर जोखिम उठाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और जरूरत पड़ने पर पुलिस व होमगार्ड की तैनाती भी की जाती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में जलप्रपातों और नदी-नालों के पास विशेष सतर्कता बरतें तथा किसी भी स्थिति में तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
इतमा फॉल में डूबे युवक का शव दो दिन बाद बरामद, एसडीईआरएफ ने तेज बहाव के बीच चलाया कठिन रेस्क्यू अभियान
रीवा,(म.प्र.)
रीवा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इतमा फॉल में दो दिन पहले डूबे युवक का शव आखिरकार मंगलवार को बरामद कर लिया गया। तेज बहाव और चट्टानों के बीच फंसे शव तक पहुंचना बेहद मुश्किल माना जा रहा था, लेकिन राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) की टीम ने कई घंटे की मशक्कत और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को बाहर निकाल लिया। इसके बाद शव को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है, वहीं इलाके में भी इस हादसे की चर्चा बनी हुई है। मृतक की पहचान सोनू खान (21 वर्ष) पिता बन्ने खान, निवासी बरगढ़, चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोनू अपने साथियों के साथ घूमने के लिए रीवा जिले के इतमा फॉल पहुंचा था। इसी दौरान वह पानी में उतर गया और अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही पलों में वह आंखों से ओझल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। शुरुआती स्तर पर स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई, लेकिन तेज धारा और गहरे पानी के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद एसडीईआरएफ की विशेष टीम को बुलाया गया, जिसने आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों के साथ खोज अभियान शुरू किया। लगातार दो दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान गोताखोरों ने फॉल के विभिन्न हिस्सों में तलाश की। पानी का स्तर अधिक होने और लगातार बहाव के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण बना रहा। कई स्थानों पर चट्टानों के बीच गहराई अधिक होने से गोताखोरों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू टीम ने मौसम और जलधारा की स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया। मंगलवार को खोज अभियान के दौरान टीम को फॉल के बीचों-बीच चट्टानों के बीच एक शव फंसा हुआ दिखाई दिया। शव जिस स्थान पर था, वहां तक पहुंचना सामान्य परिस्थितियों में लगभग असंभव माना जा रहा था। तेज बहते पानी और फिसलन भरी चट्टानों के कारण किसी भी प्रकार की जल्दबाजी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। इसके बावजूद एसडीईआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने रस्सियों, सुरक्षा बेल्ट और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से धीरे-धीरे शव तक पहुंच बनाई।
काफी प्रयासों के बाद टीम ने शव को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान पूरी सतर्कता बरती गई ताकि किसी भी जवान की जान जोखिम में न पड़े। शव बाहर लाने के बाद पुलिस ने मौके पर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आगे की वैधानिक प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है। स्थानीय लोगों ने एसडीईआरएफ की टीम के प्रयासों की सराहना की। उनका कहना था कि जिस स्थान पर शव फंसा हुआ था, वहां पहुंचना बेहद कठिन था। यदि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती तो शव को निकालना और अधिक मुश्किल हो सकता था। लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में आपदा राहत बल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। घटना के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव की पहचान होने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने की मांग की। आसपास मौजूद लोगों ने भी परिवार को सांत्वना दी। पूरे क्षेत्र में हादसे के बाद शोक का माहौल बना रहा।
इतमा फॉल रीवा जिले का प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहां बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि मानसून के दौरान यहां पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है। प्रशासन समय-समय पर लोगों से सावधानी बरतने और गहरे पानी में नहीं उतरने की अपील करता है। इसके बावजूद कई पर्यटक चेतावनी को नजरअंदाज कर जोखिम उठाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और जरूरत पड़ने पर पुलिस व होमगार्ड की तैनाती भी की जाती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में जलप्रपातों और नदी-नालों के पास विशेष सतर्कता बरतें तथा किसी भी स्थिति में तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें।
